चीन में आजकल राष्ट्रीय दिवस के मौके पर हर जगह उत्सव जैसा माहौल है। इस दौरान चीनी नागरिकों में देशभक्ति की गहरी भावना महसूस की जा सकती है।
चीन आजकल राष्ट्रीय दिवस का जश्न मना रहा है, और चीनी नागरिक देशभक्ति के रंग में डूबे हुए हैं। इस दौरान पूरे देश में एक सप्ताह से अधिक की छुट्टियां हैं, जिसे गोल्डन वीक भी कहा जाता है।
हाल में चीन के शांगहाई में वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता का सफल आयोजन हुआ, जिसमें भारत समेत कई देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी इन दिनों जापान में हैं। उन्होंने न केवल जापानी टीम के साथ मैच खेला, बल्कि एशियन गेम्स में भी शिरकत कर रहे हैं। टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारतीय टीम को जापान को हराने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
भारतीय क्रिकेट टीम आजकल जापान में है। इससे पहले शायद आपने कभी सुना होगा कि इंडिया के क्रिकेट खिलाड़ी जापान गए हों। लेकिन इस बार ऐसा हुआ है, और उन्होंने वहां जाकर जापान के साथ एक मैच भी खेला।
चीन की राजधानी पेइचिंग में रहने वाले भारतीय लोगों ने पिछले दिनों गणपति उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया।
चीन की राजधानी पेइचिंग में 19 सितंबर को मराठी मित्रमंडल द्वारा गणपति उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
चीन एआई और तकनीक के फील्ड में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। चीन में हो रहे नवाचार और शोधकार्यों का नतीजा यह हुआ कि चीन ने स्मार्ट और दुनिया को चौकाने वाले ह्यूमॉनइड रोबोट तैयार किए हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई। सात साल में यह शी की पहली भारत यात्रा थी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के साथ-साथ ग्लोबल साउथ (वैश्विक दक्षिण) के देशों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती प्रदान करेगी। चीन ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन का पूरा समर्थन किया। दोनों नेताओं ने सीमा मुद्दों सहित विभिन्न मतभेदों को बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से हल करने पर सहमति जताई। यह मुलाकात बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने और एकपक्षवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश है, जिससे वैश्विक चुनौतियों से निपटने में नई ऊर्जा मिलेगी।
भारत में आयोजित 18वां ब्रिक्स सम्मेलन सफलता से संपन्न हो गया है,जिसमें कई देशों के राष्ट्र प्रमुखों और नेताओं ने शिरकत की। जो ब्रिक्स देशों के बीच आपसी सहयोग और तालमेल का भी प्रतीक रहा। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश-दुनिया की मीडिया की नजर रही। इन तीनों नेताओं को एक मंच और एक साथ देखना सुखद रहा, इससे ग्लोबल साउथ की बढ़ती ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस व सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदि की मौजूदगी से ब्रिक्स देशों के बीच एकजुटता नजर आयी। जबकि संयुक्त घोषणा पत्र ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।
दिल्ली में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग व भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भेंट को जानकार द्विपक्षीय संबंध बेहतर होने की दिशा में अहम कदम मान रहे हैं।
भारतीय वैश्विक परिषद (आईसीडब्ल्यूए) के सीनियर फेलो फज्ज़ुर रहमान सिद्दीकी ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत और चीन दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से एक बड़ा मौका हो सकता है।