

दक्षिण पश्चिम चीन के सीछवान प्रांत में उत्पन्न भीषण भूंकप से अब तक 60 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गयी है, अनुमान है कि मृतकों की संख्या और भी बढ़ने की संभावना है। लोग जरूर पूछना चाहेगें कि यदि इस से पूर्व भूंकप के आने का पता चल जाए और इस के लिए तैयारी कर ली जाए, तो हताहती अवश्य बहुत कम हो सकती है। लेकिन वास्तव में स्थिति यह है कि भूंकप की भविष्यवाणी अब भी एक विश्वव्यापी वैज्ञानिक कठिन सवाल है, चीन दुनिया के अन्य देशों की तरह, पूर्व सूचना देने की सफलता गलत या वक्त पर दे न पाने की गुंजाईश से कहीं कम रहा है।
12 मई को चीन के सीछवान प्रांत के वनछुआन काउंटी में भूंकप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8 मापी गयी, चीन के दसेक प्रांतो व शहरों समेत वियतनाम और थाएलैंड देशों को भी कुछ हद तक भूंकप का झटका महसूस हुआ है।
श्री सुन सी हुंग चीन के भूंकप स्टेशन नेटवर्क केन्द्र के प्रमुख मौसम सूचनाकर्ता हैं, उन्हे भूंकप अनुसंधान में कार्यरत दस साल हो चुके हैं। उन्होने जानकारी देते हुए कहा कि चीन इस लिए इस बार के भूंकप की सही सूचना नहीं दे सका, कारण यह है कि इस से पहले के एक लम्बे समय में भूंकप के केन्द्रीय स्थान व उसके आसपास क्षेत्रों की भूंकप गतिविधियों का स्तर उंचा नहीं था, न ही कोई पूर्व भूंकप स्थिति उत्पन्न हुई थी। इस के साथ भूंकप के आने से पहले व इस से पहले के कुछ समय में कोई असामान्य नजारा नहीं देखने को मिला था। उन्होने कहा इतने बड़े भूंकप पर छोटे समय में या इस से पहले पूर्व सूचना देना के लिए दो मुख्य आधार होते हैं, एक है पशुओं की असामान्य कार्यवाही, और दूसरा, भूंकप से पहले भूंकप की भूरपूर गतिविधियां, मिसाल के लिए, बराबर लघु भूंकप के झटके देखने को मिलना। लेकिन इस बार के भूंकप में न ही कोई पूर्व गतिविधियां थी, न ही भारी संख्या में पशुओं की असामान्य कार्यवाहियां ही थी , अन्ततः भूंकप की पूर्व सूचना या इस से पहले कोई सूचना देने में हम समर्थ नहीं रहे ।
वास्तव में भूंकप के आने से कुछ समय पहले भूंकप की भविष्यवाणी करना न केवल चीन के आगे खड़ी मात्र वैज्ञानिक कठिन समस्या है। वर्तमान दुनिया के विभिन्न देश भूंकप की पूर्व सूचना पहलु में सर्वेक्षण के चरण में ही हैं, भूंकप की पूर्व सूचना के वैज्ञानिक तरीके भी कुछ हद तक सीमित हैं। संयुक्त राष्ट्र यूनेस्को के दस्तावेजों में एक मात्र सफल भूंकप पूर्व सूचना वर्ष 1975 में चीन के हाएछन शहर का भीषण भूंकप ही था। जानकारी के अनुसार, हाएछन शहर के भीषण भूंकप के आने से पहले, स्थानीय लघु भूंकप की संख्या बहुत ज्यादा रही थी, इस लिए कुछ हद तक पूर्व सूचना की सफलता की गुजाइंश को बढ़ाया था।
तो आखिर भूंकप पूर्व सूचना में कठिनाई कहां पर है। चीन के भूंकप ब्यूरो के निदेशक छन च्येन मिन ने हमारे संवाददाता को बताया कि भूंकप अधिकतर भूमि के उपरी सतह से 15 किलोमीटर भूपृष्ठ में उत्पन्न होता है। आधुनिक विज्ञान के तेज विकास के इस युग में, हालांकि भौगोलिक टेलीस्कोप के माध्यम से मानव की दृष्टि कई अरब वर्ष पूर्व दूर अंतरिक्ष को देख तो सकते हैं, लेकिन भूपृष्ठ पर, चाहे सबसे समुन्नत तकनीकों व साज सामानों का प्रयोग क्यों न