पेइचिंग में ह्यूमनॉइड रोबोट मैराथन: एआई क्रांति की रफ्तार का सजीव प्रदर्शन

एक ठंडी रविवार सुबह, चीन की राजधानी पेइचिंग के दक्षिण-पूर्वी इलाके में स्टार्टिंग गन की आवाज़ गूंजी। सौ से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट दौड़ते हुए स्टार्टिंग लाइन के पार चले गए। यह नज़ारा अब नया नहीं रहा, क्योंकि पिछले वर्ष भी ऐसी ही आधी मैराथन आयोजित की गई थी। लेकिन इस बार इन मशीनों के सामने केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अपनी वास्तविक क्षमता साबित करने की चुनौती थी। चीनी रोबोटिक्स ने पिछले एक वर्ष में दुनिया को चौंका दिया है। ये रोबोट अब स्प्रिंटिंग, मार्शल आर्ट और यहां तक कि डांस भी कर सकते हैं। लेकिन असली सवाल यही था कि क्या ये मशीनें केवल रिमोट-नियंत्रित उपकरण हैं, या वास्तव में स्वायत्त रूप से कार्य कर सकती हैं। इसी प्रश्न का उत्तर खोजने के लिए आयोजकों ने एक नया नियम लागू किया। जो रोबोट पूरी तरह से स्वयं, बिना मानव नियंत्रण के दौड़ेंगे, उनका समय सामान्य रूप से दर्ज किया जाएगा, जबकि रिमोट से संचालित रोबोटों के समय में 1.2 गुना की दंडात्मक वृद्धि की जाएगी। इसी कारण लगभग 40 प्रतिशत रोबोटों ने पूर्ण स्वायत्तता के साथ दौड़ने की चुनौती स्वीकार की।

23-Apr-2026
जापान के सैन्यवाद के नए स्वरूप की ओर बढ़ते लापरवाह कदमों का कड़ा विरोध करें

21 अप्रैल को, जापान सरकार ने "रक्षा उपकरणों के हस्तांतरण पर तीन सिद्धांत" में संशोधन करते हुए मंत्रिमंडल प्रस्ताव पारित किया, जिससे घातक हथियारों के निर्यात की औपचारिक अनुमति मिल गई और उनके गैर-लड़ाकू उपयोग पर पहले से लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन हुआ। यह उसकी सुरक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ा विरोध पैदा किया है। जापानी नागरिकों ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के सामने विरोध प्रदर्शन किया। चीनी विदेश मंत्रालय ने इसकी निंदा करते हुए इसे "सैन्यवाद के नए स्वरूप की ओर एक लापरवाह कदम" बताया। दक्षिण कोरिया ने मांग की कि जापान की नीति को क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देना चाहिए। और रूस ने बताया कि यह पड़ोसी देशों के सुरक्षा हितों को नुकसान पहुंचाती है।

23-Apr-2026