सालाना एक करोड़ से अधिक पर्यटकों का गवाह बनीं फ़ूचो की 'तीन लेन और सात गलियाँ'

09:56:41 2026-04-07
दक्षिण पूर्व चीन के फ़ूच्यान प्रांत की राजधानी फ़ूचो शहर में स्थित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर ' तीन लेन और सात गलियाँ'(Three Lanes and Seven Alleys)को 'आधुनिक चीन का आधा इतिहास' कहा जाता है। लिन ज़ेश्यू और यान फू जैसे महान विभूतियों की जन्मस्थली यह बस्ती कभी विध्वंस के कगार पर थी, लेकिन 'सूक्ष्म पुनरोद्धार' के ज़रिए इसे बचाकर जीवित रखा गया। लगातार दस वर्षों से यह स्थल सालाना एक करोड़ से अधिक पर्यटकों का स्वागत करता है, जहाँ इतिहास रोज़मर्रा की ज़िंदगी में साँस लेता है।
दक्षिण पूर्व चीन के फ़ूच्यान प्रांत की राजधानी फ़ूचो शहर में स्थित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर ' तीन लेन और सात गलियाँ'(Three Lanes and Seven Alleys)को 'आधुनिक चीन का आधा इतिहास' कहा जाता है। लिन ज़ेश्यू और यान फू जैसे महान विभूतियों की जन्मस्थली यह बस्ती कभी विध्वंस के कगार पर थी, लेकिन 'सूक्ष्म पुनरोद्धार' के ज़रिए इसे बचाकर जीवित रखा गया। लगातार दस वर्षों से यह स्थल सालाना एक करोड़ से अधिक पर्यटकों का स्वागत करता है, जहाँ इतिहास रोज़मर्रा की ज़िंदगी में साँस लेता है।
दक्षिण पूर्व चीन के फ़ूच्यान प्रांत की राजधानी फ़ूचो शहर में स्थित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर ' तीन लेन और सात गलियाँ'(Three Lanes and Seven Alleys)को 'आधुनिक चीन का आधा इतिहास' कहा जाता है। लिन ज़ेश्यू और यान फू जैसे महान विभूतियों की जन्मस्थली यह बस्ती कभी विध्वंस के कगार पर थी, लेकिन 'सूक्ष्म पुनरोद्धार' के ज़रिए इसे बचाकर जीवित रखा गया। लगातार दस वर्षों से यह स्थल सालाना एक करोड़ से अधिक पर्यटकों का स्वागत करता है, जहाँ इतिहास रोज़मर्रा की ज़िंदगी में साँस लेता है।
दक्षिण पूर्व चीन के फ़ूच्यान प्रांत की राजधानी फ़ूचो शहर में स्थित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर ' तीन लेन और सात गलियाँ'(Three Lanes and Seven Alleys)को 'आधुनिक चीन का आधा इतिहास' कहा जाता है। लिन ज़ेश्यू और यान फू जैसे महान विभूतियों की जन्मस्थली यह बस्ती कभी विध्वंस के कगार पर थी, लेकिन 'सूक्ष्म पुनरोद्धार' के ज़रिए इसे बचाकर जीवित रखा गया। लगातार दस वर्षों से यह स्थल सालाना एक करोड़ से अधिक पर्यटकों का स्वागत करता है, जहाँ इतिहास रोज़मर्रा की ज़िंदगी में साँस लेता है।