चीन की राजधानी पेइचिंग में दो सत्रों (एनपीसी और सीपीपीसीसी) का आयोजन हो रहा है। साल के सबसे महत्वपूर्ण इस आयोजन को लेकर पूरी दुनिया का ध्यान केंद्रित हुआ है। इस दौरान CGTN Hindi के संवाददाता Anil Pandey ने भारत के वरिष्ठ पत्रकार सीताराम मेवाती के साथ खास इंटरव्यू किया। चीन व अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर गहरी नजर रखने वाले सीताराम कहते हैं कि इन दो सत्रों में बनने वाली नीतियों और योजनाओं से चीन प्रगति के मार्ग आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही वे चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना को लेकर भी बहुत आशावान हैं। उनके मुताबिक चीन विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की दिशा में बहुत काम कर रहा है। इससे दुनिया को नए अवसर मिलेंगे न कि लोगों के रोजगार को खतरा होगा। विस्तार से जानने के लिए देखिए वीडियो इंटरव्यू......
चीन तकनीक के क्षेत्र में लगातार उन्नति कर रहा है, एआई के उद्भव से चीन की गति और तेज हो गई है। एआई का जिस तरह से आगमन हुआ है, उसे देखते हुए हर देश आगे बढ़कर इस दिशा में काम करना चाहता है।
चीन में नागरिकों के अच्छे स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान दिया जाता है। इस दौरान सरकार द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों से चीनी लोगों के स्वास्थ्य स्तर में काफी सुधार देखा गया है।
वर्तमान में, चीनी नागरिक अपने स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान दे रहे हैं। चीन सरकार की ओर से भी लोगों को हेल्थ के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाते हैं। ऐसे में चीनी लोगों में थाई ची के साथ-साथ योग बहुत लोकप्रिय हो चुका है।
चीन में पिछले कुछ वर्षों से योग काफी लोकप्रिय हो चुका है। यहां के नागरिक शारीरिक रूप से फिट रहने और मन की शांति के लिए योग को अपना रहे हैं।
चीन नवाचार और हरित उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। इसके लिए देश में अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और नया ग्रोथ इंजन बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
वर्तमान में इंटरनेट और सोशल मीडिया के बिना शायद ही लोगों की दिनचर्या आगे बढ़ पाती है। सूचना हासिल करने से लेकर मनोरंजन आदि तक इंटरनेट के कई रूप हैं। कहने में कोई दोराय नहीं है कि इंटरनेट आज हमारी लाइफ से गहराई से जुड़ गया है।
आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो चुकी है। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जिस तरह से एआई का इस्तेमाल बढ़ रहा है, उसे देखते हुए भविष्य और भी उम्मीद से भरा लग रहा है।
"बेल्ट एंड रोड" पहल (बीआरआई) का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा शुरू की गयी इस महत्वाकांक्षी पहल में कई देश शामिल हो चुके हैं, जबकि दूसरे देश भी भागीदार बनने के इच्छुक हैं।
दुनिया में जलवायु परिवर्तन की समस्या गंभीर होती जा रही है। जिसके कारण विश्व के तमाम क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा की घटनाएं आम हो गयी हैं। इससे निपटने के लिए हर देश को अपनी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है।
चीन में हाल के दशकों में लोगों के जीवन स्तर में काफी सुधार आया है, वे न केवल खुशहाल और सुरक्षित हैं, बल्कि जीवन का आनंद भी उठा रहे हैं। अगर उम्रदराज यानी बुजुर्ग नागरिकों की बात करें तो रिटायरमेंट के बाद उनका गोल्डर सफर शुरू होता है।