जलवायु परिवर्तन की चुनौती के बीच चीन ने ग्रीन डेवलपमेंट और कार्बन उत्सर्जन में कमी के लिए दीर्घकालिक लक्ष्य तय किए हैं।
चीन में भारतीय दूतावास और होराइजन इनसाइट्स सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में 24 से 31 जुलाई, 2026 तक आयोजित ‘रीडिंग वीक’साहित्य और संस्कृति के माध्यम से भारत और चीन के बीच संवाद को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। सप्ताहभर चलने वाले इस आयोजन का उद्देश्य पुस्तक प्रेमियों को दोनों देशों की उत्कृष्ट साहित्यिक परंपराओं से परिचित कराना और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
चीन अपनी हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के प्रयासों को लगातार नई दिशा दे रहा है। इसी कड़ी में देश ने पारंपरिक गांवों और ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण, पुनर्स्थापन और उपयोग से जुड़े मानकों को और अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित तथा व्यावहारिक बनाने का निर्णय लिया है।
क्या ह्यूमनॉइड रोबोट चाय बना सकते हैं? चीन के फ़ुच्येन प्रांत के फ़ूडिंग शहर में इसका जवाब अब हकीकत बन चुका है।
18 जून को बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव पब्लिशिंग कोऑपरेशन फोरम और शांगहाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) सदस्य देशों के पब्लिशिंग कोऑपरेशन एक्सचेंज सम्मेलन का आयोजन किया गया।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर CGTN हिंदी ने पेइचिंग में रहने वाले भारतीय योग गुरु हेमन्त वेंकटरमन के साथ साक्षात्कार किया। हेमन्त पिछले 18 वर्षों से चीन में योग का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, जिन्होने न केवल हज़ारों चीनी नागरिकों को योग से जोड़ा बल्कि भारत-चीन सांस्कृतिक सम्बंधों में भी एक नया अध्याय लिखा है...देखिए यह विशेष बातचीत और जानिए कि क्यों योग आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक और प्रासंगिक बन गया है।
पेइचिंग में 19 जून की सुबह पुराने भारतीय दूतावास परिसर में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग”है, जिसके माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवन के लिए योग के महत्व को रेखांकित किया गया।
चीन ने वर्ष 2030 तक शहरी घरेलू कचरे की रीसाइक्लिंग उपयोग दर को 76 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पेइचिंग में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित तबला वर्कशॉप श्रृंखला संगीत और संस्कृति के प्रति उत्साही लोगों को लगातार आकर्षित कर रही है। इसी क्रम में 6 जून को आयोजित विशेष कार्यक्रम “मैजिक ऑफ़ ताल” ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की लयात्मक परंपरा को एक नए और रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत किया।
हाओहान थिंक टैंक द्वारा 7 जून को पेइचिंग के बियॉन्ड सैलून में आयोजित सांस्कृतिक सैलून “भारतीय शास्त्रीय नृत्य और समकालीन कला के बीच संवाद,”सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस विशेष कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना सुरंगामा और युवा भारतीय कलाकार सुरम्य ने भाग लिया। अपनी चीन यात्रा के दौरान दोनों कलाकारों ने चीनी विद्वानों, विशेषज्ञों और कला प्रेमियों के साथ भारतीय शास्त्रीय कला की परंपरा, उसके वैश्विक महत्व तथा समकालीन संदर्भों में उसके विकास पर विचार साझा किए।
चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम आज केवल तकनीकी उपलब्धियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग, वैज्ञानिक साझेदारी और साझा विकास की नई कहानी भी बनता जा रहा है।
भारतीय दूतावास पेइचिंग में राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में राजस्थान की पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियार ने चीन के मेहमानों को भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान के राजसी किलों, भव्य महलों, वन्य जीवन और जीवित सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया।