03-Jan-2026
31-Dec-2025
नववर्ष की पूर्व संध्या पर, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने देश की राजधानी पेइचिंग में 2026 के लिए बधाई संदेश दिया। उनके उत्साहपूर्ण और आशापूर्ण शब्दों से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को चीन की प्रगतिशील भावना, उसके फलते-फूलते विकास और उसके खुले एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण का आभास हुआ।
क्या आपको याद है वो दौर… जब भारत और चीन के बीच सिर्फ़ तल्खी और तनाव की खबरें आती थीं? पिछले पाँच साल... जी हाँ, पूरे पाँच साल हमने सरहद पर जमी उस बर्फ को देखा है, जो पिघलने का नाम ही नहीं ले रही थी। लेकिन कहते हैं न, कि वक्त हर ज़ख्म का मरहम होता है। और साल 2025 तो मानो दोनों पड़ोसियों के लिए मरहम और नई उम्मीद की किरण लेकर आया है।
दस साल पहले फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुए जलवायु समझौते की ओर नजर डालते हैं तो एक दशक की उसकी यात्रा में खट्टे-मीठे अनुभव होते हैं।
न्यूयॉर्क शहर में बेघर लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है
28 दिसंबर को, भारत के पटना में पटना रेलवे स्टेशन पर घने कोहरे की वजह से ट्रेनें लेट और कैंसिल हो गईं, और यात्री स्टेशन पर इंतज़ार करते रहे।
2026 का अश्व वर्ष नजदीक आ रहा है। चीन के जियांगसू प्रांत के लियानयुंगांग शहर के प्राथमिक स्कूल के छात्र पुराने कपड़े के टुकड़े का उपयोग करके "प्यारे घोड़े" के सजावटी सामान बना रहे हैं और अश्व वर्ष का स्वागत कर रहे हैं।
क़लम की ताक़त पर संदेह न करना, क्योंकि हर कहानी की शुरुआत और अंत इसी कलम से होता है
बेहतर के लिए प्रयास करता हूं और लगातार नए विचारों का सृजन करता हूं
बहुत सीमित हूं मैं अपने शब्दों में,लेकिन बहुत विस्तृत हूँ अपने अर्थों में
भारत में पच्चीस सालों तक रहने का एक चीनी अनुभवी
हमने अभी-अभी जिस वर्ष 2025 को विदाई दी है, वह एक असाधारण वर्ष था। राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में सीपीसी केंद्रीय समिति के मार्गदर्शन में, पार्टी और देश भर के सभी जातीय समूहों के लोगों ने कठिनाइयों को पार करते हुए आर्थिक और सामाजिक विकास के मुख्य लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की।
चीन की राजधानी पेइचिंग में हुई सेंट्रल इकोनॉमिक वर्क कॉन्फ्रेंस में चीन के नेताओं ने साल 2026 की दिशा साफ़ कर दी है। इस बैठक में 15वीं पंचवर्षीय योजना यानी 2026 से 2030 तक की तैयारी की नींव रखी गई और 2026 के लिए सरकार की प्राथमिकताएं बताई गईं। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अगुवाई में हुई इस कॉन्फ्रेंस का सीधा सा मकसद है, देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखते हुए आगे बढ़ाना और अपनी अंदरूनी ताकत बढ़ाकर बाहरी चुनौतियों से निपटना। सरकार ने साफ़ कहा है कि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए ज्यादा खर्च किया जाएगा, नीतियों में ढील दी जाएगी, नई तकनीक और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों की खरीदारी की ताकत बढ़ाने पर जोर रहेगा। इस पूरे मुद्दे पर बात करने के लिए हमारे साथ जुड़ी हैं जेएनयू की प्रोफेसर और ‘नेशन-स्टेट डायलॉग’ की फाउंडर डॉ. गीता कोछड़।
दक्षिण-पश्चिम चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश की स्थापना के 60वें वर्ष के उपलक्ष्य में, चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) एशिया-अफ्रीका केंद्र द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मीडिया गतिविधि में भारत, नेपाल, बांग्लादेश, कंबोडिया, मंगोलिया सहित विभिन्न देशों के 20 से अधिक पत्रकारों ने भाग लिया। इन पत्रकारों ने ल्हासा, शिगात्से, न्यिंगची और अली जैसे क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों, खेतों और स्थानीय समुदायों का दौरा किया। जमीनी स्तर पर की गई इस यात्रा और गहन अवलोकन के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारों ने शीत्सांग की तीव्र विकास गति को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया। उन्होंने एक नई स्फूर्ति और गतिशीलता से परिपूर्ण शीत्सांग की झलक देखी, जो इस क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती है।
1 जनवरी को सुबह लगभग 9 बजे, नेपाली कंटेनर ट्रकों का एक बेड़ा नेपाल के रसुवा सीमा चौकी से चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से स्थित चिलोंग सीमा चौकी तक अस्थायी पुल को धीरे-धीरे पार कर गया।
हाल के दिनों में दक्षिण-पश्चिमी चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के डाक प्रबंधन ब्यूरो, वाणिज्य विभाग, परिवहन विभाग और चाइना पोस्ट ग्रुप के शीत्सांग शाखा ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित कर शीत्सांग के ग्रामीण डाक एवं लॉजिस्टिक्स प्रणाली के निर्माण की स्थितियों के बारे में जानकारी दी। इस प्रेस वार्ता से पता चला है कि शीत्सांग ने ग्रामीण डाक लॉजिस्टिक्स प्रणाली के तेज़ निर्माण के लिए "डाक-एक्सप्रेस सहयोग", "यात्री-माल संयुक्त परिवहन" और "डाक-एक्सप्रेस-खुदरा सहयोग" को मुख्य मार्ग के रूप में निर्धारित किया है।
हाल ही में, चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन की राष्ट्रीय समिति की स्थायी समिति के सदस्य, चीन बौद्ध संघ के उपाध्यक्ष और चीन बौद्ध संघ के शीत्सांग (तिब्बत) शाखा के अध्यक्ष, पंचेन एर्देनी चोस-क्यी आरग्याल-पो ने दक्षिण-पश्चिम चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश का छह महीने का दौरा पूरा किया। इस दौरान, उन्होंने नियमित कर्तव्यों, बौद्ध अनुष्ठानों और सामाजिक गतिविधियों को अंजाम दिया।
दक्षिण पश्चिम चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के प्रांतीय पार्टी सचिव वांग ज्वूनचेंग के नेतृत्व में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने 21 से 25 दिसंबर तक मलेशिया और श्रीलंका की यात्रा की। इस दौरान, उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, मलेशिया के उप प्रधानमंत्री अहमद जाहिद बिन हमिदी, मलेशिया की संसद के निचले सदन के अध्यक्ष जोहारी अब्दुल और श्रीलंका की पीपल्स लिबरेशन फ्रंट के महासचिव तिलविन सिल्वा सहित दोनों देशों के प्रमुख राजनीतिक नेताओं से भेंट की।