19-Jan-2026
चीनी केंद्रीय कस्टम्स प्राधिकरण द्वारा 18 जनवरी को जारी ताज़ा आँकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में चीन–भारत व्यापार की कुल राशि नई ऐतिहासिक ऊँचाई पर पहुँचकर 1 खरब 55 अरब 61 करोड़ 12 लाख 15 हज़ार अमेरिकी डॉलर हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12.4 प्रतिशत अधिक है। चीन का भारत को निर्यात 1 खरब 35 अरब 87 करोड़ 20 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा, जबकि भारत से आयात 19 अरब 74 करोड़ 91 लाख अमेरिकी डॉलर से ऊपर पहुँचा।
वर्ष 2026 वैश्विक कूटनीति और सांस्कृतिक विरासत के संगम का वर्ष है। सात दशक पहले, 1956 में मिस्र के साथ राजनयिक संबंध स्थापित कर चीन ने अफ्रीकी महाद्वीप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।
"चीन और कनाडा के बीच आर्थिक सहयोग का एक नया द्वार खुलने वाला है," "चीन और कनाडा एक नए प्रकार की रणनीतिक साझेदारी बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं जिससे दोनों देशों और दुनिया को लाभ होगा"... अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने 14 से 17 जनवरी तक कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की चीन यात्रा की सकारात्मक समीक्षा की।
चीन के शिनजियांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश की राजधानी उरुमछी नगर पालिका स्तर की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत आटे की मूर्तिकला के उत्तराधिकारी चांग जिनच्वुन अपनी कार्यशाला में साधारण आटे को पारंपरिक चीनी संस्कृति को समाहित करने वाले कलात्मक खजानों में बदल देते हैं। जांग जिनच्वुन ने पारंपरिक विषयों को बरकरार रखते हुए, आटे की मूर्तियों और रेफ्रिजरेटर मैग्नेट जैसे उत्पादों का विकास किया है। इससे आटे की मूर्तियां आम घरों तक पहुंच गई हैं और व्यापक रूप से लोकप्रिय हो गई हैं।
मौनी अमावस्या के स्नान की धूम है...प्रयागराज हो या काशी, अयोध्या हो या हरिद्वार...घाटों पर श्रद्दालुओं का रेला रात से ही लगना शुरु हो गया था...कड़कड़ाती ठंड औऱ कोहरा था...लेकिन आस्था के आगे ये टिक नहीं सका
18 जनवरी को, ट्रैफिक पुलिस भारत में नई दिल्ली के गाज़ीपुर बॉर्डर पर गाड़ियों की चेकिंग कर रही है। दिल्ली में एयर क्वालिटी के पूरी तरह से "खराब" लेवल तक खराब होने की वजह से, नेशनल कैपिटल रीजन और आस-पास के एरिया एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमेटी (CAQM) ने 17 जनवरी, 2026 की शाम को ऐलान किया कि ज़रूरी सामान ले जाने वाली और बेसिक सर्विस देने वाली गाड़ियों को छोड़कर, दिल्ली में ट्रकों के आने पर बैन लगा दिया गया है।
क़लम की ताक़त पर संदेह न करना, क्योंकि हर कहानी की शुरुआत और अंत इसी कलम से होता है
बेहतर के लिए प्रयास करता हूं और लगातार नए विचारों का सृजन करता हूं
बहुत सीमित हूं मैं अपने शब्दों में,लेकिन बहुत विस्तृत हूँ अपने अर्थों में
भारत में पच्चीस सालों तक रहने का एक चीनी अनुभवी
आज की दुनिया एक ऐसे दौर से गुज़र रही है जहाँ हर बड़ी खबर किसी न किसी तरह ग्लोबल पॉलिटिक्स की शतरंज से जुड़ी हुई है। चाहे वह अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव हो, रूस को लेकर अमेरिका के नए कानून हों, या भारत और चीन जैसे उभरते देशों की भूमिका हो, हर चीज़ एक बड़ी तस्वीर की ओर इशारा करती है। सवाल यह है कि क्या ये सिर्फ़ अलग-अलग घटनाएं हैं, या दुनिया एक नए पावर शिफ्ट की ओर बढ़ रही है? इसी संदर्भ में, आज हम दिल्ली यूनिवर्सिटी के देशबंधु कॉलेज में प्रोफेसर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह से बात करेंगे, जो ग्लोबल पॉलिटिक्स पढ़ाते हैं और इंटरनेशनल मामलों में खास पकड़ रखते हैं, ताकि इन जटिल ग्लोबल डायनामिक्स को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के संस्कृति और पर्यटन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में, शीत्सांग ने जन-हितकारी सांस्कृतिक परियोजनाओं के निर्माण और जमीनी स्तर पर सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा दिया ।
ये तस्वीरें शनिवार को दक्षिण-पश्चिमी चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से शहर में ली गई हैं। फोटो में शिगात्से शहर में स्थित बाइखुत्सो झील के आकर्षक शीतकालीन नज़ारों को कैद किया गया है। बाइखुत्सो झील, जो शीत्सांग के शिगात्से शहर के ग्यिरोंग और न्यालम काउंटियों की सीमा पर स्थित है, माउंट एवरेस्ट प्राकृतिक रिज़र्व में सबसे बड़ी अंतर्देशीय झील है। यह लगभग 300 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली है और समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 4,590 मीटर है। सर्दियों के इस मौसम में, झील का नीला जल और आसपास के बर्फ से ढके ऊंचे पहाड़ एक मनोरम प्राकृतिक चित्र प्रस्तुत करते हैं, जो पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अद्भुत दृश्यावली बनाते हैं। यह दृश्य शीत्सांग के प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण की एक झलक प्रदान करता है।
शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के वाणिज्य ब्यूरो से मिली ख़बर के अनुसार 14वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के दौरान शीत्सांग में सीमा व्यापार और रसद में तेजी आई।
1 जनवरी को सुबह लगभग 9 बजे, नेपाली कंटेनर ट्रकों का एक बेड़ा नेपाल के रसुवा सीमा चौकी से चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से स्थित चिलोंग सीमा चौकी तक अस्थायी पुल को धीरे-धीरे पार कर गया।