खिलौने... सुनने में यह शब्द बहुत छोटा लगता है लेकिन इनका असर हमारे दिल पर बहुत गहरा होता है। एक छोटा-सा खिलौना हाथ में आते ही बच्चों के चेहरे पर जो स्माइल आती है, वो अनमोल होती है। चाहे वो गुड़िया हो, रिमोट वाली कार हो या कोई प्यारा-सा टेडी बियर, खिलौने हमें एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं। एक ऐसी दुनिया जहाँ कोई टेंशन नहीं, कोई शोर-शराबा नहीं, बस मस्ती और सुकून होता है। यहाँ तक कि हम बड़े भी जब बच्चों को खेलते देखते हैं, तो अपनी सारी परेशानियां भूल जाते हैं। तो चलिए, आज की न्यूज़ स्टोरी में आपको एक बहुत ही मजेदार और दिलचस्प किस्सा सुनाते हैं।
आज की दुनिया एक ऐसे दौर से गुज़र रही है जहाँ हर बड़ी खबर किसी न किसी तरह ग्लोबल पॉलिटिक्स की शतरंज से जुड़ी हुई है। चाहे वह अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव हो, रूस को लेकर अमेरिका के नए कानून हों, या भारत और चीन जैसे उभरते देशों की भूमिका हो, हर चीज़ एक बड़ी तस्वीर की ओर इशारा करती है। सवाल यह है कि क्या ये सिर्फ़ अलग-अलग घटनाएं हैं, या दुनिया एक नए पावर शिफ्ट की ओर बढ़ रही है? इसी संदर्भ में, आज हम दिल्ली यूनिवर्सिटी के देशबंधु कॉलेज में प्रोफेसर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह से बात करेंगे, जो ग्लोबल पॉलिटिक्स पढ़ाते हैं और इंटरनेशनल मामलों में खास पकड़ रखते हैं, ताकि इन जटिल ग्लोबल डायनामिक्स को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
वर्तमान में, चीनी नागरिक अपने स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान दे रहे हैं। चीन सरकार की ओर से भी लोगों को हेल्थ के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाते हैं। ऐसे में चीनी लोगों में थाई ची के साथ-साथ योग बहुत लोकप्रिय हो चुका है।
सोचिए ज़रा… आप घर से बिना बटुआ लिए निकलें और फिर भी पूरा दिन आराम से कट जाए। भारत में यह काम UPI से होता है। लेकिन चीन में तो यह रोज़ की बात है। वहां लोग न कैश रखते हैं, न कार्ड। बस मोबाइल निकालिए और हर काम हो गया। चीन में अब दुकान हो, टैक्सी हो, मेट्रो हो या सब्ज़ी वाला, सब कुछ एक स्कैन पर चलता है। पिछले कुछ सालों में चीन इतनी तेज़ी से बदला है कि लगता है जैसे पूरा देश डिजिटल हो गया हो। एक समय था जब चीन को सिर्फ सस्ती चीज़ें बनाने वाला देश कहा जाता था। लेकिन आज वही चीन दुनिया की डिजिटल लैब बन चुका है, जहां नई टेक्नोलॉजी पहले टेस्ट होती है। तो चलिए, इस वीडियो में समझते हैं चीन की डिजिटल क्रांति की असली कहानी।
चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) ने 7 जनवरी को वर्ष 2026 के स्प्रिंग फेस्टिवल गाला का वैश्विक प्रचार वीडियो जारी किया।
गुज़र चुका वर्ष 2025 विश्व के लिए शांतिपूर्ण नहीं रहा। इस वर्ष वैश्विक परिदृश्य में तीव्र परिवर्तन हुए, अंतरराष्ट्रीय स्थिति अधिकाधिक जटिल और अस्थिर होती चली गई। शांति, विकास, सुरक्षा और शासन से जुड़ी चुनौतियाँ कम होने के बजाय बढ़ती रहीं।
चीन की राजधानी पेइचिंग में हुई सेंट्रल इकोनॉमिक वर्क कॉन्फ्रेंस में चीन के नेताओं ने साल 2026 की दिशा साफ़ कर दी है। इस बैठक में 15वीं पंचवर्षीय योजना यानी 2026 से 2030 तक की तैयारी की नींव रखी गई और 2026 के लिए सरकार की प्राथमिकताएं बताई गईं। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अगुवाई में हुई इस कॉन्फ्रेंस का सीधा सा मकसद है, देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखते हुए आगे बढ़ाना और अपनी अंदरूनी ताकत बढ़ाकर बाहरी चुनौतियों से निपटना। सरकार ने साफ़ कहा है कि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए ज्यादा खर्च किया जाएगा, नीतियों में ढील दी जाएगी, नई तकनीक और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों की खरीदारी की ताकत बढ़ाने पर जोर रहेगा। इस पूरे मुद्दे पर बात करने के लिए हमारे साथ जुड़ी हैं जेएनयू की प्रोफेसर और ‘नेशन-स्टेट डायलॉग’ की फाउंडर डॉ. गीता कोछड़।
दक्षिण-पश्चिम चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश की स्थापना के 60वें वर्ष के उपलक्ष्य में, चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) एशिया-अफ्रीका केंद्र द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मीडिया गतिविधि में भारत, नेपाल, बांग्लादेश, कंबोडिया, मंगोलिया सहित विभिन्न देशों के 20 से अधिक पत्रकारों ने भाग लिया। इन पत्रकारों ने ल्हासा, शिगात्से, न्यिंगची और अली जैसे क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों, खेतों और स्थानीय समुदायों का दौरा किया। जमीनी स्तर पर की गई इस यात्रा और गहन अवलोकन के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारों ने शीत्सांग की तीव्र विकास गति को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया। उन्होंने एक नई स्फूर्ति और गतिशीलता से परिपूर्ण शीत्सांग की झलक देखी, जो इस क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती है।
आज हम पेइचिंग के सबसे पॉपुलर स्की रिजॉर्ट में घूम रहे हैं – जहां पेइचिंग ओलंपिक और हर्बिन एशियाई शीतकालीन खेल के बाद, बर्फ की खेल ने चीन में एक नया wave बना दिया है! इस वीडियो में हम देखेंगे: ·आसान सुविधाएं: स्की उपकरण किराया, बिगिनर के लिए कोचिंग, खाने पीने के लिए मॉडर्न कैफे – सब एक ही जगह! ·युवाओं का माद्दत: चीन के युवा अब स्की को अपना फेवरेट हॉबी बना चुके हैं – वीडियो में देखें उनका मस्ती भरा स्की सत्र! ·ठंडे संसाधन से गर्म अर्थव्यवस्था: कैसे एक कभी “उपयोग नहीं होने वाली” बर्फ, अब चीन के लिए एक बड़ा पैसा कमाने का स्रोत बन गई? (रिजॉर्ट के टिकट बिक्री का डेटा भी देखें!) क्या आप भी स्की करना पसंद करते हैं? कमेंट करें और बताएं –भारत में क्या बर्फ की खेल का कोई स्कोप है?