2008-12-04 16:17:34

राजा लु वांग चिड़िया पालता था

प्राचीन जमाने में लु राज्य में दूर समुद्र से एक चिड़िया उड़ आई , लु राज्य के लोग इस किस्म की पक्षी को कभी नहीं देखने को नहीं पाते थे । उसे देखने के लिए नगर में घनी भीड़ लग भी जाती थी । अंततः खबर राज महल पहुंची , राजा लु वांग समझता था कि यह जरूर स्वर्ग से अवतारित पक्षी देवता है । सो उस ने चिड़िया को राज मंदिर में पूजा के लिए रख कर पालने का आदेश दिया । राजा लु वांग के आदेशानुसार चिड़िया को खुश करने के लिए दरबारी वाद्य दल रोज गंभीर्य वाला दरबारी धुन बजाता रहा , राजा के रसोई ने हर वक्त शाही भोज बनाया । इस प्रकार के शान शौकत से भरा प्रबंध से समुद्री पक्षी घबरा गयी और बड़ा भयभीत होने से उस ने खाना पीना तक छोड़ दिया , फिर तीन दिन के बाद इस चिड़िया ने डर और भूख के मारे दम तोड़ दिया ।

दोस्तो , लु राज्य का राजा यदि जिस तरह पक्षी के साथ व्यवहार करता था , उसी तरह अपनी प्रजा के साथ करता था , उस की प्रजा जरूर उस का डट कर समर्थन करती थी , मगर चिड़िया ऐसी पाली नहीं जा सकती है , क्यों कि वह जीव जंतु है , मानव नहीं है ।