
स्थानीय समयानुसार 23 अक्टूबर को, गाज़ा शहर में राशिद रोड पर ध्वस्त इमारतों के बीच लोग रहे हैं और वाहनों की आवाजाही हो रही है।
इस नाज़ुक युद्धविराम ने गाज़ा पट्टी में रहने वाले लोगों को राहत दी है, जिन्होंने दो साल से युद्ध झेला है। हालांकि, रोज़ाना बमबारी के बिना भी वे युद्ध से हुए विनाशकारी विनाश से बचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कठिन जीवन जी रहे हैं।
(हैया)