1 जून को चीन में International Children’s Day बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। स्कूलों में रंगारंग कार्यक्रम, खेल-कूद, गीत-संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जबकि परिवार बच्चों को खास उपहार और यादगार पल देते हैं।
चीन ने अंतरिक्ष में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है! 24 मई को लॉन्च हुआ शनचो-23 अंतरिक्ष यान केवल एक सामान्य क्रू रोटेशन मिशन नहीं है – बल्कि यह चीन के स्पेस स्टेशन कार्यक्रम में एक नए युग की शुरुआत है। अब ध्यान केवल स्टेशन के संचालन पर नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक अनुसंधान पर केंद्रित हो गया है।
चीनी पर्यटक राजस्थान के बारे में बहुत रुचि रखते हैं, हालांकि हाल के वर्षों में वीज़ा आदि कारणों से बहुत कम लोग राजस्थान जा सके हैं। चीनी पर्यटकों को फिर से आकर्षित करने के लिए राजस्थान सरकार ने चीन के पेइचिंग और शांगहाई में कार्यक्रम आयोजित किए।
भारतीय दूतावास पेइचिंग में राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में राजस्थान की पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियार ने चीन के मेहमानों को भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान के राजसी किलों, भव्य महलों, वन्य जीवन और जीवित सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया।
हर साल 21 मई को इंटरनेशनल टी डे (अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस) मनाया जाता है। दरअसल, यह दिवस चाय के उस सफर को सलाम करने का दिन है, जो चीन से शुरू हुआ और भारत की गलियों, टपरियों और दिलों तक पहुँचा। देखिए यह न्यूज़ स्टोरी और जानिए चाय की ग्लोबल कहानी के बारे में….
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट आई है; मोदी ने जनता से एक साल के लिए सोने की खरीद बंद करने का आग्रह किया है।
AI की दुनिया में अब असली लड़ाई सिर्फ लैब्स में नहीं, बल्कि फैक्ट्रियों, गोदामों और सड़कों पर हो रही है। अमेरिका के पास सबसे बड़ा AI निवेश और बेहतरीन रिसर्च है। लेकिन चीन तेजी से पूरे सिस्टम को AI-फर्स्ट मॉडल में बदल रहा है। Alibaba की लॉजिस्टिक्स कंपनी Cainiao इसका बड़ा उदाहरण है।दिलचस्प बात ये है कि चीन में 83% लोग AI को सकारात्मक मानते हैं, जबकि अमेरिका में सिर्फ 39%। इसके अलावा, चीन में 60 करोड़ से ज्यादा लोग GenerativeAI इस्तेमाल कर रहे हैं।
चीन में सबसे पहले औद्योगीकरण हासिल करने वाले क्षेत्रों में से एक उत्तर-पूर्वी चीन में आज भी अतीत की झलक दिखती है। लियाओनिंग प्रांत की राजधानी शेनयांग से 45 किमी. दूर फुशुन कस्बे में एक ऐतिहासिक विरासत मौजूद है, जो कभी एशिया की सबसे बड़ी ओपन पिट कोयला खदान के तौर पर प्रसिद्ध थी। इसे चीन में हुए औद्योगीकरण का प्रतीक माना जाता है। आज यह म्यूज़ियम का रूप ले चुका है, और पर्यटक यहां पहुंचकर चीन में उद्योगों के विकास के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके साथ ही इस इलाके में पर्यावरण संरक्षण के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। क्योंकि यह पूरा क्षेत्र राष्ट्रीय खदान पार्क के रूप में विकसित हो रहा है। हाल के दिनों में मुझे फुशुन काउंटी की इस खदान को नजदीक से देखने और जानने का अवसर मिला। इसे देखकर कहा जा सकता है कि चीन में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण का संतुलन किस तरह बिठाया जा रहा है। प्रस्तुति- Anil Pandey
ग्रेट वॉल की बेहतर सुरक्षा के लिए, 2006 में ' ग्रेट वॉल संरक्षण नियमावली' जारी की गई थी—इसके तहत ग्रेट वॉल के आसपास के ग्रामीणों को 'ग्रेट वॉल संरक्षक'के रूप में नियुक्त करने की पहल की गई।
कंक्रीट के जंगल और ऊँची-ऊँची इमारतों के बीच, पेइचिंग का यह खूबसूरत पार्क शहर की भागदौड़ में सुकून की एक खुली सांस जैसा है।
“मां” एक ऐसा शब्द है, जिसकी ध्वनि दुनिया की लगभग हर भाषा में मिलती-जुलती है। यह केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक मां के पूरे जीवन, उसके प्रेम, त्याग और स्नेह का प्रतीक है।
किसी भी देश का भविष्य उसके युवा तय करते हैं। भारत और चीन, दोनों ही प्राचीन सभ्यताएं हैं और आज दुनिया की सबसे तेज़ी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। भारत में 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। यह दिन युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्र-निर्माण की प्रेरणा देता है। वहीं चीन में 4 मई को युवा दिवस मनाया जाता है, जो युवाओं के जुनून, ऊर्जा और देश के प्रति समर्पण का प्रतीक है। दोनों देशों का संदेश एक ही है- “भविष्य खुद बनाना पड़ता है।” जब भारत और चीन के युवा एक-दूसरे की संस्कृति, सोच और सपनों को समझेंगे, तो दोनों देशों के रिश्ते और मज़बूत होंगे। यह वीडियो देखिए और जानिए कैसे भारत और चीन के युवा मिलकर दुनिया को बेहतर बना सकते हैं।