दिवाली के बाद धुंध में लिपटी नई दिल्ली

10:26:59 2025-10-23
स्थानीय समयानुसार 23 अक्टूबर को, दिवाली के दो दिन बाद, भारत की राजधानी नई दिल्ली अभी भी धुंध में लिपटी हुई है। भारतीय केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति ने बताया कि स्थानीय समयानुसार 21 अक्टूबर की सुबह नई दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई, AQI) लगभग 350 तक पहुंच गया, जिससे यह "बेहद खराब" श्रेणी में आ गया। उसी दिन की सुबह लगभग 6 बजकर 15 मिनट पर, अशोक विहार, बवाना और दिलशाद गार्डन सहित कई इलाकों में एक्यूआई 380 तक पहुंच गया। स्थानीय वायु गुणवत्ता में यह उल्लेखनीय गिरावट दिवाली समारोह (20 अक्तूबर को) की रात को अत्यधिक आतिशबाजी के कारण हुई, जो निर्धारित समय से अधिक थी। (हैया)
स्थानीय समयानुसार 23 अक्टूबर को, दिवाली के दो दिन बाद, भारत की राजधानी नई दिल्ली अभी भी धुंध में लिपटी हुई है। भारतीय केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति ने बताया कि स्थानीय समयानुसार 21 अक्टूबर की सुबह नई दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई, AQI) लगभग 350 तक पहुंच गया, जिससे यह "बेहद खराब" श्रेणी में आ गया। उसी दिन की सुबह लगभग 6 बजकर 15 मिनट पर, अशोक विहार, बवाना और दिलशाद गार्डन सहित कई इलाकों में एक्यूआई 380 तक पहुंच गया। स्थानीय वायु गुणवत्ता में यह उल्लेखनीय गिरावट दिवाली समारोह (20 अक्तूबर को) की रात को अत्यधिक आतिशबाजी के कारण हुई, जो निर्धारित समय से अधिक थी। (हैया)
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स्थानीय समयानुसार 23 अक्टूबर को, दिवाली के दो दिन बाद, भारत की राजधानी नई दिल्ली अभी भी धुंध में लिपटी हुई है। भारतीय केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति ने बताया कि स्थानीय समयानुसार 21 अक्टूबर की सुबह नई दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई, AQI) लगभग 350 तक पहुंच गया, जिससे यह "बेहद खराब" श्रेणी में आ गया। उसी दिन की सुबह लगभग 6 बजकर 15 मिनट पर, अशोक विहार, बवाना और दिलशाद गार्डन सहित कई इलाकों में एक्यूआई 380 तक पहुंच गया। स्थानीय वायु गुणवत्ता में यह उल्लेखनीय गिरावट दिवाली समारोह (20 अक्तूबर को) की रात को अत्यधिक आतिशबाजी के कारण हुई, जो निर्धारित समय से अधिक थी। (हैया)
स्थानीय समयानुसार 23 अक्टूबर को, दिवाली के दो दिन बाद, भारत की राजधानी नई दिल्ली अभी भी धुंध में लिपटी हुई है। भारतीय केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति ने बताया कि स्थानीय समयानुसार 21 अक्टूबर की सुबह नई दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई, AQI) लगभग 350 तक पहुंच गया, जिससे यह "बेहद खराब" श्रेणी में आ गया। उसी दिन की सुबह लगभग 6 बजकर 15 मिनट पर, अशोक विहार, बवाना और दिलशाद गार्डन सहित कई इलाकों में एक्यूआई 380 तक पहुंच गया। स्थानीय वायु गुणवत्ता में यह उल्लेखनीय गिरावट दिवाली समारोह (20 अक्तूबर को) की रात को अत्यधिक आतिशबाजी के कारण हुई, जो निर्धारित समय से अधिक थी। (हैया)
स्थानीय समयानुसार 23 अक्टूबर को, दिवाली के दो दिन बाद, भारत की राजधानी नई दिल्ली अभी भी धुंध में लिपटी हुई है। भारतीय केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति ने बताया कि स्थानीय समयानुसार 21 अक्टूबर की सुबह नई दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई, AQI) लगभग 350 तक पहुंच गया, जिससे यह "बेहद खराब" श्रेणी में आ गया। उसी दिन की सुबह लगभग 6 बजकर 15 मिनट पर, अशोक विहार, बवाना और दिलशाद गार्डन सहित कई इलाकों में एक्यूआई 380 तक पहुंच गया। स्थानीय वायु गुणवत्ता में यह उल्लेखनीय गिरावट दिवाली समारोह (20 अक्तूबर को) की रात को अत्यधिक आतिशबाजी के कारण हुई, जो निर्धारित समय से अधिक थी। (हैया)
स्थानीय समयानुसार 23 अक्टूबर को, दिवाली के दो दिन बाद, भारत की राजधानी नई दिल्ली अभी भी धुंध में लिपटी हुई है। भारतीय केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति ने बताया कि स्थानीय समयानुसार 21 अक्टूबर की सुबह नई दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई, AQI) लगभग 350 तक पहुंच गया, जिससे यह "बेहद खराब" श्रेणी में आ गया। उसी दिन की सुबह लगभग 6 बजकर 15 मिनट पर, अशोक विहार, बवाना और दिलशाद गार्डन सहित कई इलाकों में एक्यूआई 380 तक पहुंच गया। स्थानीय वायु गुणवत्ता में यह उल्लेखनीय गिरावट दिवाली समारोह (20 अक्तूबर को) की रात को अत्यधिक आतिशबाजी के कारण हुई, जो निर्धारित समय से अधिक थी। (हैया)
स्थानीय समयानुसार 23 अक्टूबर को, दिवाली के दो दिन बाद, भारत की राजधानी नई दिल्ली अभी भी धुंध में लिपटी हुई है। भारतीय केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति ने बताया कि स्थानीय समयानुसार 21 अक्टूबर की सुबह नई दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई, AQI) लगभग 350 तक पहुंच गया, जिससे यह "बेहद खराब" श्रेणी में आ गया। उसी दिन की सुबह लगभग 6 बजकर 15 मिनट पर, अशोक विहार, बवाना और दिलशाद गार्डन सहित कई इलाकों में एक्यूआई 380 तक पहुंच गया। स्थानीय वायु गुणवत्ता में यह उल्लेखनीय गिरावट दिवाली समारोह (20 अक्तूबर को) की रात को अत्यधिक आतिशबाजी के कारण हुई, जो निर्धारित समय से अधिक थी। (हैया)