
19 मई की शाम को 14 बजकर 28 मिनट पर तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा में हवाई हमले की संकट घंटी, गाड़ियों और रेल गाड़ियों की घंटी बजाई गई। पोताला महल के मैदान पर विभिन्न जातियों के हजारों लोग हताहतों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मौन खड़े रहे।
इस के बाद भी बहुत से लोग मैदान पर खड़े रहे । जोखान मठ के भिक्षुओं ने उसी दिन 14 बजकर 31 मिनट पर धार्मिक सभा शुरु की। 90 से अधिक भिक्षुओं ने भूकंप ग्रस्त क्षेत्रों के लिए प्रार्थना की।
स्छवान में भूकंप आने के बाद तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की विभिन्न जातियों के लोगों ने विपत्ति ग्रस्त क्षेत्रों को सहायता दी और चंदा जमा किया। 19 मई को तिब्बत के लोगों द्वारा जुटाई गई एक अरब दस लाख की राहत सामग्री रेल-गाड़ी से स्छवान पहुंची। 18 मई तक तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के नागरिक विभाग को भूकंप ग्रस्त क्षेत्रों के लिए दो करोड़ य्वान का चंदा मिला। तिब्बत में चंदा जमा करने वाली कार्यवाही जारी है।
