चीन की ऊर्जा यात्रा लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रही है। राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन (NEA) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2025 की पहली छमाही के अंत तक चीन की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 3.61 बिलियन किलोवाट तक पहुँच गई।
चीन में शिक्षा के डिजिटलीकरण की यात्रा एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्मार्ट एजुकेशन ऑफ चाइना प्लेटफॉर्म आज दुनिया का सबसे बड़ा उच्च-गुणवत्ता वाला डिजिटल शैक्षिक संसाधन केंद्र बन गया है।
शीत्सांग को दुनिया की छत कहा जाता है पिछले कुछ सालों में तेजी से बदल रहा है। यहां की ऊंची पहाड़ियां, नीले आसमान और शांत मठ अब सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि आर्थिक तरक्की और लोगों की बेहतर जिंदगी का प्रतीक भी बन गए हैं।
पिछले साल 2025 में चीन ने अच्छा प्रदर्शन किया। जीडीपी ग्रोथ 5 प्रतिशत रही और कुल जीडीपी 140.19 ट्रिलियन युआन तक पहुंच गई।
बुद्धिमान युग में डेटा को "नया तेल" और उत्पादन का एक प्रमुख कारक माना जाता है, लेकिन इसके सीमा-पार प्रवाह और सुरक्षित शासन जैसी चुनौतियों का तत्काल समाधान आवश्यक है। डेटा विकास और शासन पर केंद्रित दुनिया का पहला पेशेवर अंतर्राष्ट्रीय संगठन, विश्व डेटा संगठन (डब्ल्यूडीओ), हाल ही में चीन की राजधानी पेइचिंग में स्थापित किया गया है। इसका स्थान चीन की डेटा संबंधी ताकत और शासन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता दोनों को दर्शाता है।
एक तरफ जहां एशिया का पश्चिमी हिस्सा युद्ध से उपजी हिंसा से जूझ रहा है, वहीं बाकी एशिया विकास की गति से आगे बढ़ रहा है।
रियल-टाइम अनुवाद एआर चश्मा, रोबोट रेस्टोरेंट, रोबोट बैंड आदि 2026 के चीनी चोंगकुआनछुन फोरम की वार्षिक बैठक में विभिन्न उद्योगों को सशक्त बनाने वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता के परिदृश्यों ने गहरी छाप छोड़ी। यूनेस्को के अधिकारियों ने टिप्पणी की कि फोरम ने न केवल अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी दिखाया कि प्रौद्योगिकी उच्च-गुणवत्ता वाले विकास में कैसे योगदान दे सकती है।
आज की दुनिया तेजी से बदल रही है। देशों के बीच तनाव और व्यापार को लेकर खींचतान बढ़ रही है। कई देश अपनी अर्थव्यवस्था बचाने के लिए टैरिफ और सुरक्षा वाली नीतियाँ अपना रहे हैं, जिससे दुनिया का संतुलन बदल रहा है। ऐसे समय में एशिया एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रहा है। इसी में Boao Forum for Asia जैसे मंच अहम भूमिका निभाते हैं, जो देशों के बीच बातचीत और सहयोग को बढ़ाते हैं। भारत और चीन जैसे बड़े देशों की भूमिका यहां बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। इन्हीं मुद्दों पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं जेएनयू की प्रोफेसर और‘नेशन-स्टेट डायलॉग’की फाउंडर डॉ. गीता कोछड़।