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स्छवान भूकंप के बाद संस्कृति विरासत संरक्षण
2010-11-08 10:13:38


2008 में पश्चिमी चीन के स्छवान प्रांत में आए भूकंप ने सब कुछ तबाह कर दिया था,जिसकी दिल दहला देने वाली स्मृति आज भी चीनियों के दिल में ताज़ा है।


इस आपदा ने केवल भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को ही प्रभावित नहीं किया बल्कि प्रतिष्ठित स्थानीय सांस्कृतिक अवशेषों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।

अब भूकंप आने के दो साल बाद सी.आर.आई संवाददाता ने पूरी तरह से बर्बाद क्षेत्र का एक बार फिर दौरा किया और पता लगाया कि कैसे स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के पुनर्निर्माण को बहाल किया गया है।

लेगू कस्बे का माओ अरशी गाँव, बेछ्वान छ्यांग स्वायत्त काऊंटी में स्थित में है।छ्यांग चीन में सबसे प्राचीन अल्पसंख्यक जातीय समूह है जिनका इतिहास हड्डियों से शिलालेख पर दर्ज किया गया है।

3 लाख से अधिक जनसंख्या वाली छ्यांग जाति के लोगों ने भूकंप के झटके सहे जिसने उनके घर तथा बुनियादी सुविधाओं को गंभीर रूप से बर्बाद कर दिया। छ्यांग संस्कृति को विनाशकारी झटके का सामना करना पड़ा। अपनी मूल पारंपरिक वास्तुकला को बरकरार रखने के लिए स्थानीय सरकार ने स्थानीय परंपराओं तथा अद्वितीय विशेषताओं का उपयोग करके गाँवों का पुननिर्माण किया।

वांग श्याहू गाँव के मुखिया हैं।

"उन्होंने कहा कि सरकार ने पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को निर्देशित किया। भूकंप के बाद पुनर्निर्माण के लिए तय नीति में उद्योग के विकास को भी संयोजित करने की प्रेरणा दी गई। इसलिए हम ने एक प्रांतीय शहरी नियोजन और डिजाइन संस्था को आमंत्रित किया जहाँ वे सांस्कृतिक तत्वों के मिश्रण के साथ पुनर्निर्माण की योजना को मूर्त रूप दे सकें।"

एकीकृत योजना के साथ, माओ अरशी गाँव को एक नया चेहरा मिला।छ्यांग विशेषताओं को आधुनिक निर्माण प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ कर।

3000 साल पुरानी संस्कृति के साथ-साथ छ्यांग लोग अपनी रंगीन, सुन्दर कढ़ाई किए गए परंपरागत वस्त्र और अद्वितीय शैलीगत इमारतों के लिए जाने जाते हैं।छ्यांग शैली के वॉच टॉवर(watch tower) पहाड़ों से अंकुरित होते प्राचीन किलों की भाँति प्रतीत होते हैं।पूरा गाँव सघन पहाड़ी वनस्पतियों में बसा है और पड़ोसी क्षेत्रों से आए पर्यटकों को एक आदर्श आश्रय प्रदान करता है।

इस क्षेत्र के अतिथिगृह में स्थित स्थानीय रेस्तराँ स्वादिष्ट और विशुद्ध छ्यांग भोजन प्रदान करते हैं। जबकि दुकानों में चीन के राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक अवशेषों, चटक परंपरागत कढ़ाई वाले वस्त्रों का भंडार हैं।

सुश्री जियांग ऐसी ही एक दुकान की मालकिन हैं।उन्होंने कहा,

"भूकंप के बाद, हम ने नए घर के पूरा होने के बाद कारोबार शुरू कर दिया। हम आपदा से पहले खेती किया करते थे। बेशक, छ्यांग कढ़ाई व्यवसाय बेहतर है। केवल खेती से हमारे परिवार का पालन-पोषण बहुत कठिनाई से होता था क्योंकि हमारा परिवार बहुत बड़ा है।छ्यांग कढ़ाई से हमें पर्याप्त कमाई नहीं होती लेकिन अगर पर्यटकों की संख्या बढ़ती है तो हम बेहतर जीवन जी सकते हैं। सामान्य तौर पर कहे तो, हमारी ज़िंदगी अब बेहतर है।"

