लाल लिफ़ाफे की माँग करने को आमतौर पर चीनी भाषा में थाओ होंग पाओं कहते हैं। अगर एक शादीशुदा व्यक्ति ऐसी माँग को पूरा नहीं करता हैं तो ऐसा माना जाता हैं कि नव वर्ष में उसका भाग्य रूठा हुआ हैं। लाल लिफ़ाफे अक्सर विवाहित दम्पति परिवार में युवा अविवाहित बच्चों को दिया करते हैं। यह एक रिवाज़ हैं और बडों का छोटों के प्रति प्यार जब लाल लिफ़ाफा लेने से पहले नववर्ष की शुभकामनाएँ देते हैं। उसके बाद उस लाल लिफ़ाफे को बिना खोले अपने तकिये के नीचे रखकर 7 दिन तक सोते हैं क्योंकि इसे अच्छी किस्मत और भाग्य का प्रतीक माना जाता हैं।
जापान में भी नये साल के समय में इसी तरह पैसे देने की परंपरा हैं जिसे ओतो-शि-दामा कहा जाता हैं।
लाल लिफ़ाफे के अलावा आमतौर पर बड़े छोटों को छोटें उपहार देते हैं जिसमे खाने की चीज़ या मिठाई होती हैं। इन छोटे उपहारों को नववर्ष के अवसर पर मित्रों और रिश्तेदारों में बांटा जाता हैं। सामान्य उपहारों में फल, केक, बिस्किट, चाकलेट, टॉफी, आदि होते हैं।
जब नया साल आता हैं तो बाज़ार और गाँव के मेले लगाये जाते हैं। ये आमतौर पर खुले बाज़ार होते हैं जो नये साल से सम्बंधित चीजें जैसे कि फूल, खिलौने, कपड़े, और पटाखे आदि होते हैं। यह लोगों के लिए काफ़ी सुविधाजनक हो जाता हैं कि नये साल पर आने वालो के लिए उपहार खरीद सके और घर की साज सज्जा का सामान भी खरीद सके।
चीन में आतिशबाजी का भी बहुत बोलबाला हैं। प्राचीन समय में बुरी आत्मा को भगाने के लिए बांस की नली में बारूद भर के एक छोटा धमाका किया जाता था। आज के समय में, यह प्रणाली पटाखों में विकसित हो कर त्यौहार-उत्सवों में प्रयोग होने लगे हैं। पटाखे आमतौर पर एक लंबे धागे से बंधा होता है ताकि उसे तांगा जा सके। जैसा कि चीन में लाल रंग बहुत शुभ माना जाता है तो हर एक पटाखा लाल रंग के कागज़ से लिपटा हुआ होता है और उसके अंदर बारूद भरा होता हैं। एक बार जब एक पटाखे में आग लगाई जाती है तो उसके साथ बंधे सैकडों पटाखे भी फूट पड़ते हैं जिससे कानफोड़ धमाका होता हैं और यह माना जाता है कि इससे बुरी आत्मा भाग जाती हैं। पटाखे फोड़ना चीनी लोगों का खुशहाली का प्रतीक हैं और चीनी नववर्ष मनाने का अभिन्न पहलू हैं।