दशहरा पर श्रद्धालुओं ने दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया

भारत में 21 अक्टूबर 2026 को दुर्गा पूजा के अंतिम दिन विजय दशमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने दुर्गा देवी की प्रतिमाओं को नहरों और कृत्रिम तालाबों में विसर्जित किया। यह अनुष्ठान देवी को भावभीनी विदाई देने के रूप में किया गया। दुर्गा पूजा के दौरान पूरे देश में विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में भव्य पंडाल सजाए जाते हैं और नौ दिनों तक देवी की आराधना की जाती है। विजय दशमी के दिन श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रतिमाओं को जुलूस के रूप में ले जाकर विसर्जित करते हैं। इस अवसर पर भक्तों ने कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और वे अगले वर्ष फिर देवी के स्वागत की प्रतीक्षा करेंगे।

22-Oct-2026
चीन: बहु-देशीय विवाह में पूर्वी रोमांस का अनुभव

20 अक्तूबर को चीन के चच्यांग प्रांत के लानशी शहर के योफू प्राचीन नगर में एक बहु-देशीय चीनी शैली वाले जल विवाह समारोह ने ध्यान और आशीर्वाद आकर्षित किया। लानशी की युवती वांग यिंग और ब्रिटिश दूल्हे रॉबर्ट मेयो विवाह नौका पर सवार होकर पानी पर चले आए और दक्षिण चीन की पारंपरिक विवाह प्रथाओं का गहराई से अनुभव किया। नदी के किनारे खड़े पर्यटकों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। दूर से आए ब्रिटिश पक्ष के रिश्तेदारों ने भी चीनी शैली की रस्मों का अनुभव किया। यह पहाड़ों और समुद्रों को पार करने वाला रोमांटिक आयोजन चीन-ब्रिटेन लोक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक जीवंत माध्यम बन गया।

21-Oct-2026
वडोदरा में नवरात्रि का भव्य आयोजन: 50,000 से अधिक लोगों ने एक साथ किया गरबा नृत्य

19 अक्तूबर को गुजरात के वडोदरा में नवरात्रि उत्सव के दौरान 50,000 से अधिक लोग एक साथ गरबा नृत्य करते हुए नजर आए। यह भव्य आयोजन 2026 बड़ौदा यूनाइटेड वे गरबा महोत्सव के अंतर्गत हुआ। गुजरात राज्य के सबसे बड़े नवरात्रि समारोहों में से एक माने जाने वाले इस वार्षिक उत्सव में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा धारण की और मंच के केंद्र में बैठे संगीतकारों की लाइव प्रस्तुति के साथ नृत्य किया। आयोजन स्थल पर दर्शकों के लिए बने बैठक क्षेत्र भी पूरी तरह भरे रहे। गरबा गुजरात का पारंपरिक लोक नृत्य है, जो देवी दुर्गा की स्तुति में किया जाता है। यह नौ रातों तक चलने वाले हिंदू त्योहार नवरात्रि का केंद्रीय आकर्षण है। इस अवसर पर पारंपरिक संगीत, नृत्य और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि को प्रदर्शित करता है।

21-Oct-2026
चीन के शानडोंग में 18वें लौकी कला एवं संस्कृति महोत्सव का शुभारंभ

19 अक्टूबर 2026 को चीन के शानडोंग प्रांत के लियाओछंग में 18वें ज्यांगबे शुइछंग (लियाओछंग) लौकी कला एवं संस्कृति महोत्सव का शुभारंभ वाटर टाउन में हुआ। इस महोत्सव में लौकी शिल्प प्रतियोगिता, लौकी सांस्कृतिक सृजन प्रतियोगिता तथा लौकी कृषि कौशल प्रतियोगिता जैसी कई लोक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई हैं। प्राचीन नगर की गलियों में लगभग दो हज़ार प्रदर्शनी एवं बिक्री स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ देशभर के कारीगर ताप-चित्रण (पायरोग्राफी), नक्काशी और रंग-चित्रण जैसी पारंपरिक अमूर्त सांस्कृतिक विरासत कलाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। विविध आकृतियों वाली कला-लौकियाँ एक साथ प्रदर्शित की गई हैं, जिन्हें देखने और खरीदने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं। इस आयोजन से राष्ट्रीय स्तर की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत 'दोंगछांग लौकी नक्काशी' को पर्यटन उद्योग श्रृंखला में गहराई से जोड़ा जा रहा है, जिससे उपभोग की जीवंतता प्रभावी रूप से बढ़ रही है।

20-Oct-2026
और देखें