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अगर जिन्दगी एक कंप्यूटर होती
2012-04-27 10:22:07

विकासः चलें अगला पत्र कांटाबांजी, उड़ीसा में रहने वाले हमारे श्रोता राजेश अग्रवाल ने भेजा है। इस पत्र में उन्होंने हमें यह खबर दी कि मारवाड़ी युवा मंच सुत्र में ढ़ला एक त्रिस्तरीय राष्ट्रीय सामाजिक संगठन है। प्रत्येक तीन वर्ष के अंतराल में इस का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होता है। इसी कड़ी में इस वर्ष अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच का दशम-राष्ट्रीय अधिवेशन एवं अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार-उद्योग पर्यटन परिषद के तहत पहला विश्व मारवाड़ी सम्मेलन दिनांक 10 से 13 नवंबर 2011 को देश के महाकुंभ की पवित्र स्थली व औद्योगिक विकास में अग्रसर नाशिक शहर में मारवाड़ी युवा मंच नाशिक सिटी शाखा के आतिथ्य में महाराष्ट्र प्रादेशिक मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित हुआ। अधिवेशन का नाम रखा गया है"युवा मंथन-2011" तथा इस की थिम है"साथ चले देश बढ़े"।

चंद्रिमाः क्योंकि इस पत्र में राजेश अग्रवाल जी ने इस गतिविधि की ठोस जानकारियां दी, इसलिये पत्र बहुत लंबा है। यहां समय के कारण हमने केवल संक्षेप में इस का मुख्य विषय पढ़ा। और हम राजेश जी को खबर देने के लिये धन्यवाद भी देते हैं। श्रोताओ, अगर आप के यहां कोई खास बात हुई है, या आप से जुड़ी कोई खास बात हुई है, जैसे आप या आप के अच्छे दोस्तों का जन्म दिन या शादी इत्यादि, तो आप भी पत्र द्वारा हमें बता सकते हैं, और हम आप का पत्र मिला कार्यक्रम में ये सभी खबरें अन्य श्रोताओं के साथ बाटेंगे, और शुभकामना भी देंगे।

विकासः अब बारी है नेटीज़न अमानत उल्लाह खान की। उन्होंने हमें नवरात्रि - मौसम और जीवन में बदलाव की घड़ी के विषय पर हमें एक पत्र भेजा। इस में उन्होंने लिखा है कि हिन्दू पंचांग के आश्विन माह की नवरात्रि शारदीय नवरात्रि कहलाती है। विज्ञान की दृष्टि से शारदीय नवरात्र में शरद ऋतु में दिन छोटे होने लगते हैं और रात्रि बड़ी। वहीं चैत्र नवरात्र में दिन बड़े होने लगते हैं और रात्रि घटती है, ऋतुओं के परिवर्तन काल का असर मानव जीवन पर न पड़े, इसीलिए साधना के बहाने हमारे ऋषि-मुनियों ने इन नौ दिनों में उपवास का विधान किया।

चंद्रिमाः साथ ही उन्होंने यह भी लिखा है कि संभवत: इसीलिए कि ऋतु के बदलाव के इस काल में मनुष्य खान-पान के संयम और श्रेष्ठ आध्यात्मिक चिंतन कर स्वयं को भीतर से सबल बना सके, ताकि मौसम के बदलाव का असर हम पर न पड़े। इसीलिए इसे शक्ति की अराधना का पर्व भी कहा गया। यही कारण है कि भिन्न स्वरूपों में इसी अवधि में जगत जननी की अराधना-उपासना की जाती है। नवरात्रि पर्व के समय प्राकृतिक सौंदर्य भी बढ़ जाता है। अमानत जी, नवरात्रि से जुड़ी सूचना देने के लिये धन्यवाद।

विकासः अच्छा, अब हम कार्यक्रम समाप्त होने से पहले और एक पत्र पढ़ने की कोशिश करते हैं। कोआथ बिहार के प्रमोद कुमार केशरी ने हमें भेजे पत्र में यह लिखा है कि मैं सी.आर.आई. का पुराना एवं नियमित श्रोता हूं, हमेशा आपका प्रोग्राम सुनकर लाभ उठाता हूं। 26 अगस्त को खेल जगत प्रोग्राम सुना, जिसमें दक्षिण चीन में आयोजित यूनिशियाड खेल पर चर्चा हुई। चीन की तारीफ़ करनी होगी, जिसमें चीन 70 स्वर्ण पदक लेकर प्रथम स्थान पर रहा। अभी तक खेल क्षेत्र में चीन का जवाब नहीं।

चंद्रिमाः केशरी भाई, आप ने चीनी खिलाड़ियों के लिये बहुत ऊंची प्रशंसा की है। हम चीनी खेल जगत के सभी व्यक्तियों की ओर से आपके आभारी हैं। और आशा है आप हमेशा हमारा कार्यक्रम खेल जगत पर ध्यान देंगे। इसी पत्र के साथ आज का आप का पत्र मिला कार्यक्रम समाप्त होता है। अगले हफ्ते हम ठीक समय पर यहां फिर मिलेंगे।

विकासः रेडियो बंद मत कीजिए। अब हम आपकी आवाज ऑनलाइन कार्यक्रम पेश करते हैं।


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