टिप्पणी

शी चिनफिंग और ट्रंप की मुलाकात: चीन और अमेरिका के बीच व्यावहारिक सहयोग के नए अवसर

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की आगामी अमेरिकी राजकीय यात्रा पिछले दो वर्षों में चीन और अमेरिका के बीच सम्बंधों में आई गर्माहट का सबसे महत्वपूर्ण संकेत है। हाल के वर्षों में, बढ़ते भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के प्रभाव से, चीन और अमेरिका के बीच पहले से चले आ रहे घनिष्ठ आर्थिक, व्यापारिक, वैज्ञानिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान में कमी आई है, और कई दीर्घकालिक स्थिर जन-सहयोग की गति धीमी हो गई है। हालांकि, वास्तविकता में, चीन और अमेरिका की अर्थव्यवस्थाएं और प्रौद्योगिकी आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं, और उनके हित भी गहरे रूप से निहित हैं। टकराव और शत्रुता से कोई लाभ नहीं होता। इस शिखर सम्मेलन से विभिन्न क्षेत्रों में दोनों पक्षों के व्यावहारिक सहयोग को सकारात्मक विकास पथ पर वापस लाने की संभावना है।

22-Sep-2026
नान्नीवान में शरद ऋतु की सुनहरी फसल: बंजर घाटी से अनाज भंडार तक की प्रेरणादायक यात्रा

जैसे ही शरद ऋतु की हवा नान्नीवान में पहुँचती है, हज़ारों एकड़ धान के खेत सुनहरे रंग में चमक उठते हैं। उत्तर-पश्चिमी चीन के शैनशी प्रांत के यानआन शहर में हवा के साथ लहराती फसलें एक मनमोहक दृश्य पेश करती हैं। एक समय की बंजर घाटी आज एक समृद्ध अनाज भंडार में बदल चुकी है – समय ने परिदृश्य बदल दिया, लेकिन मिट्टी में बसी आस्था को नहीं। मेहनत से आत्मनिर्भर जीवन बनाना – यही नान्नीवान की स्थायी भावना है। यह भावना न केवल इतिहास में दर्ज की गई है, बल्कि हर साल इन सुनहरी लहरों और भारी फसल में जीवित रहती है।

23-Sep-2026
प्रकृति का बिना ब्रश वाला चित्र: लियाओहे एस्चुअरी वेटलैंड में ज्वार के बाद उभरी अद्भुत आकृतियाँ

ज्वार के उतरने के बाद, उत्तर-पूर्वी चीन के लियाओनिंग प्रांत के फानचिन शहर स्थित लियाओहे एस्चुअरी वेटलैंड में एक अद्भुत नज़ारा उभरता है। कीचड़ भरे मैदानों पर घुमावदार ज्वारीय नहरें इस तरह फैली हैं जैसे किसी विशाल पेड़ की शाखाएँ हों। डूबते सूरज की सुनहरी रोशनी में ये घुमावदार जलधाराएँ और खुली आर्द्रभूमि मिलकर एक जटिल और मनमोहक प्राकृतिक चित्र बनाते हैं। यह प्रकृति की कला है – जिसे बनाने के लिए किसी ब्रश की ज़रूरत नहीं, बस समय और ज्वार का जादू, ऐसे नज़ारे याद दिलाते हैं कि प्रकृति खुद सबसे बड़ी कलाकार है।

23-Sep-2026
BRICS और चीन-भारत संबंध

हाल ही में, भारत ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, बहुपक्षीय सहयोग और बदलती हुई विश्व व्यवस्था जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। खास बात यह रही कि इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। लंबे समय बाद दोनों नेताओं की इस मुलाकात को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। इसे समझने के लिए CGTN हिन्दी संवाददाता ने जेएनयू के चीनी अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार से ख़ास बातचीत की। 

18-Sep-2026
नामत्सो झील: समुद्र तल से 4,718 मीटर ऊँचाई पर बसा 'स्वर्ग का सरोवर', शीत्सांग की पवित्र झील

दक्षिण-पश्चिम चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश में स्थित नामत्सो झील, जिसे शीत्सांग में 'स्वर्ग का सरोवर' कहा जाता है, समुद्र तल से 4,718 मीटर की ऊँचाई पर बसी है। यह दुनिया की सबसे ऊँची बड़ी खारे पानी की झील है, जो 2,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैली हुई है। न्येनचेनतांगल्हा पर्वत से आने वाले ग्लेशियर और झरनों से पोषित यह झील वन्यजीवों का घर भी है – भूरे भालू, जंगली याक, कियांग और पानी के पक्षियों के झुंड यहाँ के किनारों पर देखे जा सकते हैं। इसके पानी में कई प्रकार की मछलियाँ हैं, और आसपास की पहाड़ियों में कॉर्डिसेप्स और स्नो लोटस उगते हैं। यह झील ल्हासा के दामशुंग काउंटी और नागछ्यू के बैंगोइन काउंटी में फैली है और शीत्सांग की तीन पवित्र झीलों में से एक है। यहाँ का नज़ारा हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है।

21-Sep-2026