• भू-राजनीतिक टकराव में शामिल होने के लिए प्रशांत द्वीप देश अमेरिका के मोहरे नहीं हैं

    भू-राजनीतिक टकराव में शामिल होने के लिए प्रशांत द्वीप देश अमेरिका के मोहरे नहीं हैं

    22 सितंबर को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने यूएन महासभा के दौरान “नीले प्रशांत भागीदार”(पीबीपी) के विदेश मंत्रियों की एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने कहा कि अमेरिका प्रशांत क्षेत्र के विकास में गहन रूप से भाग लेगा और मौसम परिवर्तन और बुनियादी संरचनाओं के निर्माण को मजबूत करने में सहयोग करेगा। लोकमत का मानना है कि सितंबर के अंत में वाशिंग्टन में आयोजित होने वाले पहले अमेरिका-प्रशांत द्वीप देशों के शिखर सम्मेलन के लिए ब्लिंकन ने उपरोक्त बात कही है।

  • रिश्तों की पिघलेगी बर्फ

    यह संयोग है या कूटनीतिक शिष्टाचार का तकाजा, जिस समय समरकंद शहर शंघाई सहयोग संगठन की शिखर बैठक की तैयारी को अंतिम रूप दे रहा था, इस संगठन के दो प्रमुख देश चीन और भारत सीमा विवाद पर सहमति के बिंदु तलाश रहे थे। पूर्वी लद्दाख के पास दोनों देशों के बीच जारी सीमा विवाद फिलहाल टलता नजर आ रहा है। दोनों देश 12 सितंबर तक अपने –अपने सैनिकों को वापस बुलाने पर सहमत हो गए हैं।

  • विश्व शांति और समृद्धि में सकारात्मक ऊर्जा डालता है एससीओ

    विश्व शांति और समृद्धि में सकारात्मक ऊर्जा डालता है एससीओ

    हाल में 2022 शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन उज़्बेकिस्तान के समरकंद में संपन्न हुआ। 21 वर्षों के विकास के बाद एससीओ विश्व में सबसे बड़ी आबादी वाला क्षेत्रीय सहयोग संगठन बन चुका है। इस साल एससीओ ने कई देशों को सदस्य देशों और संवाद साझेदारी देशों में शामिल किया। एससीओ का पैमाना निरंतर बढ़ता रहा है।

  • अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया की परमाणु प्रसार करने की कार्रवाई खतरनाक हरकत है

    अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया की परमाणु प्रसार करने की कार्रवाई खतरनाक हरकत है

    हाल में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की परिषद ने विशेष रूप से अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के बीच नाभिकीय पनडुब्बी सहयोग पर विचार-विमर्श किया। यह चौथी बार है कि इस संस्था के सदस्य देशों ने स्वयं ही औपचारिक विषय के तरीके से इस सवाल पर चर्चा करने का निर्णय लिया। चर्चा में चीनी पक्ष ने अमेरिका-ब्रिटेन- ऑस्ट्रेलिया नाभिकीय पनडुब्बी सहयोग की चार समस्याएं पेश कीं, जिन पर सदस्य देशों ने व्यापक प्रतिक्रियाएं दीं।

  • "उम्मीदों से बढ़कर" चीन की आर्थिक बहाली दुनिया के लिए अच्छी खबर है

    "चीनी बाजार को विश्व का बाजार, साझा बाजार और सभी का बाजार बनने दें," यह दुनिया के लिए चीन की प्रतिबद्धता है। एक महीने से अधिक समय बाद, यानी नवम्बर की शुरुआत में पांचवां चीनी अंतरराष्ट्रीय आयात एक्सपो शांगहाई में आयोजित होगा। उम्मीद है कि यह दुनिया के लिए चीनी बाजार को साझा करने के अधिक अवसर लाएगा।

  • अमेरिकी समाज को ढकने वाला गहरा डर बन गयी है बंदूक हिंसा

    अमेरिकी समाज को ढकने वाला गहरा डर बन गयी है बंदूक हिंसा

    कई परिवारों के लिए नया स्कूल वर्ष एक नई शुरुआत होता है। लेकिन अमेरिका के टेक्सास स्टेट के उवाल्डे के नागरिक गरज़ा के लिए यह एक दर्दनाक अनुभव है। तीन महीने पहले एक बंदूकधारी ने स्थानीय रॉब प्राइमरी स्कूल में घुसकर 19 छात्रों और दो शिक्षकों की हत्या कर दी थी, जिसमें गरज़ा की इकलौती बेटी भी शामिल थी।

  • अमेरिका-ब्रिटेन-ऑस्ट्रेलिया परमाणु पनडुब्बी सहयोग की योजना विफल हुई

    अमेरिका-ब्रिटेन-ऑस्ट्रेलिया परमाणु पनडुब्बी सहयोग की योजना विफल हुई

    12 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की एक बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वह औपचारिक रूप से अमेरिका-ब्रिटेन-ऑस्ट्रेलिया परमाणु पनडुब्बी सहयोग से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श करेगा। यह इस बात का द्योतक है कि तीनों देशों के बीच परमाणु पनडुब्बी सहयोग उन तीनों द्वारा निपटारा नहीं किया जा सकता, जबकि आईएईए निगरानी करेगी।

  • चीनी विदेश व्यापार से विश्व अर्थव्यवस्था को मिलेगी जीवन शक्ति

    चीनी विदेश व्यापार से विश्व अर्थव्यवस्था को मिलेगी जीवन शक्ति

    चीनी सीमा शुल्क जनरल प्रशासन द्वारा 7 सितंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष पहले 8 महीनों में चीन का आयात निर्यात कुल मूल्य 273 खरब युआन तक पहुंच गया, जो गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10.1 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इसमें निर्यात की वृद्धि दर 14.2 प्रतिशत और आयात की वृद्धि 5.2 प्रतिशत है।

  • सीआईएफटीएस चीन के कई अंतर्राष्ट्रीय सहयोगों की एक झलक

    सीआईएफटीएस चीन के कई अंतर्राष्ट्रीय सहयोगों की एक झलक

    इस वर्ष चाइना पेइचिंग इंटरनेशनल फेयर ऑफ ट्रेड इन सर्विस (सीआईएफटीएस) के आयोजन का 10वां साल है। 31 अगस्त को उद्घाटित 2022 सीआईएफटीएस ने विश्व के 400 से अधिक मशहूर उद्यमों को प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए आकर्षित किया है।

  • एशिया की सदी के लिए महाद्वीप की विविधता का सम्मान जरूरी

    एशिया की सदी के लिए महाद्वीप की विविधता का सम्मान जरूरी

    दो हफ्ते के भीतर भारत ने जिस तरह एशिया की सदी और उसमें भारत और चीन की भूमिका का जिक्र किया है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत की नजर में चीन की क्या अहमियत है। बैंकाक में दो हफ्ते पहले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि इक्कीसवीं सदी एशिया की तभी हो सकती है, जब भारत और चीन एक साथ विकास की राजनीति पर आगे बढ़ने की कोशिश करें। नई दिल्ली में एशिया सोसायटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के एक कार्यक्रम में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर अपनी वही बात दोहराई है।