चीन में सबसे पहले औद्योगीकरण हासिल करने वाले क्षेत्रों में से एक उत्तर-पूर्वी चीन में आज भी अतीत की झलक दिखती है। लियाओनिंग प्रांत की राजधानी शेनयांग से 45 किमी. दूर फुशुन कस्बे में एक ऐतिहासिक विरासत मौजूद है, जो कभी एशिया की सबसे बड़ी ओपन पिट कोयला खदान के तौर पर प्रसिद्ध थी। इसे चीन में हुए औद्योगीकरण का प्रतीक माना जाता है। आज यह म्यूज़ियम का रूप ले चुका है, और पर्यटक यहां पहुंचकर चीन में उद्योगों के विकास के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके साथ ही इस इलाके में पर्यावरण संरक्षण के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। क्योंकि यह पूरा क्षेत्र राष्ट्रीय खदान पार्क के रूप में विकसित हो रहा है। हाल के दिनों में मुझे फुशुन काउंटी की इस खदान को नजदीक से देखने और जानने का अवसर मिला। इसे देखकर कहा जा सकता है कि चीन में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण का संतुलन किस तरह बिठाया जा रहा है। प्रस्तुति- Anil Pandey
आज चीन में पूरी परिवहन व्यवस्था बदल चुकी है, खासकर हाई-स्पीड रेल नेटवर्क ने शहरों के बीच दूरी बेहद कम कर दी है। मसलन पेइचिंग और शांगहाई की दूरी करीब 1,318 किमी. है, हाई-स्पीड ट्रेन के जरिए यह सिर्फ 4:30 घंटे से 5 घंटे के बीच में पूरी हो जाती है।
चीन एक बड़ी जनसंख्या वाला देश है, इसके बावजूद चीन में आम लोगों को अच्छी और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। हालांकि इसमें सुधार की गुंजाइश नजर आती है, खासतौर पर शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में अंतर दिखता है।
रोबोट निर्माण और विकास में चीन आज बहुत तरक्की कर चुका है। हाल में वसंत त्यौहार(चीनी नव वर्ष) के दौरान चीन ने ऐसे रोबोट पेश किए, जो बड़ी कुशलता से कुंगफू करने में सक्षम हैं।
चीन ने पिछले कई वर्षों से तकनीक के विकास में बहुत ध्यान दिया है, जिसके चलते वह विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बात स्पेस कंप्यूटिंग इंडस्ट्री की करें तो इसके विकास के लिए चीन में एक नीति बनाने पर काम हो रहा है।
चीन की राजधानी पेइचिंग में दो सत्रों (एनपीसी और सीपीपीसीसी) का आयोजन हो रहा है। साल के सबसे महत्वपूर्ण इस आयोजन को लेकर पूरी दुनिया का ध्यान केंद्रित हुआ है। इस दौरान CGTN Hindi के संवाददाता Anil Pandey ने भारत के वरिष्ठ पत्रकार सीताराम मेवाती के साथ खास इंटरव्यू किया। चीन व अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर गहरी नजर रखने वाले सीताराम कहते हैं कि इन दो सत्रों में बनने वाली नीतियों और योजनाओं से चीन प्रगति के मार्ग आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही वे चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना को लेकर भी बहुत आशावान हैं। उनके मुताबिक चीन विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की दिशा में बहुत काम कर रहा है। इससे दुनिया को नए अवसर मिलेंगे न कि लोगों के रोजगार को खतरा होगा। विस्तार से जानने के लिए देखिए वीडियो इंटरव्यू......
चीन तकनीक के क्षेत्र में लगातार उन्नति कर रहा है, एआई के उद्भव से चीन की गति और तेज हो गई है। एआई का जिस तरह से आगमन हुआ है, उसे देखते हुए हर देश आगे बढ़कर इस दिशा में काम करना चाहता है।
चीन में नागरिकों के अच्छे स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान दिया जाता है। इस दौरान सरकार द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों से चीनी लोगों के स्वास्थ्य स्तर में काफी सुधार देखा गया है।
वर्तमान में, चीनी नागरिक अपने स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान दे रहे हैं। चीन सरकार की ओर से भी लोगों को हेल्थ के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाते हैं। ऐसे में चीनी लोगों में थाई ची के साथ-साथ योग बहुत लोकप्रिय हो चुका है।
चीन में पिछले कुछ वर्षों से योग काफी लोकप्रिय हो चुका है। यहां के नागरिक शारीरिक रूप से फिट रहने और मन की शांति के लिए योग को अपना रहे हैं।
चीन नवाचार और हरित उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। इसके लिए देश में अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और नया ग्रोथ इंजन बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
वर्तमान में इंटरनेट और सोशल मीडिया के बिना शायद ही लोगों की दिनचर्या आगे बढ़ पाती है। सूचना हासिल करने से लेकर मनोरंजन आदि तक इंटरनेट के कई रूप हैं। कहने में कोई दोराय नहीं है कि इंटरनेट आज हमारी लाइफ से गहराई से जुड़ गया है।