
च्यानवू नृत्य, यानी तलवार नृत्य, की शुरुआत चीन के थांग राजवंश (618-907) के दौर में हुई थी। यह सिर्फ मार्शल आर्ट्स या एक साधारण नृत्य नहीं है, बल्कि इसमें तलवारबाजी, शरीर की लय और कलात्मक अभिव्यक्ति का अनोखा मेल दिखाई देता है। इस नृत्य में तलवार शरीर का ही एक हिस्सा बन जाती है। तलवार कभी कटती है, कभी घूमती है, तेजी से दिशा बदलती है और फिर अचानक थम जाती है। तलवार से जुड़ी झालर हवा में सुंदर रेखाएं बनाती है। नृत्य की हर मुद्रा में श्वास, एकाग्रता और नियंत्रण का खास महत्व होता है। यहां जोर सिर्फ ताकत पर नहीं, बल्कि शरीर और तलवार के बीच संतुलन और तालमेल पर दिया जाता है। आज चीनी शास्त्रीय नृत्य में च्यानवू इस पारंपरिक कला को जीवंत बनाए हुए है।