टिप्पणी

शी और मोदी की मुलाक़ात से ग्लोबल साउथ को मिलेगी मजबूती

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई। सात साल में यह शी की पहली भारत यात्रा थी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के साथ-साथ ग्लोबल साउथ (वैश्विक दक्षिण) के देशों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती प्रदान करेगी। चीन ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन का पूरा समर्थन किया। दोनों नेताओं ने सीमा मुद्दों सहित विभिन्न मतभेदों को बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से हल करने पर सहमति जताई। यह मुलाकात बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने और एकपक्षवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश है, जिससे वैश्विक चुनौतियों से निपटने में नई ऊर्जा मिलेगी।

14-Sep-2026
ब्रिक्स सम्मेलन सफलता से संपन्न, शी, मोदी और पुतिन को एक-साथ देखना सुखद अहसास

भारत में आयोजित 18वां ब्रिक्स सम्मेलन सफलता से संपन्न हो गया है,जिसमें कई देशों के राष्ट्र प्रमुखों और नेताओं ने शिरकत की। जो ब्रिक्स देशों के बीच आपसी सहयोग और तालमेल का भी प्रतीक रहा। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश-दुनिया की मीडिया की नजर रही। इन तीनों नेताओं को एक मंच और एक साथ देखना सुखद रहा, इससे ग्लोबल साउथ की बढ़ती ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस व सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदि की मौजूदगी से ब्रिक्स देशों के बीच एकजुटता नजर आयी। जबकि संयुक्त घोषणा पत्र ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।

14-Sep-2026