प्राचीन तिब्बती चिकित्सा का विकास
2014-02-16 19:03:57

तिब्बती चिकित्सा प्राचीन तिब्बती लोगों द्वारा यूरोप और एशिया के विभिन्न परंपरागत औषधि सभ्याता की एकता बनाने के दौरान स्थापित की गई परंपरागत चिकित्सा व्यवस्था है। इस चिकित्सा पद्धति का इतिहास 2 हजार वर्ष पुराना है। पुराना इतिहास, संपूर्ण सैद्धांतिक व्यवस्था, विशेष सांस्कृतिक विचार और उपचार के व्यापक उपाय से तिब्बती चिकित्सा विश्व के परंपरागत चिकित्सा के ख़ज़ाने में एक मोती बन गया है।

छिंगहाई प्रांत, उत्तर-पूर्वी छिंगहाई-तिब्बत पठार पर स्थित है। अधिक ऊंचाई जैसी विशेष प्राकृतिक स्थिति से यहां पर औषधीय संसाधन अत्यंत मूल्यवान हैं, तिब्बती चिकित्सा का इतिहास पुराना और इसका जनाधार व्यापक है।

तिब्बती दवा सभ्याता का और अच्छी तरह संरक्षण और प्रचार-प्रसार करने के लिए वर्ष 2006 में तिब्बती चिकित्सा चीन के राष्ट्रीय गैर-भौतिक सांस्कृतिक विरासत के पहले खेप के संरक्षण में शामिल हुआ था। तिब्बती चिकित्सा पद्धति के प्रचार प्रसार और संरक्षण किये जाने से देश विदेश में इस चिकित्सा पद्धति का विस्तार हो रहा है। तिब्बती चिकित्सा का रहस्यमय इतिहास और विकास, इलाज के जादुई उपाय और प्रभाव बहुत अद्भुत हैं।

शीनिंग स्थित छिंगहाई तिब्बती चिकित्सा अनुसंधान केंद्र में डॉक्डर अक्सर रोगियों के साथ बातचीत करते हैं और उनका इलाज करते हैं। एईछवछ्यान चीन के तिब्बती चिकित्सा संस्कृति संग्रहालय के अध्यक्ष, छिंगहाई प्रांत के तिब्बती अस्पताल, छिंगहाई विश्वविद्यालय के तिब्बती चिकित्सा कॉलेज के अध्यक्ष, चिनख तिब्बती चिकित्सा कंपनी के अध्यक्ष हैं। तिब्बती चिकित्सा के जादुई प्रभाव की चर्चा करते हुए उन्होंने अपनी कहानी सुनाते हुए कहा:

"मुझे तिब्बती चिकित्सा से लाभ मिला है। 18 वर्ष पहले मैं पेट के कैंसर से पीड़ित था। उस समय सर्जरी के बाद मैंने विकिरण और कीमोथेरेपी भी लिया था। अस्पताल से घर वापस लौटने के बाद मैंने तिब्बती दवाई खाना शुरु किया। आज इस बात को 18 वर्ष बीत चुके हैं। क्या आप कह सकते हैं कि मैं एक कैंसर रोगी हूं?मैं एक विशिष्ट उदाहरण हूं। इस तरह और भी कई लोग बीमार हैं।"

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