हपेई में राष्ट्रीय ढोल प्रतियोगिता का आयोजन, देशभर से 14 टीमों ने लिया भाग

10:34:09 2026-03-17
उत्तरी चीन के हपेई प्रांत की राजधानी शीच्याच्वांग शहर की चेंगतिंग काउंटी में रविवार को 2026 राष्ट्रीय ढोल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश भर की 14 शीर्ष स्तरीय ढोल टीमों ने भाग लिया। कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से पारंपरिक चीनी ढोल वादन की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया। यह प्रतियोगिता न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का केंद्र बनी, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए मनोरंजन का भी प्रमुख साधन रही। आयोजकों के मुताबिक, इस तरह के आयोजन पारंपरिक कलाओं को संरक्षित रखने और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उत्तरी चीन के हपेई प्रांत की राजधानी शीच्याच्वांग शहर की चेंगतिंग काउंटी में रविवार को 2026 राष्ट्रीय ढोल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश भर की 14 शीर्ष स्तरीय ढोल टीमों ने भाग लिया। कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से पारंपरिक चीनी ढोल वादन की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया। यह प्रतियोगिता न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का केंद्र बनी, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए मनोरंजन का भी प्रमुख साधन रही। आयोजकों के मुताबिक, इस तरह के आयोजन पारंपरिक कलाओं को संरक्षित रखने और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उत्तरी चीन के हपेई प्रांत की राजधानी शीच्याच्वांग शहर की चेंगतिंग काउंटी में रविवार को 2026 राष्ट्रीय ढोल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश भर की 14 शीर्ष स्तरीय ढोल टीमों ने भाग लिया। कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से पारंपरिक चीनी ढोल वादन की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया। यह प्रतियोगिता न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का केंद्र बनी, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए मनोरंजन का भी प्रमुख साधन रही। आयोजकों के मुताबिक, इस तरह के आयोजन पारंपरिक कलाओं को संरक्षित रखने और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उत्तरी चीन के हपेई प्रांत की राजधानी शीच्याच्वांग शहर की चेंगतिंग काउंटी में रविवार को 2026 राष्ट्रीय ढोल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश भर की 14 शीर्ष स्तरीय ढोल टीमों ने भाग लिया। कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से पारंपरिक चीनी ढोल वादन की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया। यह प्रतियोगिता न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का केंद्र बनी, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए मनोरंजन का भी प्रमुख साधन रही। आयोजकों के मुताबिक, इस तरह के आयोजन पारंपरिक कलाओं को संरक्षित रखने और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।