हाल के दिनों में भारत में नीट पेपर लीक और सीबीएसई बोर्ड में हुई गड़बड़ी के बीच चीन में भी एक बड़ी देशव्यापी परीक्षा का आयोजन हुआ है।हालांकि भारत के उलट चीनी कॉलेज एंट्रेस एग्जाम यानी ‘काओ खाओ’ 7-8 जून को सुरक्षा इंतजामों के साथ सफलता से संपन्न हुआ।
चीन में सबसे पहले औद्योगीकरण हासिल करने वाले क्षेत्रों में से एक उत्तर-पूर्वी चीन में आज भी अतीत की झलक दिखती है।
चीन विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में रोजाना नित नए प्रयोग कर रहा है। चीन में हो रहे नवाचार से दुनिया अचंभित है। चीनी रोबोट ने हाल में पेइचिंग मैराथन में इंसानों को पछाड़कर इतिहास रचा।
चीनी पर्यटक राजस्थान के बारे में बहुत रुचि रखते हैं, हालांकि हाल के वर्षों में वीज़ा आदि कारणों से बहुत कम लोग राजस्थान जा सके हैं। चीनी पर्यटकों को फिर से आकर्षित करने के लिए राजस्थान सरकार ने चीन के पेइचिंग और शांगहाई में कार्यक्रम आयोजित किए।
चीन में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान टूरिज़्म रोड शो का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को राजधानी पेइचिंग स्थित भारतीय दूतावास में हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की।
चीन के दक्षिण पश्चिम में स्थित विश्व की छत और धरती का तीसरा ध्रुव कहे जाने वाले शीत्सांग का नाम सुनकर ही रोमांच पैदा होता है।
चीन में सबसे पहले औद्योगीकरण हासिल करने वाले क्षेत्रों में से एक उत्तर-पूर्वी चीन में आज भी अतीत की झलक दिखती है। लियाओनिंग प्रांत की राजधानी शेनयांग से 45 किमी. दूर फुशुन कस्बे में एक ऐतिहासिक विरासत मौजूद है, जो कभी एशिया की सबसे बड़ी ओपन पिट कोयला खदान के तौर पर प्रसिद्ध थी। इसे चीन में हुए औद्योगीकरण का प्रतीक माना जाता है। आज यह म्यूज़ियम का रूप ले चुका है, और पर्यटक यहां पहुंचकर चीन में उद्योगों के विकास के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके साथ ही इस इलाके में पर्यावरण संरक्षण के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। क्योंकि यह पूरा क्षेत्र राष्ट्रीय खदान पार्क के रूप में विकसित हो रहा है। हाल के दिनों में मुझे फुशुन काउंटी की इस खदान को नजदीक से देखने और जानने का अवसर मिला। इसे देखकर कहा जा सकता है कि चीन में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण का संतुलन किस तरह बिठाया जा रहा है। प्रस्तुति- Anil Pandey
आज चीन में पूरी परिवहन व्यवस्था बदल चुकी है, खासकर हाई-स्पीड रेल नेटवर्क ने शहरों के बीच दूरी बेहद कम कर दी है। मसलन पेइचिंग और शांगहाई की दूरी करीब 1,318 किमी. है, हाई-स्पीड ट्रेन के जरिए यह सिर्फ 4:30 घंटे से 5 घंटे के बीच में पूरी हो जाती है।
चीन एक बड़ी जनसंख्या वाला देश है, इसके बावजूद चीन में आम लोगों को अच्छी और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। हालांकि इसमें सुधार की गुंजाइश नजर आती है, खासतौर पर शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में अंतर दिखता है।
रोबोट निर्माण और विकास में चीन आज बहुत तरक्की कर चुका है। हाल में वसंत त्यौहार(चीनी नव वर्ष) के दौरान चीन ने ऐसे रोबोट पेश किए, जो बड़ी कुशलता से कुंगफू करने में सक्षम हैं।
चीन ने पिछले कई वर्षों से तकनीक के विकास में बहुत ध्यान दिया है, जिसके चलते वह विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बात स्पेस कंप्यूटिंग इंडस्ट्री की करें तो इसके विकास के लिए चीन में एक नीति बनाने पर काम हो रहा है।
चीन की राजधानी पेइचिंग में दो सत्रों (एनपीसी और सीपीपीसीसी) का आयोजन हो रहा है। साल के सबसे महत्वपूर्ण इस आयोजन को लेकर पूरी दुनिया का ध्यान केंद्रित हुआ है। इस दौरान CGTN Hindi के संवाददाता Anil Pandey ने भारत के वरिष्ठ पत्रकार सीताराम मेवाती के साथ खास इंटरव्यू किया। चीन व अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर गहरी नजर रखने वाले सीताराम कहते हैं कि इन दो सत्रों में बनने वाली नीतियों और योजनाओं से चीन प्रगति के मार्ग आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही वे चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना को लेकर भी बहुत आशावान हैं। उनके मुताबिक चीन विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की दिशा में बहुत काम कर रहा है। इससे दुनिया को नए अवसर मिलेंगे न कि लोगों के रोजगार को खतरा होगा। विस्तार से जानने के लिए देखिए वीडियो इंटरव्यू......