नमस्कार, आदाब, सत श्री अकाल। दोस्तों मैं विकास और सपना एक बार फिर आपके मनपसंद कार्यक्रम आपकी पसंद के साथ हाजिर हूँ । दोस्तों एक जरूरी सूचना, आपकी पसंद कार्यक्रम को एक नया रूप देने की कोशिश कर रहे हैं इसलिए हम आशा करते हैं कि श्रोता अपने पसंदीदा गीत के नाम के साथ साथ सुझाव भी जरूर भेंजें।
सपना:हाँ दोस्तों विकास ने बिल्कुल ठीक कहा है। किसी भी कार्यक्रम को बेहतर ढंग से पेश करने के लिए आपकी राय अतिआवश्यक है। तो लिजिए आज हम अपने कार्यक्रम की शुरूआत इस गाने के साथ करते हैं। गाने के बोल हैं—आजा नच ले और इसे गाया है सुनिधि चौहान ने।
विकास: जी हाँ दोस्तों आजकल चीन में भी नाचने गाने का माहौल बना हुआ है। चीन का नया साल या वसंत त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है यहाँ का माहौल बदल रहा है। दुकानें सजी-धजी हुई है, लोग अक्सर वसंत त्योहार की खरीददारी करते हुए नजर आते हैं।
सपना:जी विकास ने सही कहा है वसंत त्योहार चीन का सबसे बङा त्योहार है। चीनी लोग इस पर्व को बहुत ही धूम-धाम से मनाते हैं और लोग बङी संख्या में अपने घर वापस लौटकर एक साथ मनाते हैं। इसलिए लोग बहुत पहले से ही घर जाने की तैयारी में लग जाते हैं। लिजिए इसी के साथ हमारा दूसरा गाना सुनिए। गाने के बोल हैं दिल तो पागल है
विकास:दिल तो पागल है दिल दिवाना है। सपना जी क्या आपको पता है कल मैं सबवे में जा रहा था तो देखा एक लगभग पचास साल की महिला अपने पति को गले में बाहें डालकर बैठी थी। मुझे बहुत अजीब लगा।
सपना: विकास जी, चीन में अब यह बहुत ही आम बात है। चीन में सुधार और विकास के बाद लोगों पर पश्चिमी सभ्यता का यह असर है। आपको स्कूल कॉलेजों में यह दृश्य तो अक्सर दिखाई देंगे। नये लोग प्यार में इस कदर डूब जाते हैं कि न उन्हें जगह का ख्याल होता है न ही समय का।
विकास: मेरे विचार में भारतीय लोगों पर पश्चिमी सभ्यता का असर इतना ज्यादा नहीं पड़ा है। दोस्तों लिजिए हमारा ये गाना सुनिए, गीत के बोल हैं— लाल दुपट्टा मलमल का और इसे गाया है सुरेश वाडेकर ने।
सपना:दोस्तों आपको पता है 10 जनवरी को चीन के पेईचिंग शहर में धूमधाम से हिन्दी दिवस मनाया गया।
विकास:जी पता है। पूरे भारत में भी यह त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है और इस उपलक्ष्य में जगह-जगह संगोष्ठियाँ आयोजित की जाती है। इस पर हम अपनी बात जारी रखेंगे लेकिन पहले यह गीत। गीत के बोल हैं ओ रे पिया और इसे स्वरबद्ध किया है राहत फतेह अली खान ने।
सपना:विकासजी मैं कह रही थी कि भारत में तो अधिकांश लोग हिन्दी के बदले अंग्रेजी के उपयोग पर जोर देते हैं। बहुत लोग हिन्दी बोलना पसंद नहीं करते हैं। ऐसा क्यों है।
विकास:सपना जी हिन्दी हमारी मातृभाषा है और अभी भी भारत के अधिकांश भागों में सिर्फ हिन्दी बोली जाती है। अंग्रेजी हमारी कार्यकारी भाषा है इसलिए लोग इसे सिखने पर जोर देते हैं।
सपना:अच्छा। मैं समझ गयी। दोस्तों आप भी इस पर विचार किजिए और हमारा अगला गाना सुनिए। गाने के बोल हैं मुझे निंद न आये और इसे गाया है अनुराधा पौड़वाल और उदित नारायण ने।
विकास:दोस्तों अब हमारा आपसे विदा लेने का समय आ गया है। एक बार फिर से आप श्रोताओं से गुजारिश है कि हमारे कार्यक्रम को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव जरूर भेंजें।
सपना:जी हमें आपके नये फरमाईश और सुझाव का हमेशा इंतजार रहेगा।
















