2008-07-14 16:23:41

भारतीय खेल अधिकारी की आशा है कि पेइचिंग ऑलंपिक में भारत का प्रदर्शन पहले से बेहतर होगा

भारतीय ऑलंपिक समिति ने हाल ही में घोषणा की कि 40 भारतीय खिलाडी इस अगस्त में पेइचिंग में आयोजित होने वाले ऑलंपिक में भाग लेंगे ।वे ट्रैक एंड फील्ड ,बेडमिंटन ,जूडो ,निशानेबाजी ,टेनिस ,कुश्ती ,कानोइंग जैसे इवेंटों की प्रतिस्पर्द्धा में उतरेंगे ।भारतीय खिलाडियों को स्वर्ण पदक जीतने की आशा कम है ,पर भारतीय खेल अधिकारी ने पेइचिंग ऑलंपिक में पहले की तुलना में भारतीय खिलाडियों के प्रदर्शन पर विश्वास प्रकट किया ।

खेल के बुनियादी संस्थापनों का अभाव और खेल कार्य के विकास में आम भारतीयों की विमुखता के कारण विश्व में दूसरी सब से बडी जनसंख्या वाले देश होने के नाते भारत के खेल विकास का स्तर संतोषजनक नहीं है । वर्ष 1928 में भारत ने पहली बार ऑलंपिक खेल समारोह में भाग लिया था।तब से अब तक भारतीय खिलाडियों ने सिर्फ कुश्ती ,टेनिस , भारोत्तोलन व हॉकी में पदक जीते हैं ।व्यक्तिगत इवेंटों में भारतीय खिलाडियों ने सिर्फ पांच पदक हासिल किए हैं ।उल्लेखनीय बात है कि 2004 एथेंस ऑलंपिक में निशानेबाजी में राठौर ने एक रजत पदक जीता है।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम भारतीयों का सब से बडा गौरव रहा है ।पर बडे खेद की बात है कि इस मार्च में हुई ऑलंपिक क्वालिफाईंग प्रतियोगिता में भारतीय टीम ब्रिटिश टीम से 0--2 से हार गयी और पेइचिंग ऑलंपिक में भाग लेने का मौका गंवा दिया ।इस सब के बावजूद भारतीय खेल व युवा मामलों के मंत्रालय के अधिकारी ने आशा प्रकट की कि भारतीय खिलाडी इस ऑलंपिक में अपना सब से अच्छा स्तर दिखाकर पहले से अच्छी उपलब्धि प्राप्त करेंगे ताकि भावी विकास के लिए तैयारी की जाए ।

भारतीय खेल मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि हालांकि पेइचिंग ऑलंपिक में स्वर्ण-पदक जीतने की आशा बहुत कम है ,पर पहले की तुलना में भारतीय खिलाडियों को अधिक पदक प्राप्त करने के मौके ज्यादा हैं । जैसे भारतीय निशानेबाज खिलाडी पेइचिंग ऑलंपिक में पदक पाने की पूरी कोशिश करेंगे।सूत्रों के अनुसार कुल 9 भारतीय निशानेबाज पेइचिंग ऑलंपिक में भाग लेंगे ,जिन में एथेंस ऑलंपिक के रजत पदक विजता राठौर शामिल हैं ।खेल मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि अगर भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन सामान्य होगा ,तो एयर पिस्टल ,एयर राईफल व डबल ट्रेप जैसे इवेंटों में उन की पदक जीतने की बडी आशा है ।इस के अलावा मुक्केबाजी ,टेनिस व तीरंदाजी में पदक हासिल करने की आशा भी है ।सूत्रों के अनुसार पांच भारतीय मुक्केबाज खिलाडी पेइचिंग ऑलंपिक में भाग लेंगे । 75 किलो के वर्ग में खिलाडी वीघेंद्र सिंह ने चालू साल में हुई राष्ट्रपति कप की प्रतियोगिता में ऑलंपिक चैंपियन व हाजिकस्तान के खिलाडी अटायफ को हराया था । 54 किलो वर्ग में खिलाडी अखिल कुमार ने इस साल में हुई एक प्रतियोगिता में ऑलंपिक रजत पदक विजयता को हराया था ।भारतीय तीरंदाज डोला बैनर्जी ने पिछली नवंबर में हुई विश्व कप में चैंयिपनशिप हासिल की थी ।उन को पेइचिंग ऑलंपिक में पदक जीतने का विश्वास है ।

भारतीय टेनिस खिलाडी लैंडर पेस और भूपति से भी बडी आशा है ।इतिहास में इन दोनों खिलाडियों ने शानदार सफलता प्राप्त की है ।पर वर्ष 2004 एथेंस ऑलंपिक के बाद दोनों खिलाडी एक दूसरे से अलग हुए और लंबे समय से साथ-साथ अभ्यास नहीं किया है।इस बार पेस और भूपति देश के गौरव के लिए फिर एक साथ लडाई लडेंगे ।पर क्या वे अपने सब से अच्छे फार्म में पेइचिंग ऑलंपिक के टेनिस कोर्ट में दिखेंगे ।इस सवाल का जवाब देना बहुत मुश्किल है ।

अन्य खेलों में भारतीय खिलाडियों के लिए पदक जीतने के मौके ज्यादा नहीं हैं।भारतीय खेल मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि भारतीय खेल प्रतिनिधि मंडल पेइचिंग ऑलंपिक में असाधारण सफलता प्राप्त करने की आशा नहीं करता है।पर आशा है कि भारतीय खिलाडी पेचिंग ऑलंपिक में भाग लेने से अनुभव प्राप्त करेंगे और अपना-अपना रिकार्ड तोडेंगे ।खेल मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि भारत ने खेल कार्य के विकास पर बडा ध्यान देना शुरू किया है ।भारत को वर्ष 2016 ऑलंपिक से पहले विश्व खेल मंच में एक शक्ति बनने का विश्वास है ।

हाल ही में मीडिया के साथ एक बातचीत में भारतीय ऑंलपिक समिति के महासचिव सिंह ने कहा कि पेइचिंग ऑलंपिक में भारतीय खिलाडियों के लिए पहले से अधिक पदक पाने की बडी संभावना है । अब भारत व्यक्तिगत इवेटों में अपना स्तर उन्नत करने की कोशिश कर रहा है ।भारत के खेल विकास का लक्ष्य है कि एशियाड में हाजिकस्तान और थाइलैंड को पीछे छोडकर चीन ,जापान व दक्षिण कोरिया के बाद चौथी शक्ति बनना और 2012 व 2016 ऑलंपिक में विश्व के पहले बीस स्थानों में शामिल होना ।