Web  hindi.cri.cn
पर्यावरण संरक्षण के साथ सुन्दर तिब्बत का विकास
2013-03-19 09:39:57

छिंगहाई तिब्बत रेल यातायात शुरू होने के बाद तिब्बत के पर्यटन उद्योग का अभूतपूर्व विकास हुआ है। जुलाई वर्ष 2006 से अब तक छह वर्षों से ज्यादा समय में संबंधित पर्यटन सेवाओं और संस्थापनों को लगातार संपूर्ण किया जा रहा है। तिब्बत ने कुल 3 करोड़ 20 लाख देसी विदेशी पर्यटकों का सत्कार किया और 10 अरब 30 करोड़ युआन की पर्यटन आय अर्जित की, पिछले 12 वर्षों में तिब्बत का द्रुत गति से विकास हुआ और तिब्बत में होने वाली 90 प्रतिशत आय पर्यटन से हुई। तिब्बत स्वायत्त प्रेदश के पर्यटन ब्यूरो के वित्तीय विभाग के कर्मचारी थांग छांगश्यांग ने कहा:"पिछले 12 वर्षों में पर्यटन उद्योग छलांग विकास के चलते तिब्बत स्वायत्त प्रदेश का प्रमुख उद्योग बन गया है। पर्यटन के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी बहुत महत्व दिया जाता है।"

पश्चिमी चीन की तेज़ विकास नीति के कार्यान्वयन किए जाने के पिछले 12 वर्षों में व्यापक तिब्बती किसानों और चरवाहों के जीवन में बहुत सुधार आया है। प्रति किसान और चरवाहे की शुद्ध आय नौ वर्षों में दो अंकों की वृद्धि दर बरकरार रही। तिब्बती किसानों और चरवाहों का जीवन स्तर दिन प्रति दिन बेहतर हो रहा है। पारिस्थितिकी और पर्यावरण संरक्षण वाली विचारधारा उनके दिल में आ बसी है। आज मीथेन गैस और सौर ऊर्जा आदि स्वच्छ ऊर्जा का प्रयोग तिब्बत में व्यापक हो रहा है।

वर्ष 2010 में तिब्बत की राजधानी ल्हासा की ताज़ी कांउटी के पागाश्ये गांव को राष्ट्र स्तरीय पारिस्थितिक सभ्यता वाले गांव के रूप में सम्मानित किया गया, यह तिब्बत में सुप्रसिद्ध"मीथेन गैस गांव"है। 2006 में पागाश्ये गांव ने मीथेन गैस का प्रयोग शुरू किया और अब करीब सभी निवासी मीथेन गैस का इस्तेमाल करने लगे हैं। 2009 में तिब्बत में सर्वांगीर्ण तौर पर"लकड़ी का स्थान लेने वाली परियोजना"शुरू हुई, अपूर्ण आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में सारे तिब्बत में करीब 1 लाख 50 हज़ार किसान और चरवाहे परिवार मीथेन गैस का इस्तेमाल करते हैं।

पागाश्ये गांव की निवासी जाफूसांग दो मंजिले मकान में रहती हैं। घर में रंगीन टीवी और फ्रिज जैसे इलेक्ट्रोनिक उपकरण उपलब्ध हैं। हर दिन सुबह वह मीथेन गैस की मदद से परिवार के सदस्यों को क्रीम या घी वाली चाय पिलाती है। उसने कहा:"पहले घर में खाना पकाने के दौरान गाय के गोबर को ईंधन के रूप में जलाया जाता था, जिससे रसोईंघर में बहुत धुआं होता था और खाना पकाने के लिए ज्यादा समय भी लगता था। लेकिन अब मीथेन गैस के प्रयोग के बाद घर साफ़ हो गया है। ईंधन के लिए कम पैसे की आवश्यता होती है और पर्यावरण भी स्वच्छ रहता है।"

पश्चिमी चीन में तेज़ विकास परियोजना लागू किए जाने से पिछले 12 वर्षों में चीन की केंद्र सरकार और तिब्बत की स्थानीय सरकार ने खेतों और चरागाह को पुनः वन व घास के मैदान में बदलने के लिए बड़ी मात्रा में राशि लगाई। साथ ही 1 लाख 13 हज़ार 3 सौ से ज्यादा हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन रोपण किया, 42 हज़ार 666 से अधिक हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले स्थलों में रेगिस्तान के फैलाव को रोकने की परियोजना लागू की गई। इनके अलावा 40 हज़ार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को वन क्षेत्र में तब्दील किया गया और 40 लाख हेक्टेयर चरागाह क्षेत्रों को घास के मैदान में बदला गया। सारे तिब्बत में वनों की दर 12 प्रतिशत पहुंच गई, जो वर्ष 1951 शांतिपूर्ण मुक्ति से पूर्व सिर्फ़ 1 प्रतिशत से कम थी।

1 2 3
संदर्भ आलेख
आप की राय लिखें
सूचनापट्ट
• वेबसाइट का नया संस्करण आएगा
• ऑनलाइन खेल :रेलगाड़ी से ल्हासा तक यात्रा
• दस सर्वश्रेष्ठ श्रोता क्लबों का चयन
विस्तृत>>
श्रोता क्लब
• विशेष पुरस्कार विजेता की चीन यात्रा (दूसरा भाग)
विस्तृत>>
मत सर्वेक्षण
निम्न लिखित भारतीय नृत्यों में से आप को कौन कौन सा पसंद है?
कत्थक
मणिपुरी
भरत नाट्यम
ओड़िसी
लोक नृत्य
बॉलिवूड डांस


  
Stop Play
© China Radio International.CRI. All Rights Reserved.
16A Shijingshan Road, Beijing, China. 100040