21-Sep-2026
20-Sep-2026
23 सितंबर को चीन जब नौवां चीनी किसान फसल उत्सव मनाएगा, तो यह सिर्फ खेतों में नई फसल आने की खुशी का मौका नहीं होगा।
चीन में हर साल मनाया जाने वाला चाइनीज फॉमर्स हार्वेस्ट फेस्टिवल (Chinese Farmers’ Harvest Festival)यानी चीनी किसान फसल उत्सव इस साल 23 सितंबर को मनाया जाएगा।
16 सितंबर को, चीन के हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र की सरकार ने "आर्थिक और सामाजिक विकास की पहली पंचवर्षीय योजना (2026-2030)" जारी की। यह हांगकांग की पहली समग्र शीर्ष-स्तरीय डिज़ाइन है, जो "एक देश, दो व्यावस्थाओं" के अभ्यास को गहराई से आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
शांगहाई में URKL(अल्टीमेट रोबोट नॉक-आउट लीजेंड) शुरू हुआ
17 सितंबर को उज़्बेकिस्तान के मार्गिलन में नवनिर्मित अनुसंधान, शिक्षा और पर्यटन परिसर में तीन दिवसीय रेशम संस्कृति महोत्सव का शुभारंभ हुआ। आयोजकों के अनुसार, मार्गिलन का इतिहास 2,000 वर्षों से अधिक पुराना है और यह अपने रेशम उत्पादन और रेशम एवं सूती बुनाई की पारंपरिक तकनीकों के लिए प्रसिद्ध है। तस्वीर में महोत्सव का आयोजन दिखाया गया है।
17 सितंबर को बांग्लादेश के बरिसाल में, खसरा के मरीजों का बरिसाल सेंट्रल अस्पताल में इलाज किया गया। बांग्लादेश 2005 के बाद से खसरे के सबसे भीषण प्रकोप का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 महामारी और हाल के वर्षों में राजनीतिक अस्थिरता के कारण टीकों की खरीद और टीकाकरण कार्यक्रमों में आई बाधाओं से यह प्रकोप फैला है।
क़लम की ताक़त पर संदेह न करना, क्योंकि हर कहानी की शुरुआत और अंत इसी कलम से होता है
बेहतर के लिए प्रयास करता हूं और लगातार नए विचारों का सृजन करता हूं
बहुत सीमित हूं मैं अपने शब्दों में,लेकिन बहुत विस्तृत हूँ अपने अर्थों में
भारत से विशेष टिप्पणीकारों का स्वतंत्र लेखन
हाल ही में, भारत ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, बहुपक्षीय सहयोग और बदलती हुई विश्व व्यवस्था जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। खास बात यह रही कि इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। लंबे समय बाद दोनों नेताओं की इस मुलाकात को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। इसे समझने के लिए CGTN हिन्दी संवाददाता ने जेएनयू के चीनी अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार से ख़ास बातचीत की।
23वां चीन-आसियान एक्सपो और चीन-आसियान व्यापार व निवेश शिखर सम्मेलन 17 सितंबर को चीन के क्वांगशी च्वांग स्वायत्त प्रदेश के नाननिंग में उद्घाटित हुआ।
क्या आपको पता है... जब भारत में ऊँची-ऊँची इमारतें बनती हैं... जब गाड़ियों के इंजन तैयार होते हैं... जब नए प्रोजेक्ट्स की नींव पड़ती है... तो उसमें एक छोटा सा हिस्सा होता है — चांग्शा नाम के शहर का! ये चीन का वो शहर है जो भारत के लिए: ·हाई-टेक क्रेन मशीनें बनाता है — जिनसे हमारी बिल्डिंग्स आसमान छू रही हैं ·प्रिसिज़न इंजन पार्ट्स सप्लाई करता है — जो हमारी गाड़ियों को ताकत देते हैं ·भारतीय छात्रों को दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में पढ़ाता है — स्कॉलरशिप के साथ! और सबसे दिलचस्प बात? 20 साल पहले: भारत में सिर्फ जापान और जर्मनी की मशीनें चलती थीं आज: उसी मार्केट में 70-80% मशीनें चांग्शा से जा रही हैं! यानी जब आप किसी नई बिल्डिंग को बनते देखते हैं... या किसी नई कार को लॉन्च होते देखते हैं... तो उसमें चांग्शा की मेहनत छिपी होती है! इस वीडियो में हम आपको ले चल रहे हैं चांग्शा के अंदर — जहाँ से भारत की तरक्की को पावर मिलती है!
चीन, भारत, पाकिस्तान सहित विश्व की अहम ख़बरों का साप्ताहिक कार्यक्रम, जो आप तक पहुंचाया जाता है वीडियो के माध्यम से। देखिए... इस सप्ताह का न्यूज़ फोकस।
चाइना रेलवे छिंगहाई-शीत्सांग समूह से मिली जानकारी के अनुसार, छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे के पूरी तरह चालू होने के 20 वर्षों में अब तक 10 करोड़ 40 लाख से अधिक यात्रियों ने इस रेलवे से यात्रा की है, जबकि 82 करोड़ 40 लाख टन से अधिक माल का परिवहन किया गया है। इस दौरान यह रेलवे छिंगहाई प्रांत और शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के बीच लोगों की आवाजाही, माल परिवहन और औद्योगिक विकास की प्रमुख जीवनरेखा बन गई है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने सोमवार को चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन ने शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के शिकाज़े शहर के चीलोंग जिले में हुई मडस्लाइड आपदा में लापता विदेशी नागरिकों के परिवारों के लिए डीएनए जानकारी संग्रह की प्रक्रिया के बारे में चीन में संबंधित देशों के दूतावासों को जानकारी दे दी है।
चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के नगारी क्षेत्र की गार काउंटी के जियामू गांव के 40 वर्षीय त्सेरिंग ग्याबुक की कड़ी मेहनत और बुद्धिमत्ता ने उन्हें एक पारंपरिक चरवाहे से अमीर और एक अहम स्थानीय नेता बनने में मदद की।
शियागांगच्यांग हिम पर्वत चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के नगारी प्रिफेक्चर के त्सोचेन काउंटी, गेज़े काउंटी और नागछु के निमा काउंटी की सीमा पर स्थित है। इसकी मुख्य चोटी समुद्र तल से 6,822 मीटर की ऊंचाई पर है और सालभर बर्फ से ढकी रहती है।