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सिनच्यांग की वरिष्ठ महिलाओं का कला मंडल
2010-08-31 13:28:21

चीन के सिनच्यांग वेवुर स्वायत प्रदेश में एक लोलैन नामक वरिष्ठ व्यक्तियों का कला मंडल है। यह स्वास्थ्य, नृत्य एवं वेशभूषा प्रदर्शन को जोड़ने वाला एक कला मंडल है। कला मंडल में सदस्यों की औसत आयु 52 साल से ज़्यादा होती है, जो सिनच्यांग की विभिन्न जातियों व व्यवसायों से आये रिटायर लोग हैं। वे अकसर गांवों में जाकर अभिनय करते हैं, जिन्हें विभिन्न जातियों के लोगों का प्रेम मिला है। लोलैन कला मंडल ने सिनच्यांग का प्रतिनिधित्व करके अनेक बार चीन की राष्ट्रीय मेच में भी भाग लिया और श्रेष्ठ उपलब्धियां हासिल की हैं। आज के इस कार्यक्रम में हम आप लोगों को उन की कहानी सुनायेंगे।

पिछली शताब्दी के 90 के दशक के अंत में सिनच्यांग के उरुमछी में रिटायर लोगों द्वारा एक कला मंडल का गठन किया गया। इनका औसत कद 1.72 मीटर है, जिनके अधिकांश लोग रिटायर बास्केटबॉल खिलाड़ी हैं। शुरू में ये एकत्र होकर स्वास्थ्य के लिए अभ्यास करती थी। बाद में वे ऊंची कद की श्रेष्ठता का इस्तेमाल करके मॉडल बनें। इसके बाद वे नृत्य के साथ-साथ वेशभूषा का प्रदर्शन भी करने लगी। उनका शौकिया कला मंडल से धीरे धीरे पेशेवर कला मंडल बन गया।

वांग मीनली एक 70 वर्षीय महिला हैं। उनके नेतृत्व में कई बहनों ने 1999 में लोलैन वरिष्ठ आदमियों के कला मंडल का गठन किया। वांग मीनली ने याद करते हुए बताया,

रिटायर होने के बाद सिनच्यांग के फौजी क्षेत्र की महिला बास्केटबॉल टीम के कई लोग एक साथ स्वास्थ्य के लिए अभ्यास करते थे। उस समय मॉडल बहुत प्रचिलित था। इसलिए, मैंने एक सहेली का आमंत्रित करके लोगों को नृत्य सिखाया और मॉडलों की तरह चलने का अभ्यास करवाया।

इन खिलाड़ियों के लिए नृत्य करना दूसरी बात है और कठिन है। लेकिन, उन्हें पक्का विश्वास है कि जो काम युवक कर सकते हैं, वरिष्ठ आदमी भी कर सकते हैं।

कठिन अभ्यास करने के बाद लोलैन के वरिष्ठ आदमियों के कला मंडल को आखिरकार चीन के मंच पर अपने आप का प्रदर्शन करने का मौका मिला। वर्ष 1999 में उन्होंने पेइचिंग में आयोजित राष्ट्रीय वरिष्ठ व्यक्तियों के मॉडल मैच में भाग लिया और कुल 80 से ज्यादा प्रतिनिधि मंडलों की तुलना में अच्छा था।

चीन के सीमांत क्षेत्र सिनच्यांग से आये इस कला मंडल ने देश की जनता के सामने सिनच्यांग वेवुर स्वायत प्रदेश की वेशभूषा व संस्कृति का प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों व विद्वानों का प्यार व अच्छा मूल्याकन मिला। वांग मीनली ने कहा,

हालांकि हमारे कला मंडल की संख्या बहुत कम है, फिर भी हमारी वेशभूषा के प्रदर्शन को कान्स्य पुरस्कार मिला। हमें बहुत खुशी हुई । पुरस्कार मिलने के बाद हमें बहुत खुशी हैं और हमारे मन में पक्का विश्वास भी पैदा हुआ।

फांग श्योश्या की उम्र 56 है। रिटायर होने के बाद वे इस मंडल में शामिल हुई। पहले उन्हें कुछ नहीं मालूम था, लेकिन धीरे धीरे फांग श्योश्या ने रिटायर जीवन में रूचि हासिल की। लोलैं कला मंडल में भाग लेने के बाद उन्हें लगा कि उनका जीवन रंगीन हो गया है। उनके अनुसार,

