2008-06-04 16:35:57

विश्वविख्यात छोटा कस्बा बोऔ

चीन के भ्रमण कार्यक्रम में हम आप के साथ इस प्रांत की राजधानी हाईखो और रमणीय पर्यटन स्थल सान या के दौरे पर गये थे । आज के चीन के भ्रमण कार्यक्रम में हम आप को चीन के दक्षिण समुद्र की पूर्वी तट पर स्थित छोटे कस्बा बोऔ देखने ले चलते हैं । अभी हम ने आप को बता दिया है कि छोटा कस्बा बोऔ चीन के दक्षिण समुद्र के पूर्वी छोर पर यानी हाईनान प्रांत के सब से दक्षिण कोने पर अवस्थित है । इस छोटे कस्बे का क्षेत्रफल मात्र दो वर्गकिलोमीटर बड़ा है और जनआबादी दस हजार से कुछ ज्यादा है । 2002 में वार्षिक पोओ एशियाई मंच नियमित रूप से यहां आयोजित किये जाने की वजह से यह छोटा कस्बा दुनिया के मीडियाओं के आकर्षण का केंद्र रहा है ।

प्रिय दोस्तो , चीन के भ्रमण कार्यक्रम में हम आप के साथ इस प्रांत की राजधानी हाईखो और रमणीय पर्यटन स्थल सान या के दौरे पर गये थे । आज के चीन के भ्रमण कार्यक्रम में हम आप को चीन के दक्षिण समुद्र की पूर्वी तट पर स्थित छोटे कस्बा बोऔ देखने ले चलते हैं । अभी हम ने आप को बता दिया है कि छोटा कस्बा बोऔ चीन के दक्षिण समुद्र के पूर्वी छोर पर यानी हाईनान प्रांत के सब से दक्षिण कोने पर अवस्थित है । इस छोटे कस्बे का क्षेत्रफल मात्र दो वर्गकिलोमीटर बड़ा है और जनआबादी दस हजार से कुछ ज्यादा है । 2002 में वार्षिक पोओ एशियाई मंच नियमित रूप से यहां आयोजित किये जाने की वजह से यह छोटा कस्बा दुनिया के मीडियाओं के आकर्षण का केंद्र रहा है ।

बोऔ कस्बा चीन के हाईनान प्रांत के छुंग हाई शहर के अधीन है , छुंगहाई शहर के सरकारी कर्मचारी वांग ई शुरू से ही बोऔ एशियाई मंच की तैयारी में ही संलग्न रहे हैं । उन्हों ने याद करते हुए कहा कि तत्काल में जब मैं पहली बार रौनकदार शहर से यहां आ पहुंचा , तो मुझे चीनी प्रसिद्ध प्राचीन कवि थाओ य्वान मिंग द्वारा लिखी गयी आड़ू फूल उद्यान का विवरण नामक कविता की एकदम याद आयी ।

उन्हों ने कहा कि जब 1985 में मैं छोटे नाव पर सवार होकर तुंग यू द्वीप पहुंचा , तो मुझे यहां बिलकुल एक दुनिया से कटा हुआ आड़ू फुल उद्यान जान पड़ता था , यह द्वीप अनुपम ही नहीं , निवासी भी बहुत सीधे सादे नजर आते थे ।

ठीक यहां ने दर्शनीय प्राकृतिक दृश्य ने उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता श्री च्यांग श्याओ सुंग को मोहित किया है , अतः उन्हों ने यहां के विकास में पूंजी जुटायी और पोओ पूंजी निवेश लिमिडेट कम्पनी की स्थापना की । फिर श्री च्यांग श्याओ सुंग ने अपनी प्रभावशाली शक्तियों के माध्यम से जापान , आस्ट्रेलिया और फिलिपीन इन तीनों देशों के पूर्व शासनाध्यक्षों को गोल्फ खेलने पर आमत्रित किया और उन्हों ने यहां पर पाओ स्थायी एशियाई मंच की स्थापना का प्रस्ताव पेश किया । फरवरी 2001 में यहां पर बोऔ एशियाई मंच विधिवत रूप से स्थापित हो गया। इस के दूसरे साल से हर वर्ष के अप्रैल में यहां शानदार वार्षिक सम्मेलन आयोजित होने की परम्परा शुरू हो गयी है , मौके पर सम्मेलन में विभिन्न देशों के राज्याध्यक्ष या शासनाध्यक्ष प्रशांत एशिया व विश्व के भारी विकास सवालों पर विचार विमर्श कर लेते हैं ।

यह बिलकुल एक संयोग की बात है कि मैं ऐसे यो ही बोऔ पहुंच गया , वहां पहुंचने के बाद अद्भुत अनुपम प्राकृतिक दृश्य से मैं इतना प्रभावित हो गया है कि मैं ने इसी स्थान पर कुछ काम करने का निश्चिचय एकदम कर लिया । इसलिये इस का मतलब यह नहीं है कि एशियाई मंच से पोओ नामी हो गया है , इस के विपरित बोऔ के सौंदर्य से ऐशियाई मंच ने इसी स्थल का विकल्प किया । बेशक , एशियाई मंच की स्थापना तत्कालीन एशियाई जरूरतों की आवश्यकता ही है ।

छुंगहाई शहर से कार द्वारा बोऔ पहुंचने में केवल तीस मिनट लगती है । जाल की तरह फैसे राजमार्गों से बोऔ को बाहरी दुनिया के साथ घनिष्ट रूप से जोड़ दिया गया है । इसी शताब्दी के शुरू से अब तक छोटे कस्बे बोऔ की जनसंख्या करीब दस गुनी बढ़ गयी है , पहले कृषि व मत्स्य पालन को प्राथमिकता वाले आर्थिक ढांचे को पर्यटन उद्योग के रूप में बदल दिया गया है और पूरे कस्बे के 60 प्रतिशत स्थानीय वासी पर्यटन उद्योग और इसी उद्योग से जुड़े व्यवसाइयों में जुटे हुए हैं । हर वर्ष में यहां पर सौ से ज्यादा सम्मेलन आयोजित किये जाते हैं । इसी बीच होटल उद्योग का विकास भी तेजी से बढ गया है , अब केवल किसानों द्वारा संचालित होटलों की संख्या भी 35 हो गयी है , हर वर्ष में 20 से 30 लाख ग्राहक इन होटलों में रहने आते हैं ।

इस लेख का दूरसा भाग अगली बार प्रस्तुत होगा , कृपया इसे पढ़े ।