
सूचना में यह मांग की गयी है कि भूकंप ग्रस्त क्षेत्रों के विभिन्न भू-संसाधन प्रबंध विभागों को यथार्थ रूप से खेती का संरक्षण करना चाहिए और भूकंप के बाद पुनः निर्माण की विशेष भूमि को सुनिश्चित करने के साथ-साथ खेती योग्य भूमि का प्रयोग न करना या कम करना चाहिए।
सूचना में यह भी कहा गया है कि पुनः निर्माण की प्रक्रिया में हमें सर्वोतोमुखी रूप से खेती योग्य भूमि का अच्छी तरह प्रबंध करना चाहिए और सक्रिय रूप से भूकंप ग्रस्त क्षेत्रों में उत्पादन व जीवन की बहाली के लिए स्थितियों की बहाली करनी चाहिए।(श्याओयांग)
