लिखते हैं कि समाचारों के बाद पेश साप्ताहिक "टी टाइम" के तहत दी गई तमाम जानकारी हर बार की तरह आज भी काफी उम्दा लगी। नेस्ले द्वारा जापान में सोने का वर्क चढ़ी चॉकलेट लॉन्च किया जाना अच्छी बात है, परन्तु आम आदमी या उपभोक्ता की पहुँच शायद ही उस तक कभी हो। आईआईटी दिल्ली के चार छात्रों द्वारा पांच गुना कम वेतन पर स्वदेशी कम्पनियों में काम करने का निर्णय क़ाबिल-ए-तारीफ़ लगा। भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक मनोज भार्गव द्वारा एक स्थिर सायकल से घर-भर की बिजली की आवश्यकताएं पूरी करने सम्बन्धी आविष्कार काफी उत्साहवर्द्धक लगा, यह निश्चित तौर पर पूरे विश्व के लिये युगान्तकरी साबित होगा। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कम करने सम-विषम नम्बरों वाली गाड़ियों का प्रयोग तथा स्टुटगार्ट, जर्मनी में उतारी जाने वाली सीडम घास वाली कार सम्बन्धी जानकारी भी काफी सूचनाप्रद लगी। रेलटेल और गूगल द्वारा भारत के चार सौ रेलवे स्टेशनों में वाई-फ़ाई सुविधा उपलब्ध कराये जाने की प्रारम्भिक योजना भी एक अच्छी ख़ुशख़बरी की बात है। खेल की ख़बरों में एएफसी द्वारा छह दोषी खिलाड़ियों को प्रतिबंधित किया जाना एक अच्छा अनुशासनात्मक कदम कहा जायेगा। हेल्थटिप्स में नींद में चलने की आदत पर भी अच्छी जानकारी दी गई। दक्षिणी चीन के सुन्दर प्रदेश हाइनान में हाईस्पीड रेल तथा विश्व की पहली राउण्ड-एबाउट ट्रेन चलाये जाने सम्बन्धी जानकारी तो ऐसी थी कि कभी दोबारा चीन जाने का मौक़ा मिला, तो वहां अवश्य जाना चाहूँगा। आज के हंसगुल्लों में -एक आइडिया, औरतों को देखने का समय तथा राजनीति के कठोर नियम आदि तीनों हंसगुल्ले एक से बढ़ कर एक थे। श्रोताओं के पत्र और सवाल-ज़वाब तो कार्यक्रम का स्थायी आकर्षण हैं ही। धन्यवाद एक अच्छी प्रस्तुति हेतु धन्यवाद।