किया जाए, चाहे कितनी धनराशि का इस्तेमान क्यों न किया जाने पर भी सीधे भूंकप के उदगम स्थल का सर्वेक्षण करना नामुमकिन है। श्री छन च्येन मिन ने कहा भूंकप भूपृष्ठ के एक बड़ी गहराई जगह में उत्पन्न हुआ था। भूंकप पूर्व सूचना से पहले भूमिगत का सर्वेक्षण करना है, वर्तमान मानव भूमिगत की गहराई के सर्वेक्षण की तकनीक का विकास बहुत धीरे रहा है। चीन ने भूंकप निगरानी के लिए एक गहरा कुआं खोदा है, लेकिन यह सिर्फ पांच किलोमीटर तक ही खोदा जा सकता है।
इस स्थिति में विभिन्न देशों के भूंकप की पूर्व सूचना के तरीके भी बहुत ही कम रहे हैं, वर्तमान डीजीटल भूंकप सर्वेक्षण व्यवस्था की स्थापना करना, पृथ्वी के भीतर की स्थिति के संबंधित आंकड़े पाकर भूंकप पूर्व सूचना का विश्लेषण करना ही है। या तो फिर अनेक सालों में एकत्र सर्वेक्षण अनुभवों व डेटा तथा भूंकप की भूतपूर्व सूचना के आधार पर पूर्व सूचना देना का तरीका रह गया है।
चीनी भूंकप स्टेशन नेटवर्क के प्रमुख सूचनाकर्ता सुन सी हुंग ने हमारे संवाददाता को बताया कि अलग अलग क्षेत्रों की भौगोलिक ढांचे की विभिन्नता कुछ हद तक लोगों के भूंकप सर्वेक्षण डेटा के एकत्र करने में बाधा डालती है और भूंकप पूर्व सूचना की कठिनता को बढ़ाती है । उन्होने कहा पूर्व चीन में भूंकप की तीव्रता रिक्टर पर पैमाने पर पांच मापी गयी , तो पश्चिम क्षेत्र में भूंकप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर पांच मापी जाने के प्रदर्शन भिन्न भिन्न होते हैं। हरेक भूंकप से उत्पन्न असामान्य व अन्तराल भी अलग अलग होते हैं, कुछ क्षेत्रों के अन्तराल में तीव्रता का फर्क भी होता है।
इस पर भी अनेक सालों के प्रयासों से चीन व अन्य देशों ने भूंकप के बहुमत डेटा एकत्र किए हैं और भूंकप के लम्बे व मध्यम काल पूर्व सूचना में भी काफी बेहतरीन प्रगित हासिल की है। इस के साथ, विज्ञानी भी अधिकाधिक तौर से अच्छी तरह समझ रहे हैं कि छोटे समय में व भूंकप की पूर्वबेला के दौरान भूंकप की भविष्यवाणी करना अनुमानित कठिनाईयों से कहीं ज्यादा जटिल है। अमरीकी भूंकप विशेषज्ञ थोमस हेथोन ने साफ साफ कहा है कि मानव भूमि का एक नक्शा चित्रित कर सकता है और इस नक्शे में एक हजार साल के अन्दर आने वाले भूंकपो की संभावित जगहों के निशान चित्रित भी कर सकता है, लेकिन किसी एक युग के लोगों के समय में किस जगह भूंकप आ सकता है, यह अब भी एक कठिन सवाल है।
लेकिन भूंकप की पूर्व सूचना को सफल बनाना, हमेशा से पृथ्वी के विज्ञानी जगत का महान लक्ष्य रहा है। दुनिया के भूंकप का सबसे अधिक देश होने के नाते, चीन ने आगे खड़ी अनेक भारी कठिनाईयों के आगे अनुसंधान के कदम को धीमा नहीं किया है। जानकारी के अनुसार, वर्तमान चीन ने 1200 से अधिक भूंकप निगरानी स्टेशनों और कई हजार लोगों की अंशकालिक निगरानी चौकियां स्थापित की हैं।
चीनी भूंकप ब्यूरो के निदेशक छन च्येन मिन ने कहा कि फिलहाल चीन के भूंकप ब्यूरो में 12 अकादमिशन समेत 7000 से अधिक विज्ञानी व तकनीशयन पूरी लगन से भूंकप पूर्व सूचना तकनीक व अनुसंधान पर जुटे हुए हैं। उन्होने विश्वास भरे स्वर में कहा कि मानव एक न एक दिन सही तौर से भूंकप की पूर्व सूचना देने में सफल होगा, लेकिन यह एक कठिन व लम्बा सफर है।
