पेइचिंग: सूर्यास्त के समय शाही महल का मनमोहक कोना-टॉवर

10:11:02 2026-04-28
27 अप्रैल को सूर्यास्त के समय, चीन की राजधानी पेइचिंग में स्थित शाही महल के कोना-टॉवर बेहद लुभावने नज़र आ रहे थे। 1925 में स्थापित, 'पैलेस म्यूज़ियम' एक व्यापक चीनी संग्रहालय है, जिसे मिंग (1368–1644) और छिंग (1644–1912) दोनों राजवंशों के शाही महलों और संग्रहों के आधार पर बनाया गया है। यह चीन के प्राचीन संस्कृति और कला के सबसे बड़े संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है, जिसका अधिकांश संग्रह मुख्य रूप से छिंग राजवंश की शाही संपत्तियों से लिया गया है।
27 अप्रैल को सूर्यास्त के समय, चीन की राजधानी पेइचिंग में स्थित शाही महल के कोना-टॉवर बेहद लुभावने नज़र आ रहे थे। 1925 में स्थापित, 'पैलेस म्यूज़ियम' एक व्यापक चीनी संग्रहालय है, जिसे मिंग (1368–1644) और छिंग (1644–1912) दोनों राजवंशों के शाही महलों और संग्रहों के आधार पर बनाया गया है। यह चीन के प्राचीन संस्कृति और कला के सबसे बड़े संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है, जिसका अधिकांश संग्रह मुख्य रूप से छिंग राजवंश की शाही संपत्तियों से लिया गया है।
27 अप्रैल को सूर्यास्त के समय, चीन की राजधानी पेइचिंग में स्थित शाही महल के कोना-टॉवर बेहद लुभावने नज़र आ रहे थे। 1925 में स्थापित, 'पैलेस म्यूज़ियम' एक व्यापक चीनी संग्रहालय है, जिसे मिंग (1368–1644) और छिंग (1644–1912) दोनों राजवंशों के शाही महलों और संग्रहों के आधार पर बनाया गया है। यह चीन के प्राचीन संस्कृति और कला के सबसे बड़े संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है, जिसका अधिकांश संग्रह मुख्य रूप से छिंग राजवंश की शाही संपत्तियों से लिया गया है।
27 अप्रैल को सूर्यास्त के समय, चीन की राजधानी पेइचिंग में स्थित शाही महल के कोना-टॉवर बेहद लुभावने नज़र आ रहे थे। 1925 में स्थापित, 'पैलेस म्यूज़ियम' एक व्यापक चीनी संग्रहालय है, जिसे मिंग (1368–1644) और छिंग (1644–1912) दोनों राजवंशों के शाही महलों और संग्रहों के आधार पर बनाया गया है। यह चीन के प्राचीन संस्कृति और कला के सबसे बड़े संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है, जिसका अधिकांश संग्रह मुख्य रूप से छिंग राजवंश की शाही संपत्तियों से लिया गया है।
27 अप्रैल को सूर्यास्त के समय, चीन की राजधानी पेइचिंग में स्थित शाही महल के कोना-टॉवर बेहद लुभावने नज़र आ रहे थे। 1925 में स्थापित, 'पैलेस म्यूज़ियम' एक व्यापक चीनी संग्रहालय है, जिसे मिंग (1368–1644) और छिंग (1644–1912) दोनों राजवंशों के शाही महलों और संग्रहों के आधार पर बनाया गया है। यह चीन के प्राचीन संस्कृति और कला के सबसे बड़े संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है, जिसका अधिकांश संग्रह मुख्य रूप से छिंग राजवंश की शाही संपत्तियों से लिया गया है।
27 अप्रैल को सूर्यास्त के समय, चीन की राजधानी पेइचिंग में स्थित शाही महल के कोना-टॉवर बेहद लुभावने नज़र आ रहे थे। 1925 में स्थापित, 'पैलेस म्यूज़ियम' एक व्यापक चीनी संग्रहालय है, जिसे मिंग (1368–1644) और छिंग (1644–1912) दोनों राजवंशों के शाही महलों और संग्रहों के आधार पर बनाया गया है। यह चीन के प्राचीन संस्कृति और कला के सबसे बड़े संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है, जिसका अधिकांश संग्रह मुख्य रूप से छिंग राजवंश की शाही संपत्तियों से लिया गया है।
27 अप्रैल को सूर्यास्त के समय, चीन की राजधानी पेइचिंग में स्थित शाही महल के कोना-टॉवर बेहद लुभावने नज़र आ रहे थे। 1925 में स्थापित, 'पैलेस म्यूज़ियम' एक व्यापक चीनी संग्रहालय है, जिसे मिंग (1368–1644) और छिंग (1644–1912) दोनों राजवंशों के शाही महलों और संग्रहों के आधार पर बनाया गया है। यह चीन के प्राचीन संस्कृति और कला के सबसे बड़े संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है, जिसका अधिकांश संग्रह मुख्य रूप से छिंग राजवंश की शाही संपत्तियों से लिया गया है।