Boao Forum और Asia का भविष्य

आज की दुनिया तेजी से बदल रही है। देशों के बीच तनाव और व्यापार को लेकर खींचतान बढ़ रही है। कई देश अपनी अर्थव्यवस्था बचाने के लिए टैरिफ और सुरक्षा वाली नीतियाँ अपना रहे हैं, जिससे दुनिया का संतुलन बदल रहा है। ऐसे समय में एशिया एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रहा है। इसी में Boao Forum for Asia जैसे मंच अहम भूमिका निभाते हैं, जो देशों के बीच बातचीत और सहयोग को बढ़ाते हैं। भारत और चीन जैसे बड़े देशों की भूमिका यहां बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। इन्हीं मुद्दों पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं जेएनयू की प्रोफेसर और‘नेशन-स्टेट डायलॉग’की फाउंडर डॉ. गीता कोछड़।

27-Mar-2026
China के “Two Sessions” पर ख़ास चर्चा

चीन में हर साल होने वाली “टू सेशंस” यानी “दो सत्र” देश की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकों में से एक मानी जाती है। इस दौरान देश के नेता और प्रतिनिधि इकट्ठा होकर चीन के विकास, अर्थव्यवस्था और आने वाली नीतियों पर चर्चा करते हैं। इन बैठकों में NPC और CPPCC की बैठक होती है। इसमें सरकार अपनी कामकाज की रिपोर्ट पेश करती है, आर्थिक विकास के लक्ष्य तय किए जाते हैं और देश के भविष्य से जुड़े कई अहम फैसलों पर विचार किया जाता है। इसी पर चर्चा करने के लिए, हमारे साथ जुड़ गये हैं जेएनयू के प्रोफेसर और चीनी और दक्षिण पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार।

13-Mar-2026
Lantern Festival: सौभाग्य, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक

चाइनीज़ लालटेन फेस्टिवल चाइनीज़ लूनर न्यू ईयर का ही एक उत्सव है। चाइना में लालटेन फेस्टिवल को बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है, वो इसलिए, क्योंकि यह लूनर न्यू ईयर का आखिरी दिन और वसंत की शुरुआत का प्रतीक है। चाइनीज़ भाषा में, पारंपरिक चाइनीज़ कैलेंडर के पहले महीने को “युआन” कहा जाता है, और प्राचाइना काल में, रात को “श्याओ” कहा जाता था। इस तरह लालटेन फेस्टिवल का चाइनीज़ नाम "युआन श्याओ" पड़ गया। लालटेन फेस्टिवल, या "युआन श्याओ फेस्टिवल", चाइना में एक खास उत्सव है। यह पारंपरिक चाइनीज़ कैलेंडर, आमतौर पर फरवरी या मार्च के पहले महीने के 15वें दिन होता है। इस साल, यह त्योहार 3 मार्च को होगा क्योंकि चाइनीज़ नया साल 17 फरवरी को शुरू हुआ था। यह त्योहार चाइनीज़ न्यूईयर समारोह के अंत का प्रतीक है, जो पहले लूनर महीने के पहले दिन शुरू हुआ था।

03-Mar-2026
इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026

आज की ज़िंदगी में AI कोई दूर की चीज़ नहीं रह गई है। सुबह आंख खुलते ही फोन देखना, मैप से रास्ता खोजना, ऑनलाइन पेमेंट करना या किसी ऐप से काम निपटाना... ये सब AI की ही देन है। हम रोज़ इसका इस्तेमाल करते हैं, कई बार बिना सोचे। लेकिन असली सवाल ये है कि आने वाले वक्त में यही AI हमारे समाज, हमारी सोच, हमारी संस्कृति और कानूनों को कैसे बदलेगा? आज दुनिया में बहस ये नहीं रह गई है कि सबसे तेज़ मशीन किसके पास है, बल्कि ये है कि इस ताकत का इस्तेमाल इंसानों की भलाई के लिए कैसे हो। “इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026” इसी सोच से जुड़ा हुआ है। यह समिट बताता है कि AI का भविष्य मिल-जुलकर बनेगा, अकेले दौड़ने से नहीं।

20-Feb-2026
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