Web  hindi.cri.cn
    संडे की मस्ती 2015-10-25
    2015-10-22 16:40:59 cri

    1. दोस्तों, एक बार बंता गर्मियों में पसीने से भीगा संता के घर गया, बंता ने संता से पूछा- यार यह सूरज रात को क्यों नहीं निकलता?

    संता बोला- क्या पता यार, निकलता भी हो, पर अंधेरा इतना होता है कि पता ही नहीं चलता। 

    2. संडे के दिन संता फिल्म देखने गया। लेकिन वह वहां से वापस आया क्योंकि... जो फिल्म लगी थी, उसका नाम था हाउसफुल।

    3. एक परेशान औरत एक पंडित के पास गई। औरत ने पंडित से पूछा : पंडितजी, मेरे पति हमेशा मुझसे लड़ते रहते हैं। घर की सुख शांति के लिए कौन सा व्रत रखूं? पंडित जी बोले : मौन व्रत रखो बेटा सब बढ़िया होगा।

    4. संता बंता से बोला - यार मेरी बीवी गुस्सा बहुत करती है। बंता बोला- पहले मेरी बीवी भी करती थी। संता ने पूछा- तुमने ऐसा क्या किया जो अब गुस्सा नहीं करती। बंता बोला - वो एक दिन गुस्से में थी, मैंने कह दिया कि बुढ़ापे में गुस्सा आ ही जाता है। उस दिन के बाद से वह गुस्सा नहीं करती।

    अखिल- दोस्तों, अब हम आपसे विदा लेते हैं। अब हमारा जाने का वक्त हो चला है... अगले हफ्ते हम फिर लौटेंगे, इसी समय, इसी दिन अपनी मस्ती की पाठशाला लेकर। आप हमें लेटर लिखकर या ई-मेल के जरिए अपनी प्रतिक्रिया, चुटकुले, हंसी-मजाक, मजेदार शायरी, अजीबोगरीब किस्से या बातें भेज सकते हैं। हमारा पता है hindi@cri.com.cn। अभी के लिए मुझे और श्याओ यांग को दीजिए इजाजत। गुड बॉय, नमस्ते।


    1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13
    © China Radio International.CRI. All Rights Reserved.
    16A Shijingshan Road, Beijing, China. 100040