3 सितंबर, 2026 को चीनी जनता जापानी आक्रमण के विरुद्ध चीनी जन प्रतिरोध युद्ध और विश्व फासीवाद-विरोधी युद्ध की विजय की 81वीं वर्षगांठ मनाएगी।
इस गर्मी में वैश्विक जनमत में एक शांत लेकिन गहरा बदलाव आ रहा है। भू-राजनीतिक उथल-पुथल और आर्थिक अनिश्चितता के बीच चीन स्थिरता, अवसर और सच्चे आतिथ्य का केंद्र बनकर उभरा है।
हाल के समय में चीन के ‘नए प्रोडक्ट’यानी रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इनोवेटिव ड्रग्स की विदेशों में मांग बढ़ी है और ये उत्पाद वहां लोकप्रिय हो रहे हैं।
चीन के विकास को करीब से देखने और एक पत्रकार के रूप में उसके बदलते औद्योगिक परिदृश्य को समझने पर एक बात स्पष्ट दिखाई देती है—चीन की वैश्विक पहचान अब केवल बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाले देश की नहीं रह गई है।
भारत की राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित ब्रिक्स देशों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक के कई मायने हैं।
19 अगस्त को चीनी पारंपरिक पंचांग के 7वें महीने का 7वां दिन है।
साल 2026 में चीन को लेकर दुनिया के लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। चीन की ओर विदेशी पर्यटकों का आकर्षण बढ़ रहा है।
2015 में स्थापित विश्व रोबोट सम्मेलन (डब्ल्यूआरसी) का 12वां संस्करण अब 19 से 23 अगस्त 2026 तक राजधानी पेइचिंग में आयोजित होगा। यह उसी यात्रा का अगला अध्याय है।
वर्ल्ड रोबोट कॉन्फ्रेंस 2026 (WRC 2026) 19 से 23 अगस्त, 2026 तक पेइचिंग इकोनॉमिक-टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट एरिया में आयोजित की जाएगी।
भारत और चीन, दो पड़ोसी देश, इतिहास के लगभग एक ही मोड़ पर खड़े हुए। भारत ने 79 वर्ष पहले, 15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को ब्रिटिश साम्राज्यवाद से स्वतंत्रता प्राप्त की। यह लगभग 200 वर्षों की गुलामी के अंत का प्रतीक था।
दुनिया में रोबोटिक्स और मशीन टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी दिशा में चीन की राजधानी पेइचिंग में 2026 वर्ल्ड रोबोट कॉन्फ्रेंस का आयोजन होने जा रहा है।
कभी गर्मियों में एशिया के देशों को सैलानियों की पहली पसंद यूरोप के पर्यटन स्थल होते थे। लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। कम से कम इस साल तो यह बदलाव बड़े रूप में दिख रहा है। इसकी वजह है यूरोप में इस साल पड़ी प्रचंड गर्मी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यूरोप में वैसे भी गर्मी अपनी तासीर बदल रही है।