गाज़ा पट्टी में बेघर फ़िलिस्तीनी, सर्दी और संकट से लगातार जूझते हुए

09:57:26 2026-01-13
गाज़ा पट्टी के जबालिया क्षेत्र में 12 जनवरी को बेघर हुए फ़िलिस्तीनी लोग इज़राइली हमलों से हुई तबाही के बीच कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ज़रूरी सामान और मूलभूत सुविधाओं की तीव्र कमी के कारण अनेक फ़िलिस्तीनी परिवार अपने नष्ट हो चुके घरों के पास बनाए गए कामचलाऊ टेंटों में रह रहे हैं। तेज़ ठंड और कठिन मौसम की मार झेलते हुए वे हर दिन केवल जीवित रहने की जद्दोजहद कर रहे हैं। इन टेंटों में न तो पर्याप्त गर्माहट है, न ही भोजन और स्वच्छ पानी की स्थायी व्यवस्था, जिससे मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है। (हैया)
गाज़ा पट्टी के जबालिया क्षेत्र में 12 जनवरी को बेघर हुए फ़िलिस्तीनी लोग इज़राइली हमलों से हुई तबाही के बीच कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ज़रूरी सामान और मूलभूत सुविधाओं की तीव्र कमी के कारण अनेक फ़िलिस्तीनी परिवार अपने नष्ट हो चुके घरों के पास बनाए गए कामचलाऊ टेंटों में रह रहे हैं। तेज़ ठंड और कठिन मौसम की मार झेलते हुए वे हर दिन केवल जीवित रहने की जद्दोजहद कर रहे हैं। इन टेंटों में न तो पर्याप्त गर्माहट है, न ही भोजन और स्वच्छ पानी की स्थायी व्यवस्था, जिससे मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है। (हैया)
गाज़ा पट्टी के जबालिया क्षेत्र में 12 जनवरी को बेघर हुए फ़िलिस्तीनी लोग इज़राइली हमलों से हुई तबाही के बीच कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ज़रूरी सामान और मूलभूत सुविधाओं की तीव्र कमी के कारण अनेक फ़िलिस्तीनी परिवार अपने नष्ट हो चुके घरों के पास बनाए गए कामचलाऊ टेंटों में रह रहे हैं। तेज़ ठंड और कठिन मौसम की मार झेलते हुए वे हर दिन केवल जीवित रहने की जद्दोजहद कर रहे हैं। इन टेंटों में न तो पर्याप्त गर्माहट है, न ही भोजन और स्वच्छ पानी की स्थायी व्यवस्था, जिससे मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है। (हैया)
गाज़ा पट्टी के जबालिया क्षेत्र में 12 जनवरी को बेघर हुए फ़िलिस्तीनी लोग इज़राइली हमलों से हुई तबाही के बीच कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ज़रूरी सामान और मूलभूत सुविधाओं की तीव्र कमी के कारण अनेक फ़िलिस्तीनी परिवार अपने नष्ट हो चुके घरों के पास बनाए गए कामचलाऊ टेंटों में रह रहे हैं। तेज़ ठंड और कठिन मौसम की मार झेलते हुए वे हर दिन केवल जीवित रहने की जद्दोजहद कर रहे हैं। इन टेंटों में न तो पर्याप्त गर्माहट है, न ही भोजन और स्वच्छ पानी की स्थायी व्यवस्था, जिससे मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है। (हैया)
गाज़ा पट्टी के जबालिया क्षेत्र में 12 जनवरी को बेघर हुए फ़िलिस्तीनी लोग इज़राइली हमलों से हुई तबाही के बीच कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ज़रूरी सामान और मूलभूत सुविधाओं की तीव्र कमी के कारण अनेक फ़िलिस्तीनी परिवार अपने नष्ट हो चुके घरों के पास बनाए गए कामचलाऊ टेंटों में रह रहे हैं। तेज़ ठंड और कठिन मौसम की मार झेलते हुए वे हर दिन केवल जीवित रहने की जद्दोजहद कर रहे हैं। इन टेंटों में न तो पर्याप्त गर्माहट है, न ही भोजन और स्वच्छ पानी की स्थायी व्यवस्था, जिससे मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है। (हैया)
गाज़ा पट्टी के जबालिया क्षेत्र में 12 जनवरी को बेघर हुए फ़िलिस्तीनी लोग इज़राइली हमलों से हुई तबाही के बीच कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ज़रूरी सामान और मूलभूत सुविधाओं की तीव्र कमी के कारण अनेक फ़िलिस्तीनी परिवार अपने नष्ट हो चुके घरों के पास बनाए गए कामचलाऊ टेंटों में रह रहे हैं। तेज़ ठंड और कठिन मौसम की मार झेलते हुए वे हर दिन केवल जीवित रहने की जद्दोजहद कर रहे हैं। इन टेंटों में न तो पर्याप्त गर्माहट है, न ही भोजन और स्वच्छ पानी की स्थायी व्यवस्था, जिससे मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है। (हैया)
गाज़ा पट्टी के जबालिया क्षेत्र में 12 जनवरी को बेघर हुए फ़िलिस्तीनी लोग इज़राइली हमलों से हुई तबाही के बीच कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ज़रूरी सामान और मूलभूत सुविधाओं की तीव्र कमी के कारण अनेक फ़िलिस्तीनी परिवार अपने नष्ट हो चुके घरों के पास बनाए गए कामचलाऊ टेंटों में रह रहे हैं। तेज़ ठंड और कठिन मौसम की मार झेलते हुए वे हर दिन केवल जीवित रहने की जद्दोजहद कर रहे हैं। इन टेंटों में न तो पर्याप्त गर्माहट है, न ही भोजन और स्वच्छ पानी की स्थायी व्यवस्था, जिससे मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है। (हैया)
गाज़ा पट्टी के जबालिया क्षेत्र में 12 जनवरी को बेघर हुए फ़िलिस्तीनी लोग इज़राइली हमलों से हुई तबाही के बीच कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ज़रूरी सामान और मूलभूत सुविधाओं की तीव्र कमी के कारण अनेक फ़िलिस्तीनी परिवार अपने नष्ट हो चुके घरों के पास बनाए गए कामचलाऊ टेंटों में रह रहे हैं। तेज़ ठंड और कठिन मौसम की मार झेलते हुए वे हर दिन केवल जीवित रहने की जद्दोजहद कर रहे हैं। इन टेंटों में न तो पर्याप्त गर्माहट है, न ही भोजन और स्वच्छ पानी की स्थायी व्यवस्था, जिससे मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है। (हैया)
गाज़ा पट्टी के जबालिया क्षेत्र में 12 जनवरी को बेघर हुए फ़िलिस्तीनी लोग इज़राइली हमलों से हुई तबाही के बीच कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ज़रूरी सामान और मूलभूत सुविधाओं की तीव्र कमी के कारण अनेक फ़िलिस्तीनी परिवार अपने नष्ट हो चुके घरों के पास बनाए गए कामचलाऊ टेंटों में रह रहे हैं। तेज़ ठंड और कठिन मौसम की मार झेलते हुए वे हर दिन केवल जीवित रहने की जद्दोजहद कर रहे हैं। इन टेंटों में न तो पर्याप्त गर्माहट है, न ही भोजन और स्वच्छ पानी की स्थायी व्यवस्था, जिससे मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है। (हैया)
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