शीत्सांग को दुनिया की छत कहा जाता है पिछले कुछ सालों में तेजी से बदल रहा है। यहां की ऊंची पहाड़ियां, नीले आसमान और शांत मठ अब सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि आर्थिक तरक्की और लोगों की बेहतर जिंदगी का प्रतीक भी बन गए हैं।
पिछले साल 2025 में चीन ने अच्छा प्रदर्शन किया। जीडीपी ग्रोथ 5 प्रतिशत रही और कुल जीडीपी 140.19 ट्रिलियन युआन तक पहुंच गई।
एक तरफ जहां एशिया का पश्चिमी हिस्सा युद्ध से उपजी हिंसा से जूझ रहा है, वहीं बाकी एशिया विकास की गति से आगे बढ़ रहा है।
जिस तरह स्विटजरलैंड के दावोस में हर साल विश्व आर्थिक फोरम की बैठक होती है, कुछ उसी तर्ज पर चीन के शहर बोआओ में हर साल एशिया के गैर सरकारी संगठनों की बैठक होती है, जिसे बोआओ फोरम फॉर एशिया कहा जाता है।
बोआओ एशिया मंच (Boao Forum for Asia, BFA) 24 से 27 मार्च, 2026 तक दक्षिण चीन के द्वीपीय प्रांत हाईनान के एक छोटे से कस्बे बोआओ में आयोजित होने वाला है।
चीन की दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर स्थित, 'विश्व की छत' शीत्सांग प्राचीन काल से ही चीन का अभिन्न और अविभाज्य अंग रहा है।
जब वैश्विक नेता, कॉर्पोरेट अधिकारी और शिक्षाविद मार्च के अंत में हैनान प्रांत के बोआओ के उष्णकटिबंधीय समुद्र तट पर पहुंचेंगे, तो उन्हें एक ऐसा परिदृश्य मिलेगा जिसे शाब्दिक और लाक्षणिक रूप से सावधानीपूर्वक नया रूप दिया गया है।
हाल के वर्षों में चीन के आर्थिक परिदृश्य में एक सुंदर बदलाव देखने को मिला है, जिसे 'फूल अर्थव्यवस्था' के नाम से जाना जाता है। यह सिर्फ बगीचों और गुलदस्तों का कारोबार नहीं है, बल्कि एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र है जो ग्रामीण इलाकों की तकदीर बदल रहा है। यह एक ऐसा मॉडल है, जहां खेती, तकनीक और पर्यटन का संगम गांवों की तस्वीर को पूरी तरह से पलट रहा है।
ईरान पर इज़राइल और अमेरिका के हमले के बाद हो रहा संघर्ष ना सिर्फ पूरी दुनिया, बल्कि चीन के लिए भी जोखिम भरा है, लेकिन चीन ने पहले से ही अपने तेल स्रोतों को मजबूत कर रखा है, इसके साथ ही उसने अपने कूटनीतिक कार्यक्रमों को संतुलित रखा है, इसके साथ ही नई तकनीक में निवेश बढ़ा रखा है।
चीन की वार्षिक “टू सेशंस” बैठक—राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (NPC) और चीनी जन राजनीतिक परामर्श सम्मेलन (CPPCC)—देश की नीति दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मंच है।
हाल ही में, पेइतो उपग्रह नेविगेशन प्रणाली ने कक्षीय उन्नयन करने की घोषणा की, जिसके तहत कक्षा में पहले से स्थापित 50 उपग्रह विश्व की बेहतर सेवा प्रदान करेंगे। यह खबर न केवल चीन के एयरोस्पेस बुनियादी ढांचे में निरंतर सुधार को दर्शाती है, बल्कि देश के एयरोस्पेस उद्योग द्वारा एक नए सफर पर की जा रही स्थिर प्रगति को भी प्रतिबिंबित करती है।
चीन की राजनीतिक व्यवस्था में आयोजित होने वाला वार्षिक‘दो सत्र’केवल एक विधायी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह देश की भविष्यगामी नीतियों का सबसे महत्वपूर्ण संस्थागत संकेतक भी है।