चीन लगातार पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान दे रहा है, इसके साथ ही हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए भी चीन काम कर रहा है। इससे पता चलता है कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए वह अपनी भूमिका निभा रहा है।
चीन के शानतोंग प्रांत के छ्वीफू में चीन के महान विचारक और दार्शनिक कंफ्यूशियस की विशाल मूर्ति बनायी गयी है। यह मूर्ति 72 मीटर है, जो दुनिया में कंफ्यूशियस की सबसे ऊंची मूर्ति है। इसकी ऊंचाई उनके 72 शिष्यों के सम्मान में इतनी रखी गयी है। इस जगह पर दुनिया भर से लोग पहुंचते हैं, पूरा इलाका उनके विचारों और कहानियों से प्रभावित है।
चीन में बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाता है। सरकार द्वारा समय-समय पर विभिन्न योजनाएं चलाई जाती हैं। इसके कारण चीन में नौनिहालों का जीवन बहुत आरामदायक और अच्छा बीतता है।
चीन सहित विश्व के कई देश प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे हैं। अक्सर तूफान, भारी बारिश और बाढ़ की चुनौती खड़ी रहती है। जिसके कारण जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
चीन ने हाल के वर्षों में भले ही तेजी से विकास किया हो, लेकिन उसका ध्यान संतुलित और गुणवत्तापूर्ण विकास से हटा नहीं है। लगातार देश की प्रगति और जनकेंद्रित योजनाओं पर फोकस किया जा रहा है।
चीन ने हाल के वर्षों में हर क्षेत्र में जो विकास किया है, वह देखने लायक है। विशेष रूप से तकनीक और एआई में चीन की भूमिका काफी अहम हो गयी है।
फास्ट फूड और बर्गर प्रेमियों के लिए पेइचिंग के पश्चिमी हिस्से में स्थित शचिंगशान जिले में हाल में एक हैमबर्गर फेस्टिवल का आयोजन हुआ।
साल 1921 में कुछ दर्जन सदस्यों वाली एक छोटी सी पार्टी आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है, जबकि चीन एक गरीब और पिछड़े देश से खुशहाल और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। हाल के दशकों में चीन ने करोड़ों लोगों को गरीबी के चंगुल से मुक्त कराया और अत्यधिक गरीबी को भी खत्म करने में कामयाबी हासिल की। इतना ही नहीं चीन ने संयुक्त राष्ट्र के गरीबी उन्मूलन संबंधी सतत विकास लक्ष्य को समय से कई वर्ष पहले पूरा कर लिया है।
चीन में आमतौर पर लोग घूमना बहुत पसंद करते हैं, और परिवहन व्यवस्था सुगम होने के कारण उन्हें एक शहर से दूसरे शहर जाने में बड़ी आसानी होती है।
चीन की राजधानी पेइचिंग के पश्चिमी हिस्से में स्थित सौ साल पुरानी एक स्टील मिल आज एक सांस्कृतिक और खेल केंद्र का रूप ले चुकी है।
चीनी नागरिकों का जीवन खुशहाल हो रहा है, पिछले कुछ दशकों में करोड़ों लोगों को गरीबी के चंगुल से मुक्त कराया गया है। लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं।
हाल के दिनों में भारत में नीट पेपर लीक और सीबीएसई बोर्ड में हुई गड़बड़ी के बीच चीन में भी एक बड़ी देशव्यापी परीक्षा का आयोजन हुआ है।हालांकि भारत के उलट चीनी कॉलेज एंट्रेस एग्जाम यानी ‘काओ खाओ’ 7-8 जून को सुरक्षा इंतजामों के साथ सफलता से संपन्न हुआ।