दक्षिण-पश्चिम चीन में फिंगलू नहर का आधिकारिक उद्घाटन
बुधवार सुबह, दक्षिण-पश्चिम चीन के क्वांगशी च्वांग स्वायत्त प्रदेश में नई बनी फिंगलू नहर का आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया गया। इसे पश्चिमी भूमि-समुद्री नए कॉरिडोर की एक महत्वपूर्ण रीढ़ परियोजना माना जाता है। जानकारी के अनुसार, फिंगलू नहर का निर्माण 28 अगस्त 2022 को शुरू हुआ था। इसकी कुल लंबाई 134.2 किलोमीटर है और इसे अंतर्देशीय श्रेणी-1 जलमार्ग के मानकों के अनुसार बनाया गया है। नहर पर 5,000 टन क्षमता वाले जहाज चल सकते हैं, जो चीन में अंतर्देशीय जलमार्ग के लिए सबसे ऊंचे मानकों में से एक है। यह नहर उत्तर में दक्षिण-पश्चिम चीन के क्वांगशी च्वांग स्वायत्त प्रदेश के हेंगचो शहर से शुरू होकर दक्षिण में छिनचो शहर के लिंगशान काउंटी से होते हुए छिनच्यांग नदी के रास्ते पेइपू खाड़ी तक जाती है। पूरी नहर पर माताओ, छिशी और छिंगनियन में तीन प्रमुख जल-स्तर केंद्र बनाए गए हैं।

16-Sep-2026

टिप्पणी

'ग्रेटर ब्रिक्स सहयोग' ग्लोबल साउथ की एकता और आत्म-सशक्तिकरण का नेतृत्व करता है

ब्रिक्स देशों के नेताओं का 18वां शिखर सम्मेलन हाल ही में भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया गया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सम्मेलन में भाग लिया और एक महत्वपूर्ण भाषण दिया, जिसमें उन्होंने ब्रिक्स देशों से 'चार अग्रणी' बनने का आह्वान किया, साथ ही वैश्विक दक्षिण की ताकत को मजबूत करने के लिए चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे, और ब्रिक्स सहयोग को गहरा करने के लिए पांच पहलें प्रस्तुत कीं। यह 'बृहत् ब्रिक्स सहयोग' के उच्च गुणवत्ता वाले विकास का नेतृत्व करने की चीन की जिम्मेदारी को दर्शाता है। चीनी राष्ट्रपति शी ने यह भी घोषणा की कि चीन अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा और ब्रिक्स देशों के नेताओं का 19वां शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा, जिससे भाग लेने वाले सभी देशों में व्यापक उत्साह पैदा हुआ।

15-Sep-2026
20 साल पहले जापान-जर्मनी का राज था, आज ये शहर भारत का नंबर-1 पार्टनर बन गया!

क्या आपको पता है... जब भारत में ऊँची-ऊँची इमारतें बनती हैं... जब गाड़ियों के इंजन तैयार होते हैं... जब नए प्रोजेक्ट्स की नींव पड़ती है... तो उसमें एक छोटा सा हिस्सा होता है — चांग्शा नाम के शहर का! ये चीन का वो शहर है जो भारत के लिए: ·हाई-टेक क्रेन मशीनें बनाता है — जिनसे हमारी बिल्डिंग्स आसमान छू रही हैं ·प्रिसिज़न इंजन पार्ट्स सप्लाई करता है — जो हमारी गाड़ियों को ताकत देते हैं ·भारतीय छात्रों को दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में पढ़ाता है — स्कॉलरशिप के साथ! और सबसे दिलचस्प बात? 20 साल पहले: भारत में सिर्फ जापान और जर्मनी की मशीनें चलती थीं आज: उसी मार्केट में 70-80% मशीनें चांग्शा से जा रही हैं! यानी जब आप किसी नई बिल्डिंग को बनते देखते हैं... या किसी नई कार को लॉन्च होते देखते हैं... तो उसमें चांग्शा की मेहनत छिपी होती है! इस वीडियो में हम आपको ले चल रहे हैं चांग्शा के अंदर — जहाँ से भारत की तरक्की को पावर मिलती है!

14-Sep-2026