ये तस्वीरें शनिवार को दक्षिण-पश्चिमी चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से शहर में ली गई हैं। फोटो में शिगात्से शहर में स्थित बाइखुत्सो झील के आकर्षक शीतकालीन नज़ारों को कैद किया गया है। बाइखुत्सो झील, जो शीत्सांग के शिगात्से शहर के ग्यिरोंग और न्यालम काउंटियों की सीमा पर स्थित है, माउंट एवरेस्ट प्राकृतिक रिज़र्व में सबसे बड़ी अंतर्देशीय झील है। यह लगभग 300 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली है और समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 4,590 मीटर है। सर्दियों के इस मौसम में, झील का नीला जल और आसपास के बर्फ से ढके ऊंचे पहाड़ एक मनोरम प्राकृतिक चित्र प्रस्तुत करते हैं, जो पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अद्भुत दृश्यावली बनाते हैं। यह दृश्य शीत्सांग के प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण की एक झलक प्रदान करता है।
शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के वाणिज्य ब्यूरो से मिली ख़बर के अनुसार 14वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के दौरान शीत्सांग में सीमा व्यापार और रसद में तेजी आई।
दक्षिण-पश्चिम चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश की स्थापना के 60वें वर्ष के उपलक्ष्य में, चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) एशिया-अफ्रीका केंद्र द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मीडिया गतिविधि में भारत, नेपाल, बांग्लादेश, कंबोडिया, मंगोलिया सहित विभिन्न देशों के 20 से अधिक पत्रकारों ने भाग लिया। इन पत्रकारों ने ल्हासा, शिगात्से, न्यिंगची और अली जैसे क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों, खेतों और स्थानीय समुदायों का दौरा किया। जमीनी स्तर पर की गई इस यात्रा और गहन अवलोकन के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारों ने शीत्सांग की तीव्र विकास गति को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया। उन्होंने एक नई स्फूर्ति और गतिशीलता से परिपूर्ण शीत्सांग की झलक देखी, जो इस क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती है।
1 जनवरी को सुबह लगभग 9 बजे, नेपाली कंटेनर ट्रकों का एक बेड़ा नेपाल के रसुवा सीमा चौकी से चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से स्थित चिलोंग सीमा चौकी तक अस्थायी पुल को धीरे-धीरे पार कर गया।
हाल के दिनों में दक्षिण-पश्चिमी चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के डाक प्रबंधन ब्यूरो, वाणिज्य विभाग, परिवहन विभाग और चाइना पोस्ट ग्रुप के शीत्सांग शाखा ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित कर शीत्सांग के ग्रामीण डाक एवं लॉजिस्टिक्स प्रणाली के निर्माण की स्थितियों के बारे में जानकारी दी। इस प्रेस वार्ता से पता चला है कि शीत्सांग ने ग्रामीण डाक लॉजिस्टिक्स प्रणाली के तेज़ निर्माण के लिए "डाक-एक्सप्रेस सहयोग", "यात्री-माल संयुक्त परिवहन" और "डाक-एक्सप्रेस-खुदरा सहयोग" को मुख्य मार्ग के रूप में निर्धारित किया है।
हाल ही में, चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन की राष्ट्रीय समिति की स्थायी समिति के सदस्य, चीन बौद्ध संघ के उपाध्यक्ष और चीन बौद्ध संघ के शीत्सांग (तिब्बत) शाखा के अध्यक्ष, पंचेन एर्देनी चोस-क्यी आरग्याल-पो ने दक्षिण-पश्चिम चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश का छह महीने का दौरा पूरा किया। इस दौरान, उन्होंने नियमित कर्तव्यों, बौद्ध अनुष्ठानों और सामाजिक गतिविधियों को अंजाम दिया।
दक्षिण पश्चिम चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के प्रांतीय पार्टी सचिव वांग ज्वूनचेंग के नेतृत्व में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने 21 से 25 दिसंबर तक मलेशिया और श्रीलंका की यात्रा की। इस दौरान, उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, मलेशिया के उप प्रधानमंत्री अहमद जाहिद बिन हमिदी, मलेशिया की संसद के निचले सदन के अध्यक्ष जोहारी अब्दुल और श्रीलंका की पीपल्स लिबरेशन फ्रंट के महासचिव तिलविन सिल्वा सहित दोनों देशों के प्रमुख राजनीतिक नेताओं से भेंट की।
हाल ही में, चीन के शीत्सांग (तिब्बत)स्वायत्त प्रदेश के विदेश आर्थिक एवं व्यापार संघ के एक प्रतिनिधि मंडल ने स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में एक सफल आर्थिक और व्यापारिक सिफारिश विनिमय बैठक आयोजित की। स्विट्जरलैंड में चीनी राजदूत छ्यान मिनच्यान, ज्यूरिख और लिक्टेंस्टीन में चीनी काउंसल जनरल छेन युन सहित चीन और स्विट्जरलैंड के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 200 प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।
वर्ष 2025 तक, इस कंपनी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले छिंगहाई-तिब्बत पठार रेलवे नेटवर्क की परिचालन लंबाई 4,060 किलोमीटर से अधिक हो गई।
"14वीं पंचवर्षीय योजना" (2021-2025) की शुरुआत से ही, शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश ने व्यवस्थित रूप से 42 सक्रिय पुरातात्विक उत्खनन परियोजनाएं और 200 से अधिक बड़े पैमाने पर अवसंरचनात्मक पुरातात्विक सर्वेक्षण किए हैं।
शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के कृषि एवं ग्रामीण मामलों के विभाग ने बताया कि "14वीं पंचवर्षीय योजना" (2021-2025) की शुरुआत से अब तक, पूरे प्रदेश में कुल 1,000 "सुंदर पठारी गांवों" की निर्माण परियोजनाएँ कार्यान्वित की गई हैं। इनमें से 838 गांवों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
20 दिसंबर को ल्हासा में ल्हालू आर्द्रभूमि राष्ट्रीय प्रकृति रिजर्व को विश्व रिकॉर्ड प्रमाणन एजेंसी (डब्ल्यूआरसीए) द्वारा "विश्व की सबसे अधिक ऊंचाई पर शहरी प्राकृतिक आर्द्रभूमि" के रूप में प्रमाणित किया गया।