चीन में कीवर्ड- Keywords in China-AI+ "चीन को समझना हो, तो उसके कीवर्ड्स से शुरुआत करो!" आज हम बात करेंगे एक बिल्कुल नए शब्द की—人工智能+(Artificial Intelligence/AI+) की! Click on my video to learn more!
हाल के वर्षों में चीन के आर्थिक परिदृश्य में एक सुंदर बदलाव देखने को मिला है, जिसे 'फूल अर्थव्यवस्था' के नाम से जाना जाता है। यह सिर्फ बगीचों और गुलदस्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि आज यह चीन के ग्रामीण परिदृश्य, पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को पूरी तरह से बदल रही है। देखते हैं यह 'खिलता हुआ' बाजार कैसे गांवों की तकदीर बदल रहा है।
“मूर्त बुद्धिमत्ता” (Embodied Intelligence) की वह अवधारणा, जो कभी विज्ञान-कथा तक सीमित मानी जाती थी, अब पेइचिंग में तेज़ी से वास्तविक रूप ले रही है।
चीन में, खरीदारी का मतलब सिर्फ उत्पाद खरीदना नहीं होता, बल्कि एक ऐसे भविष्य का अनुभव करना होता है, जहां तकनीक, संस्कृति और मनोरंजन का संगम होता है।
चीन में हर साल होने वाली “टू सेशंस” यानी “दो सत्र” देश की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकों में से एक मानी जाती है। इस दौरान देश के नेता और प्रतिनिधि इकट्ठा होकर चीन के विकास, अर्थव्यवस्था और आने वाली नीतियों पर चर्चा करते हैं। इन बैठकों में NPC और CPPCC की बैठक होती है। इसमें सरकार अपनी कामकाज की रिपोर्ट पेश करती है, आर्थिक विकास के लक्ष्य तय किए जाते हैं और देश के भविष्य से जुड़े कई अहम फैसलों पर विचार किया जाता है। इसी पर चर्चा करने के लिए, हमारे साथ जुड़ गये हैं जेएनयू के प्रोफेसर और चीनी और दक्षिण पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार।
आज के तेजी से विकसित हो रहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के युग में, विज्ञान कथाओं की काल्पनिक फिल्मों के भविष्यवादी दृश्यों तक सीमित रहने वाले नवाचार अब चीनी पारिवारिक जीवन के कई पहलुओं में सूक्ष्म और परिवर्तनकारी रूप से समाहित हो गए हैं।
इस वीडियो में चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के अधीन चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क (सीजीटीएन) की लारा पारपन हमें बताती हैं कि कैसे इस पहल ने चीन की वायु, जल और भूमि की गुणवत्ता को बढ़ाया है।
इस वीडियो में सीएमजी के सीजीटीएन की लारा पारपन (Lara Parpan) ने चीन के सतत भविष्य के खाके को निर्देशित करने वाले चार पहलुओं को साझा किया।
उन्नत तकनीक, मजबूत लागत प्रतिस्पर्धा और विविध उत्पाद श्रृंखला के कारण, चीनी इलेक्ट्रिक वाहन स्पेन में उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं।
चीन की राजधानी पेइचिंग में दो सत्रों (एनपीसी और सीपीपीसीसी) का आयोजन हो रहा है। साल के सबसे महत्वपूर्ण इस आयोजन को लेकर पूरी दुनिया का ध्यान केंद्रित हुआ है। इस दौरान CGTN Hindi के संवाददाता Anil Pandey ने भारत के वरिष्ठ पत्रकार सीताराम मेवाती के साथ खास इंटरव्यू किया। चीन व अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर गहरी नजर रखने वाले सीताराम कहते हैं कि इन दो सत्रों में बनने वाली नीतियों और योजनाओं से चीन प्रगति के मार्ग आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही वे चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना को लेकर भी बहुत आशावान हैं। उनके मुताबिक चीन विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की दिशा में बहुत काम कर रहा है। इससे दुनिया को नए अवसर मिलेंगे न कि लोगों के रोजगार को खतरा होगा। विस्तार से जानने के लिए देखिए वीडियो इंटरव्यू......
हर साल मार्च आते ही चीन की राजधानी पेइचिंग में महत्वपूर्ण पॉलिटीकल सीज़न शुरू हो जाता है, जहां देश की संसद और उसके सबसे बड़े सलाहकार मंच की वार्षिक बैठकें होती हैं। यह वह समय होता है जब चीन अपने आने वाले सालों की दिशा तय करता है। इसे कहा जाता है ‘दो सत्र’ या ‘लियांगहुई’। नाम भले सरल हो, लेकिन इसके मायने बहुत गहरे हैं। ‘दो सत्र’ सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं हैं। यह चीन के आने वाले वर्षों का खाका हैं। यहां देश की आर्थिक रफ्तार, तकनीकी दिशा और वैश्विक भूमिका तय होती है।
हजारों चमकीली लालटेनें