2008-11-10 17:06:28

सिन जांग में प्राइमरी स्कूल स्थापित करने वाले चीनी प्रवासी श्री छेन छेंगफा

श्री छेन छेंगफा मलेशिया में रहने वाले चीन प्रवासी हैं। उन्होंने चीन के सिन्चांग प्रान्त के शी ह सी शहर में तीन आशा प्राइमरी स्कूल स्थापित किए हैं। क्यों मलेशिया में रहने वाले एक प्रवासी ने सिन्चांग प्रान्त में प्राइमरी स्कूल स्थापित किए । आज हमारे कार्यक्रम में हम मलेशिया के चीनी प्रवासी श्री छेन छेंगफा और उन के आशा स्कूल की रिपोर्ट पेश करेंगे।

इस वर्ष के सितंबर में नया सत्र शुरु होते समय उत्तर पश्चिमी चीन में स्थित सिन्चांग प्रान्त के शी ह जी शहर के पहली प्राइमरी स्कूल के 3000 से ज्यादा विभिन्न जातियों के छात्रों व अध्यापकों ने प्रसन्नता से 7000 वर्गमीटर बड़ी इमारत में प्रवेश किया। 11 वर्षीय वेवुर जाति के लड़के ने कहा कि यह इमारत बहुत बढिया है। यहां पढ़ना मुझे अच्छा लगता है। मैं श्री छेन छेंगफा को यह स्कूल स्थापित करने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं ज़रूर अच्छी तरह पढ़ूंगा।

श्री छेन छेंगफा मलेशिया में रहने वाले एक चीनी प्रवासी हैं। उन्होंने देश के लिए कुछ करने के लिए सिन्चांग प्रान्त के शी हे जी शहर में तीन आशा प्राइमरी स्कूल स्थापित करने के लिए 9 लाख य्वान का पूंजी निवेश किया।

क्यों हजारों किलोमीटर दूर रहने वाले श्री छेन छेंगफा ने सिन्चांग प्रान्त के शी हे जी शहर में स्कूल स्थापित करने के लिए पूंजी दी है। यह कहानी तीन साल पहले शुरु होती है।

सन् 2005 के नवंबर में सिन्चांग के शी ह जी शहर में चीनी कम्युनिस्ट नौजवान संघ की सचिव सुश्री कू चिन ह्वा ने चीन के फूच्यांग प्रान्त के फू ज्यो शहर में एक व्यापार सम्मेलन में भाग लिया। एक दिन उन्होंने दोस्तों से एक खबर सुनी कि मलेशिया के एक प्रवासी श्री छेन छेंग फा चीन की अल्पसंख्यक जाति क्षेत्रों में तीन आशा प्राइमरी स्कूल स्थापित करना चाहते हैं। सुश्री कू चिन ह्वा ने उस समय की याद करते हुए कहा कि फू ज्यो शहर के चीनी कम्युनिस्ट नौजवान संघ के सचिव श्री हांग टूंग ने मुझे यह बताया कि मलेशिया में रहने वाले एक चीनी प्रवासी श्री छेन छेंगफा चीन में तीन आशा प्राइमरी स्कूल स्थापित करने के लिए पूंजी निवेश करने को तैयार हैं। श्री छेन एक बहुत अच्छे व्यक्ति हैं।

कुछ दिनों बाद सुश्री कू चिन ह्वा ने शी ह जी शहर में वापस जाने के बाद स्थानीय शिक्षा विभाग को यह जानकारी दी। इस के बाद शी ह जी के शिक्षा विभाग ने श्री छेन को पत्र भेज कर स्थानीय शिक्षा स्थिति और तीन प्राइमरी स्कूल स्थापित करने की योजना बतायी।

यह पत्र प्राप्त करने के बाद श्री छेन को मालूम हुआ कि शी ह जी में 47 जातियों के लोग रहते हैं। ऐतिहासिक कारणों से वहां शिक्षा के विकास की स्थिति गंभीर है। कुछ स्कूलों की इमारतें छठे दशक में स्थापित की गयी हैं। यह जानकारी प्राप्त करने के बाद श्री छेन ने वहां आशा प्राइमरी स्कूल स्थापित करने के लिए पूंजी देने का फैसला किया। हाल में श्री छेन को फोन करके संवाददाता ने उन से बातचीत की। उन्होंने कहा हालांकि में मेरा जन्म मलेशिया में हुआ है। लेकिन मैं मूल रुप से चीनी हूं । जब मैं नौजवान था, चीन गरीब होने के कारण विदेश में भी व्यापार करने में हमें बहुत मुश्किलें आती थीं। इसलिए मेरे विचार में अपने देश चीन की मदद करना अच्छी बात है।

सन् 2003 में श्री छेन पहली बार सिन्चांग गए। उस समय श्री छेन सिन्चांग केवल यात्रा करने के लिए गए। उन्होंने देखा कि सिन्चांग में बहुत सी अल्पसंख्यक जातियों के लोग चीनी भाषा नहीं बोल सकते। श्री छेन ने कहा कि 4 साल पहले मैं सिन्चांग गया। मैं अल्पसंख्यक जातियों के लोगों की शिक्षा को महत्व देता हूं। मुझे आशा है कि वे चीनी भाषा और चीनी संस्कृति पढ़ सकेंगे। अल्पसंख्यक जातियों में शिक्षा के विकास से चीन शक्तिशाली होगा।

सन् 2006 अप्रेल की 18 तारीख को सिन्चांग प्रान्त के शी ह जी शहर ने श्री छेन द्वारा हस्ताक्षर किया गया समझौता प्राप्त किया जिस में यह लिखित था कि श्री छेन शी ह जी में तीन प्राइमरी स्कूल स्थापित करने के लिए 9 लाख य्वान की पूंजी देंगे। तीन स्कूल पूंजी प्राप्त करने के बाद यथाशीघ्र इमारत बनाएंगे और स्कूल की स्थिति सुधारेंगे। श्री छेन ने समझौते में यह भी लिखा है कि वे भविष्य में और ज्यादा मदद देंगे।

हाल में इन तीन प्राइमरी स्कूलों की नयी इमारतें निर्मित हो गयी हैं। श्री छेन छेंगफा ने बधाई पत्र भी भेजा। छात्रों ने नयी इमारत में जाकर प्रसन्नता से फोन करके मलेशिया में रहने वाले श्री छेन को धन्यवाद दिया। चौथी कक्षा के ह्वी जाति के छात्र मा श्यौ लीन ने कहा कि मैं श्री छेन के प्रति धन्यवाद प्रकट करने के लिए ज़रूर अच्छी तरह पढ़ूंगा। भविष्य में मैं भी श्री छेन की तरह मुश्किल में फंसे लोगों की मदद करुंगा।

उन्होंने श्री छेन छेंगफा को सिन्चांग यात्रा के लिए निमंत्रण भी दिया। उन्होंने फोन पर प्रसन्नता से बातचीत की।

श्री छेन, हमें आशा है कि आप शी ह जी में आ सकेंगे और आप द्वारा स्थापित किए गए नए स्कूल और छात्रों को देख सकेंगे।

अच्छा,।

आशा है कि आप की कंपनी भी विकास करेगी।

धन्यवाद, अगर स्कूल में मदद देने की ज़रूरत है तो मुझे बताएं, मैं आप लोगों को सहायता दे सकूंगा।

वहां के सभी लोग अल्पसंख्यक जाति क्षेत्रों के विकास में मदद देने वाले श्री छेन छेंगफा की बातों से प्रभावित हुए ।