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हवा में खड़ा मंदिर
2013-07-08 09:12:26

यह सर्वविदित है कि मंदिर और मठ आम तौर पर जमीन पर बनाये जाते हैं, लेकिन उत्तरी चीन के शानसी प्रांत में एक ऐसा मंदिर देखने को मिलता है, जो सीधी खड़ी पहाड़ी पर बना हुआ है और दूर से देखने में लगता है कि मानो वह हवा में अटका हुआ हो, इसलिए वह हवा में खड़ा मंदिर के नाम से चीन में मशहूर हैं। इस मंदिर को चीनी भाषा में'शुआन खोंग स:'और अंग्रेजी भाषा में'हैंगिंग टैम्पल'कहा जाता हैं। यह मंदिर शानसी प्रांत के हुनयान कस्बे में हंग पहाड़ी पर स्थित है, जिसका निर्माण आज से 1500 वर्ष पहले हुआ था। इस मंदिर के निकट ताथोंग शहर है जो उत्तर-पश्चिम में 65 कि.मी. दूर हैं। ताथोंग में युनकांग गुफाओं के अलावा, हवा में खड़ा मंदिर ऐतिहासिक स्थलों और मुख्य पर्यटक आकर्षणों में से एक हैं। यह चीन में अब तक सुरक्षित एकमात्र बौध, ताओ और कन्फ्युशियस धर्मों की मिश्रित शैली से बना अदभुत मंदिर है।

चीन के सुरक्षित प्राचीन वास्तु निर्माणों में से यह मंदिर एक अत्यन्त अद्भुत निर्माण है। वह घने पहाड़ियों की घाटी में फैले एक छोटे से बेसिन में स्थित है। घाटी की दोनों ओर 100 मीटर की ऊंची-ऊंची चट्टानें सीधी खड़ी हैं। मंदिर खड़ी चट्टान पर जमीन से 50 मीटर की ऊंची सतह पर बना हुआ है, जो हवा में खड़ा हुआ नज़र आता है। दूर से देखने पर बहु-मंजिला मंदिर का तल्लाधार दस से अधिक पतली पतली लम्बी लकड़ियों पर खड़ा है, और मंदिर के ऊपर पहाड़ी चट्टान का एक विशाल टुकड़ा बाहर की ओर आगे बढ़ा हुआ है, ऐसा लगता है कि मानो वह अभी मंदिर पर गिर जाएगा। यह काफी भयभीत करने वाला दृश्य लगता है। इस मंदिर में छोटे-बड़े 40 से अधिक भवन व मंडप हैं, जो चट्टान पर गाड़े हुए लकड़ियों से टिकाया हुआ हैं। इस तरह हवा में बने हुए लकड़ी के रास्ते पर चलने वाले लोगों की सांस गले पर अटक जाती है। जरा सी लापरवाही करने की कोई गुंजाइश नहीं बचती हैं। बराबर डर बना रहता है कि कहीं यह मंदिर नीचे गहरी खाई में तो न गिर जाए। परन्तु पांव के दबाव से लकड़ी का रास्ता आवाज तो जरूर करता है, पर चट्टान से सटा मंदिर जरा भी हिचकोले नहीं खाता हैं।

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