हर शरद ऋतु में, जब सूर्य खगोलीय भूमध्य रेखा को पार करता है और दिन रात समान संतुलन में आ जाते हैं, तब चीन भर के लाखों किसान अपने श्रम से थोड़ा विराम लेकर उत्सव मनाते हैं।
23 सितंबर को चीन जब नौवां चीनी किसान फसल उत्सव मनाएगा, तो यह सिर्फ खेतों में नई फसल आने की खुशी का मौका नहीं होगा।
चीन में हर साल मनाया जाने वाला चाइनीज फॉमर्स हार्वेस्ट फेस्टिवल (Chinese Farmers’ Harvest Festival)यानी चीनी किसान फसल उत्सव इस साल 23 सितंबर को मनाया जाएगा।
13 सितंबर 2026 को 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के समूह ब्रिक्स ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में अपने 18वें वार्षिक शिखर सम्मेलन का समापन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, राष्ट्रपति शी चिनफिंग आज शनिवार, 12 सितंबर को सुबह नई दिल्ली पहुंचे, जो 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
विस्तार के बाद ब्रिक्स देशों में दुनिया की लगभग आधी आबादी रहती है। ये देश दुनिया के कुल आर्थिक उत्पादन में करीब 30 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार में करीब पांचवां हिस्सा रखते हैं।
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भागीदारी को वैश्विक दक्षिण के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत की अध्यक्षता में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन राजधानी दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है। वैश्विक उथल-पुथल और संघर्षों के इस दौर में ब्रिक्स का आयोजन काफी महत्व रखता है।
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को जब ब्रिक्स देशों के नेता 18वें शिखर सम्मेलन के लिए जुटेंगे, तो उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह नहीं होगा कि पिछले 20 वर्षों में यह समूह कितना बड़ा हो गया है।
दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सबसे अहम समूहों में शामिल BRICS का 18वां शिखर सम्मेलन इस बार भारत में होगा।
जब चीन और नेपाल के लोग, और दुनिया भर के नेक इरादे वाले लोग राहत कार्यों में जुटे थे, उसी समय हिमालय की दूसरी तरफ,हमारा पड़ोसी भारत के कुछ मीडिया और तथाकथित "रणनीतिक विश्लेषक" एक प्राकृतिक आपदा को ज़बरदस्ती "मानव निर्मित संकट" बताने में लगे थे, और "चीन" शब्द को ज़बरदस्ती इस त्रासदी की स्क्रिप्ट में लिखने में व्यस्त थे।
चीन की राजधानी पेइचिंग में 9 सितंबर को जब चीन अंतरराष्ट्रीय सेवा व्यापार मेला यानी CIFTIS शुरू होगा, तो शौकांग पार्क में पांच दिनों तक होने वाला यह आयोजन दुनिया को चीन की अर्थव्यवस्था का एक ऐसा चेहरा दिखाएगा जो पारंपरिक “Made in China” की पहचान से कहीं आगे जाता है।