अनिलः अगला पत्र हमें आया है, पश्चिम बंगाल से रवि शंकर बसु का। वे लिखते हैं।
"टी टाइम" प्रोग्राम का ताज़ा अंक बहुत पसंद आया।
एक अध्ययन से पता चला है कि दिल्ली,कलकत्ता, कानपुर तथा हैदराबाद में वायु प्रदूषण से होने वाली मृत्युदर पिछले 3 - 4 सालों में दुगुनी हो गई है। हमारे देश में प्रदूषण के कारण हर दिन करीब 150 लोग मरते हैं और सैकड़ों लोगों को फेफड़े और हृदय की जानलेवा बीमारियां हो जाती हैं। यह बेहद शर्मिंदा वाली बात है कि वायु प्रदूषण से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का हाल बेहाल है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का वर्तमान स्तर चिंताजनक स्थिति तक पहुंच गया है और यह गैस चैंबर में रहने जैसा है। लेकिन आशा की बात यह है कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए केजरीवाल सरकार राजधानी की सड़कों पर गाड़ियों की संख्या आधा कर देने का फैसला किया है जो 1 जनवरी से लागू होगा। हालांकि प्रदूषण को रोकने के लिए चीन की राजधानी पेइचिंग में भी 2013 में इस तरह की व्यवस्था लागू की गई थी साथ ही चीन के बड़े शहरों में साइकिल का इस्तेमाल सर्वाधिक है।









