13-Dec-2025
वर्तमान में, बढ़ते व्यापार संरक्षणवाद और लगातार भू-राजनीतिक संघर्षों के बीच, दुनिया को विकास की प्रेरित शक्ति की सख्त जरूरत है। चीन लंबे समय से वैश्विक आर्थिक विकास का "स्टेबलाइजर" रहा है।
भविष्य को देखते हुए, चीन द्वारा अपने दरवाजों को और अधिक खोलने की प्रतिबद्धता संस्थागत उदारीकरण के उच्च स्तर को दर्शाती है। यह केवल वस्तुओं और उत्पादन कारकों के खुले प्रवाह के बारे में ही नहीं है, बल्कि नियमों, विनियमों, प्रबंधन और मानकों के सामंजस्य और एकीकरण के बारे में भी है।
छिंगदाओ बंदरगाह का माल यातायात 15 दिन पहले ही 70 करोड़ टन पार कर गया, स्वचालित बंदरगाह दक्षता के 13 रिकॉर्ड टूट गए हैं। यह चीन के विदेशी व्यापार के लचीलेपन की जीवंत मिसाल है। पिछले 11 महीनों में, चीन के वस्तु व्यापार का आयात-निर्यात मूल्य 41.21 खरब चीनी युआन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 3.6% ज्यादा है। नवंबर में वृद्धि दर 4.1% रही, जो लगातार 10वें महीने सकारात्मक वृद्धि दर्शाती है। चीन में विदेशी व्यापार एवं अर्थशास्त्र विश्वविद्यालय (UIBE) के प्रोफेसर ल्यू युए के अनुसार, वैश्विक सुस्त रिकवरी के बीच चीन के विदेशी व्यापार में संरचनात्मक अनुकूलन और नई गतिशीलता का उभार उसके शक्तिशाली लचीलेपन को दर्शाता है।
पाकिस्तान के पेशावर में ठंड की लहर, चिकन सूप की बिक्री में उछाल 10 दिसंबर को पाकिस्तान के पेशावर में एक आदमी सड़क किनारे चिकन सूप पी रहा है। पाकिस्तान मौसम विभाग ने पूरे देश में ठंडे और सूखे मौसम का अनुमान लगाया है, और उत्तर में और भी ठंडे तापमान की उम्मीद है।
हार्बिन आइस एंड स्नो वर्ल्ड का निर्माण 70% से ज़्यादा पूरा हो चुका है।
पेइचिंग में छयानमेन स्ट्रीट पर घूमने आए विदेशी पर्यटक
क़लम की ताक़त पर संदेह न करना, क्योंकि हर कहानी की शुरुआत और अंत इसी कलम से होता है
बेहतर के लिए प्रयास करता हूं और लगातार नए विचारों का सृजन करता हूं
बहुत सीमित हूं मैं अपने शब्दों में,लेकिन बहुत विस्तृत हूँ अपने अर्थों में
भारत में पच्चीस सालों तक रहने का एक चीनी अनुभवी
पिछले 5 सालों से भारत और चीन के बीच जो तल्खी और तनाव सरहद पर जमा था, साल 2025 ने उस जमी हुई बर्फ़ को पिघलाकर 'पुनरुत्थान' की एक नई कहानी लिखी है। इस वर्ष का सबसे बड़ा क्षण अगस्त में आया, जब SCO शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की ऐतिहासिक मुलाकात हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों नेताओं ने साफ किया कि वे अब प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि विकास के साथी हैं, और मतभेदों को विवाद नहीं बनने दिया जाएगा, बल्कि रिश्ते की नींव विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता पर टिकी रहेगी। कूटनीति से इतर, आम जनता के लिए भी रास्ते खुले हैं: जुलाई में चीनी पर्यटकों के लिए टूरिस्ट वीज़ा फिर से शुरू हुआ, और अक्टूबर में 5 साल बाद कोलकाता से क्वांगचो के लिए पहली सीधी फ्लाइट उड़ी, जिससे व्यापार और लोगों से लोगों का संपर्क मजबूत हुआ।
बीजिंग की गलियों में भारतीय खुशबू कैसी गूंजती है? यही कहानी सुना रहे हैं रबियुल बख्श, जो चीन की राजधानी में ‘दास्तान इंडियन रेस्तरां’ की नींव रखने वाले संस्थापक और मास्टर शेफ दोनों हैं।
आज दुनिया एक नए चौराहे पर खड़ी है, जहाँ एशिया की भूमिका बढ़ रही है। चीन और भारत— एशिया के ये दो दिग्गज — दुनिया के भविष्य को आकार देने की क्षमता रखते हैं। दोनों देशों के विकास के रास्ते अलग हैं: चीन लंबी योजनाओं और स्थिरता पर जोर देता है, जबकि भारत अपनी लोकतांत्रिक विविधता और खुले संवाद की ताकत से आगे बढ़ता है। व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के बीच मतभेदों के बावजूद, दोनों के बीच सहयोग की गुंजाइश बनी हुई है। एक बदलती दुनिया में भारत-चीन संबंध न केवल एशिया बल्कि वैश्विक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं। संवाद और समझदारी से ही दोनों देश मिलकर एक बेहतर भविष्य की नींव रख सकते हैं।
"सनशाइन क्लियर स्पीच" परिणाम हाल ही में जारी किए गए। यह सैकड़ों-अरबों मापदंडों वाला एक बड़े पैमाने का तिब्बती भाषा आधार मॉडल है।
हाल के पांच सालों में, शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश ने शिक्षा क्षेत्र में लगातार निवेश बढ़ाया है, जिससे शिक्षा प्रणाली में लगातार सुधार हो रहा है,शिक्षा और पढ़ाने की गुणवत्ता उन्नत की जा रही है।
शीत्सांग ग्रामीण पुनर्जीवन उत्पाद प्रदर्शन केंद्र शुक्रवार को दक्षिण पश्चिम चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा में शुरू किया गया। इस केंद्र का उद्देश्य स्थानीय विशिष्ट संसाधनों के लाभ का उपयोग करते हुए ग्रामीण पुनर्जीवन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को गति देना है।
19 से 20 नवंबर 2025 तक, दूसरे छिंगहाई-तिब्बत वैज्ञानिक अभियान के परिणामों के व्यापक एकीकरण और अनुप्रयोग पर सम्मेलन शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा में आयोजित किया जा रहा है।