श्री हो य्वे फंग ने शांगहाई में आयोजित वर्ष 2008 में चीनी बौद्धिक संपदा फौजदारी संरक्षण मंच पर उक्त बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में सहयोग व संपर्क व्यवस्था सिर्फ कुछ प्रांतों, शहरों व काउंटियों तक सीमित है। अगले चरण का काम है कि जोरदार ढंग से इस व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा और बौद्धिक संपदा व्यवस्था के संसाधन जुटाए जाएगा, ताकि क्षमता को बढ़ाया जा सके। (ललिता)