जीना छ्यांग ग्राम के अलावा, छ्यांग में कई नए गाँव और कस्बे कुकुरमुत्तों की तरह बस गए हैं।

श्विमो टाउन, वेंचुआन काउंटी के भीतर स्थित है, जो 2008 स्छवान भूकंप का उपकेंद्र था।यह क्षेत्र छ्यांग जातीय समूह के साथ-साथ हान और तिब्बती समूह के कब्जे में हुआ करता था। भूकंप से पहले शहर के पुराने उद्योगधंधे ने इस क्षेत्र को प्रदूषित कर दिया और स्थानीय वास्तुकला विभिन्न समूहों को प्रतिबिंबित नहीं करती थी।

भूकंप के कारण शहर का पूरी तरह विनाश हो गया था, जहाँ बीस प्रतिश्त से ज्यादा मकान ढह गए थे और भूकंप के बाद केवल पच्चीस प्रतिश्त ही बसने के योग्य बचे थे।

ली जून, फोशान पुनर्निर्माण कार्यान्वयन परियोजना के मुखिया हैं।

उन्होंने बताया कि उन्हें आज भी याद है जब उनकी टीम पहली बार इस शहर में आई। तब उन्हें छ्यांग विशेषताओं के किसी भी अंश को नहीं देखा, इसलिए उन्होंने फैसला किया कि वे पुनर्निर्माण की प्रक्रिया के दौरान श्विमो में छ्यांग संस्कृति को पुनः स्थापित करेंगे।

"भूकंप से पहले श्विमो टाउन हान संस्कृति से अत्यधिक प्रभावित था, बिना किसी छ्यांग लोगों की संस्कृति या वास्तुकला के। हमने यहाँ आने के बाद श्विमो के इतिहास का पता लगाने के लिए ऐतिहासिक अवशेषों की खुदाई भी शुरू की थी।"

फोशान पुनर्निर्माण टीम ने शहर के विकास में पारंपरिक च्यांग संस्कृति और वास्तुकला का स्थापत्य किया है।टीम के सदस्यों ने प्राचीन शहरों के पुनर्निर्माण के अपने पुराने अनुभवों का प्रयोग किया और ऐतिहासिक चंन्शुओ स्ट्रीट के पुराने स्वरूप को बरकरार रखा।

"हमने पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में इस ऐतिहासिक तत्व के एकीकरण पर विचार किया।वहाँ पर आप जो सीढ़ियाँ देख रहे हैं, पुरानी और टूटी हुई, वे मिंग और सोंग राजवंशों से हैं, जबकि नई सीढ़ियाँ हमारे कार्यकर्ताओं द्वारा बनाई गई हैं। दीवार पर लिखे चार बड़े चीनी अक्षरों को पढ़ों "बेइन्तहा प्यार करते हैं"। यह नीले और सफेद चीनी मिट्टी के बर्तन से बने हैं जो हमें सड़कों की खुदाई करते समय मिले। हम ने उन का पूरा उपयोग किया और उनका एक-एक टुकड़ा करके यहाँ चिपकाया है।"

इस बीच पुनर्निर्माण दल ने भी छ्यांग संस्कृति के अध्ययन के लिए प्रसिद्ध ए.बी.ए. सामान्य कॉलेज, को श्विमो टाउन में नवनिर्मित किया। यह कदम निश्चित रूप से पारंपरिक छ्यांग जातीय संस्कृति के अध्ययन को बढ़ावा देगा।

इन प्रयासों के अलावा वातावरण जो कभी प्रदूषित था को स्वच्छ किया गया और मजबूत नैतिक विशेषताओं पर प्रकाश डालकर स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा दिया गया।पुनर्निर्माण दल ने सभी भारी प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों को श्विमो टाउन से बाहर कर दिया।

"भूकंप से पहले श्विमो टाउन अबा काउंटी में ऊर्जा की बड़ी खपत वाला क्षेत्र था। यह शहर अत्यधिक प्रदूषित था क्योंकि यहाँ 63 काखाने ऐसे थे,जो अधिक ऊर्जा की खपत करते थे।यह स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य तथा पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक था।हम आकाश में उड़ता काला धूआं देख सकते थे तथा नदियों में कारखानों से निकला गंदा पानी बहा दिया जाता था। हमें लगता है कि भूकंप से पहले विकास की विधि टिकाऊ नहीं थी और पुनर्निर्माण के लिए इस अस्वास्थ्यकर विधि को पुनर्जीवित नहीं किया।"

