16 सितंबर को, चीन के हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र की सरकार ने "आर्थिक और सामाजिक विकास की पहली पंचवर्षीय योजना (2026-2030)" जारी की। यह हांगकांग की पहली समग्र शीर्ष-स्तरीय डिज़ाइन है, जो "एक देश, दो व्यावस्थाओं" के अभ्यास को गहराई से आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
कई विदेशी पाठक जब चीनी विश्वविद्यालयों के बारे में सोचते हैं, तो अक्सर उनके मन में छात्रों की बड़ी संख्या, कड़ी प्रतिस्पर्धा और विशाल परिसरों की छवि बनती है।
नए चीन की स्थापना के बाद से पहली बड़ी नहर(पिंगलू नहर) जो नदी को समुद्र से जोड़ती है 16 सितंबर को आधिकारिक रूप से परिचालन में आ गई। यह 134.2 किलोमीटर लंबा और कुल 72.7 अरब युआन के निवेश वाला 'स्वर्णिम गलियारा' न केवल दक्षिण-पश्चिम चीन के समुद्र तक पहुंचने के लिए चक्कर लगाने के इतिहास को बदलता है, बल्कि चीन-आसियान सहयोग में मजबूत नई गति का संचार भी करता है।
चीन एआई और तकनीक के फील्ड में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। चीन में हो रहे नवाचार और शोधकार्यों का नतीजा यह हुआ कि चीन ने स्मार्ट और दुनिया को चौकाने वाले ह्यूमॉनइड रोबोट तैयार किए हैं।
ब्रिक्स देशों के नेताओं का 18वां शिखर सम्मेलन हाल ही में भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया गया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सम्मेलन में भाग लिया और एक महत्वपूर्ण भाषण दिया, जिसमें उन्होंने ब्रिक्स देशों से 'चार अग्रणी' बनने का आह्वान किया, साथ ही वैश्विक दक्षिण की ताकत को मजबूत करने के लिए चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे, और ब्रिक्स सहयोग को गहरा करने के लिए पांच पहलें प्रस्तुत कीं। यह 'बृहत् ब्रिक्स सहयोग' के उच्च गुणवत्ता वाले विकास का नेतृत्व करने की चीन की जिम्मेदारी को दर्शाता है। चीनी राष्ट्रपति शी ने यह भी घोषणा की कि चीन अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा और ब्रिक्स देशों के नेताओं का 19वां शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा, जिससे भाग लेने वाले सभी देशों में व्यापक उत्साह पैदा हुआ।
चीन में एक भारतीय पत्रकार के रूप में भारत-चीन सम्बंधों और बदलती विश्व व्यवस्था को देखते हुए ब्रिक्स का विस्तार एक दिलचस्प सवाल खड़ा करता है,- क्या यह मंच केवल उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, या भारत और चीन जैसे देशों के लिए वैश्विक दक्षिण की भूमिका को नए सिरे से परिभाषित करने का अवसर भी है?
13 सितंबर 2026 को 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के समूह ब्रिक्स ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में अपने 18वें वार्षिक शिखर सम्मेलन का समापन किया।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई। सात साल में यह शी की पहली भारत यात्रा थी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के साथ-साथ ग्लोबल साउथ (वैश्विक दक्षिण) के देशों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती प्रदान करेगी। चीन ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन का पूरा समर्थन किया। दोनों नेताओं ने सीमा मुद्दों सहित विभिन्न मतभेदों को बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से हल करने पर सहमति जताई। यह मुलाकात बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने और एकपक्षवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश है, जिससे वैश्विक चुनौतियों से निपटने में नई ऊर्जा मिलेगी।
2026 चीन अंतर्राष्ट्रीय सेवा व्यापार मेला हाल ही में पेइचिंग में संपन्न हुआ। 90 देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने प्रदर्शनी लगाई, 400 से अधिक फॉर्च्यून 500 और उद्योग की अग्रणी कंपनियों ने भाग लिया, और 1200 से अधिक परिणाम हासिल किए गए। GE हेल्थकेयर के चीन-निर्मित उच्च-स्तरीय इमेजिंग उपकरणों से लेकर श्नाइडर इलेक्ट्रिक की वन-स्टॉप सेवा नवाचार और KPMG के डिजिटल समाधानों तक, "चीन सेवा व्यापार" उन्नयन और गुणवत्ता सुधार के नए रुख के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर रही है।