रिटायर होने के बाद मुझे जीवन ऊबाऊ लगता था, लेकिन, नृत्य एवं मॉडल के प्रशिक्षण से मुझे बड़ी खुशी हुई।

फांग ने हमें बताया कि कला मंडल में प्रधान वांग मीनली की उम्र सबसे अधिक है, फिर भी वे सबसे संजीदगी से काम करती हैं। उनके अनुसार,

प्रशिक्षण करते समय वांग मीनली बहुत सख्त रहती हैं लेकिन, दैनिक जीवन में वह हमारी बड़ी बहन की तरह है और अक्सर हमारी मदद करती हैं।

जब मौका मिला, तो लोलैन कला मंडल ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। हर बार इस मंडल को पुरस्कार मिल सकता है, जिससे मंडल की हरेक सदस्य खुश है। सदस्या वांग यैन ने हमें बताया,

हर बार प्रतियोगिता में भाग लेना बहुत कठिन मिशन है। आम तौर पर लोग एक हफ्ते में तीन बार प्रशिक्षण करते हैं, लेकिन, प्रतियोगिता की तैयारी करने के लिए लोगों को पूरे दिन का अभ्यास करना पड़ता है। चूंकि कला मंडल में अधिकांश वरिष्ठ महिलाएं हैं, और कुछ लोग बीमार भी होते हैं, इसलिए अभ्यास करना मुश्किल बात है। कुछ लोग दवा खाकर अभ्यास करते रहते हैं।

वर्ष 2002 में लोलैं कला मंडल ने देश के वरिष्ठ व्यक्तियों के सांस्कृतिक समारोह में भाग लिया। उनकी वेशभूषा के अभिनय को स्वर्ण पदक मिला है।

उस प्रतियोगिता की चर्चा करते समय वांग मीनली बहुत उत्साहित हैं।

हमारी वेशभूषा के अभिनय में हाजाक, वेवुर एवं ताजिक जातियों की वेशभूषाएं शामिल हैं। इस अभिनय में वेशभूषा का प्रदर्शन करने के साथ साथ नृत्य भी किया जाता है।

वर्ष 2005 के अप्रैल माह में लोलैन कला मंडल ने मकाओ जाकर चीनी मकाओ सुंग छींगलींग कोष एवं पेइचिंग नृत्य अकादमी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित मकाओ स्वर्ण कमल कला प्रतियोगिता में भाग लिया और फिर एक बार स्वर्ण पदक जीता। इतना ही नहीं, देश के दूसरे किसान खेल समारोह एवं देश के प्रथम वरिष्ठ आदमियों के खेल समारोह जैसे गतिविधियों में उन्होंने बार बार स्वर्ण पदक जीते हैं। पुरस्कार मिलने से हरेक सदस्य को प्रेरणा भी मिली है।

सदस्या हो लीह्वा ने संवाददाता से कहा,

हम स्वास्थ्य व खुशी के लिए एक साथ नाचती हैं और अभ्यास करती हैं।

सिनच्यांग के विभिन्न तबकों के लोगों के समर्थन व मदद में वे अक्सर सिनच्यांग के विभिन्न स्थल जाकर सेना, कम्युनिटियों एवं कारोबारों के लिए नृत्य करती हैं एवं स्वस्थ कसरत करती हैं।

अब मंडल की सदस्याएं अच्छी बहनें बन चुकी हैं और कला मंडल उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग भी बन चुका है। सब लोग मंडल को एक परिवार मानती हैं और मंडल उन की मानसिक निर्भरता भी है। यदि कई दिनों के लिए वे एक दूसरे से नहीं मिल पाती, तो याद करेंगी।

लोलैन कला मंडल की सभी सदस्याएं इस कार्य को बहुत पसंद करती हैं। लोग एक दूसरे का सम्मान करते हैं और मैत्री को बड़ा मूल्यवान समझती हैं। आशा है कि इन वरिष्ठ महिलाओं का वृद्ध जीवन और स्वस्थ व खुश होगा।

(श्याओयांग)

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