भूकंप ने न केवल छ्यांग सांस्कृतिक विरासत को एक बहुत बड़ा झटका दिया, बल्कि प्रसिद्ध दुच्यांगयैन सिंचाई प्रणाली जिसे विश्व विरासत स्थल के रूप में मान्यता दी गई थी को भी अपंग कर दिया।

अर वांग और फू लोंग मंदिर, विरासत स्थल के दो प्रसिद्ध प्राचीन अवशेष अन्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अवशेषों के साथ बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हो गए।

दुच्यांगयैन सिटी ने भूकंप के एक ही महीने बाद जून 30, 2008 को पुनर्निर्माण परियोजना शुरू कर दी थी।

दुच्यांगयैन सांस्कृतिक अवशेष ब्यूरो के निदेशक फेन त्वोय का कहना है कि प्राचीन वास्तुकला अवशेष विभिन्न स्तरों पर प्रभावित हुए थे।

"अर वांग मंदिर सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ था।यह देश की खिसकने वाली भूमि पर बनाया गया था। शिलालेख पर चीनी अक्षरों में लिखा गया "अर वांग मंदिर", गिर गया। अन्य क्षेत्रों में संरचनात्मक क्षति पहुँची और कुछ छतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं थीं। इसके अलावा सभी लकड़ी के ढांचे झुक गए थे।"

फेन कहते हैं कि उन्होंने आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर पहाड़ी को मजबूत किया है और साथ ही प्राचीन वास्तुकला की उनकी क्षति के स्तर के अनुसार अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हुए मरम्मत की है।

"उदाहरण के लिए अर वांग मंदिर के वृत-खंड पूरी तरह से ध्वस्त हो गए, इसके मुख्य पुरजे पूरी तरह बर्बाद हो गए। हालांकि हमें बाहर खंडहर में जो भी मिला जिसका इस्तेमाल कर सकते हैं, हम ने उसे उठा लिया। यदि वहाँ कोई भी कमी रह जाएगी तो हम अपनी पूरी कोशिश करेंगे पुराने भागों का उपयोग करके उन्हें पहले की तरह बना दें। कुछ लकड़ी के भागों के लिए, जितना संभव हुआ हमने लकड़ी के बड़े टुकड़े चुने हैं। सामान्य तौर पर हम मंदिरों का पुनर्निर्माण उनके मूल डिजाइन, संरचना, सामग्री और तकनीक के अनुसार ही करेंगे।"

ज़ाओ छन प्राचीन वास्तुकला संरक्षण संस्थान हपे सांस्कृतिक अवशेष ब्यूरो के तहत अर वांग मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए जिम्मेदार पर्यवेक्षण के रूप में काम कर रहे हैं।

वे कहते हैं कि पुनर्निर्माण परियोजना ऐतिहासिक प्रमाण के अनुसार है।

"कुछ ब्लू प्रिंट्स दुच्यांगयैन सरकार और स्थानीय सांस्कृतिक अवशेष ब्यूरो द्वारा प्रदान किए गए हैं जो सब 1980 के दशक से मूल हस्तनिर्मित हैं।कभी-कभी निर्माण दल संबंधित स्थल पर बिना ब्लू प्रिंट्स के आते हैं। जब समस्याओं का सामना करना पड़ता है तब हम आमतौर पर पुरानी तस्वीरें, 1980 के पुराने ब्लू प्रिंट्स और स्थानीय लोगों द्वारा दिए गए परिचय के आधार पर फैसला करते हैं।"

फू लोंग मंदिर पिछले साल के अंत तक पूरा हो गया और अर वांग मंदिर का राष्ट्रीय निरीक्षण किया जा रहा है और जल्द ही दुनिया भर के पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया जाएगा।

एक के बाद एक पुनर्निर्माण परियोजनाओं के पूरा होने के साथ दोनों मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासतों को भूकंप के बाद नया जीवन दिया जा रहा है।

हेमा कृपलानी

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