Web  hindi.cri.cn
चीन में किताब पढ़ने का भविष्य- नौवां शांगहाई पुस्तक मेला
2012-09-19 09:26:48

वर्तमान में चीन में मुद्रित किताब पढ़ने का प्रचलन कम होता जा रहा है। युवा वर्ग में कंप्यूटर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं। इस के कारण मुद्रित पुस्तकों को पढ़ने वाले लोगों की संख्या में बहुत तेजी से कमी आ रही है। इस साल अगस्त माह में शांगघाई में आयोजित पुस्तक मेले में इस विषय पर खूब चर्चा हुई। 8 अगस्त 2012 को चीनी प्रेस और प्रकाशन जनरल ब्यूरो तथा शांघाई शहर की सरकार ने संयुक्त रूप से शांघाई पुस्तक मेले का आयोजन किया। सात दिनों तक चले इस पुस्तक मेले में नये पुस्तकों का विमोचन, रचनाओं का विज्ञापन, लेखकों द्वारा अपनी पुस्तक पर ओटोग्राफ, सांस्कृतिक व्याख्यान, विशेषज्ञ फोरम आदि 400 कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शांघाई पुस्तक मेला पिछले नौ सालों से आयोजित किया जा रहा है और इसे बहुत प्रभावकारी माना जाता है, लेकिन अगर हम इस साल के पुस्तक मेले की बात करें तो, इस साल के पुस्तक मेले ने भी अपना विशेष प्रभाव कायम किया है। इस बार के पुस्तक मेले में पहली बार मनुष्य और पुस्तक के संबंध के बारे में चर्चा हुई है और मानवी संस्कृति पर महतव् दिया गया है।

इस बार के पुस्तक मेले में, लेखक, विद्वान, छात्र सभी एक ही विषय पर चर्चा कर रहे थे—पुस्तक अध्ययन का क्या भविष्य। किताब पढ़ना जहां एक तरफ आनंददायक होता है वहीं दूसरी तरफ एक कठिन काम भी है। मनुष्य को जब अध्ययन की स्वतंत्रता और पुस्तक के चयन की स्वतंत्रता मिलती है तो वह एक खुशगवार बात होती है। पुस्तक जितना ही उत्तम होता है उसे पढ़ने वाले लोगों की संख्या भी उतनी ही ज्यादा होती है और लोग उस पुस्तक को बार-बार पढ़ते हैं। पुस्तक अध्ययन के बारे में प्रसिद्ध लेखक सु थुंग ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि किताब पढ़ने से व्यक्ति का एकाकीपन दूर होता है। यह एक ऐसा माध्यम है जिससे आदमी के दिल पर पड़ा भारी से भारी बोझ भी हट जाता है। क्योंकि किताब पढ़ने से आप बहुत सारे पात्रों से मिलते हैं, नये विश्व से आपका परिचय होता है। पढ़ने के दौरान आपका परिचय बहुत सारी नयी चीजों से होता है।

लेकिन आज के आधुनिक युग में किताब प्रेमी लोगों के सामने इलेक्ट्रॉनिक रीडिंग एक बड़ी चुनौति के रूप में सामने आया है। चीनी ट्विटर के विकास ने न केवल किताब प्रेमी लोगों को प्रभावित किया है बल्कि लेखकों पर भी गहरा प्रभाव डाला है। माइक्रो ब्लॉग की इस नयी चुनौति के सामने कागजी किताब पढ़ने का भविष्य कैसा होगा, इस सवाल का जबाव बहुत सारे किताब प्रेमियों के लिए एक खोज का विषय बन गया है। प्रसिद्ध लेखिका यू तान ने पुस्तक अध्ययन के अपने जीवन पर प्रभाव के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि मनुष्य किताब क्यों पढ़ता है। मेरे विचार में यह जीवन का एक रूप है। यह तो जीवन का एक भाग हो गया है। मेरे विचार में किताब पढ़ना किसी आस्था या दृढ़निश्चय से जुडा हुआ नहीं है। मेरा मानना है कि आज के इस दौर में पढ़ने योग्य सामग्री है ही नहीं, बल्कि पढ़ने अयोग्य सामग्री भी मौजूद है।

1 2 3
आप की राय लिखें
Radio
Play
सूचनापट्ट
मत सर्वेक्षण
© China Radio International.CRI. All Rights Reserved.
16A Shijingshan Road, Beijing, China. 100040