
बरखोर स्ट्रीट के केंद्र में स्थित बरखोर प्राचीन नगर, चीन के शीत्सांग की राजधानी ल्हासा का जन्मस्थान है, जिसका इतिहास 7वीं शताब्दी ईस्वी तक जाता है। उस समय, राजा सोंगत्सेन गम्पो ने राजकुमारी वेनचेंग और राजकुमारी भृकुती से विवाह करने के बाद, जोखांग और रामोचे मंदिरों का निर्माण करवाया था। इसके बाद, यह क्षेत्र धीरे-धीरे संस्कृति, व्यापार और आवासीय गतिविधियों को एकीकृत करते हुए एक बहु-कार्यात्मक क्षेत्र के रूप में विकसित हुआ।
जोखांग मंदिर का निर्माण मूल रूप से 7वीं शताब्दी ईस्वी के मध्य में हुआ था। 1300 से अधिक वर्षों के निर्माण, मरम्मत और विस्तार के बाद, इसे पोटाला पैलेस विस्तार परियोजना के हिस्से के रूप में 2000 में विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया।
2012 में, ल्हासा ने प्राचीन नगर संरक्षण परियोजना शुरू की, जिसमें जल आपूर्ति और जल निकासी, बिजली लाइनें, ताप व्यवस्था और इसके ऐतिहासिक स्वरूप का संरक्षण शामिल है। आज, पारंपरिक हस्तशिल्प की दुकानों को बरकरार रखते हुए, इस क्षेत्र में कैफे और रचनात्मक सांस्कृतिक दुकानों जैसे आधुनिक व्यवसाय भी मौजूद हैं, जो सांस्कृतिक और पर्यटन एकीकरण का एक नय