फिल्म यह रात फिर न आएगी का गीत
राकेशः इस गीत को सुनना चाहा था आप सब ने जिला मुरादाबाद पटटीवाला से मोहम्मद दिलशाद, फईम राजा, नौशाद बाबू, नईस आजाद, मौ. नसीम और मौ. इरशाद।
वनिता:अच्छा, दोस्तो, यह पत्र हमें भेजा है बिहार से सुनील केशरी, डी.डी साहिबा,संजय केशरी, बबिता केशरी व खुशबू अंजली ने। इन्होंने लिखा है कि राकेश जी को हमारा प्यारभरा नमस्कार। आप दोनों द्वारा प्रस्तुत आपकी पसंद कार्यक्रम इतना लोकप्रिय हो चुका है की लोग अक्सर ई मेल भेज कर भी अपनी फरमाईश सुनते है हमारे यहां इस प्रकार की सुविधा न होने से हम इस लाभ से वंचित है। मैं हमेशा पत्र लिखकर ही सी.आर.आई के हर कार्यक्रम हर उदघोषक भाई बहन के संपर्क में रहा हूं। आप के पास बराबर पत्र भेजते हैं। आप हमारे इन पत्रों को हमारी फरमाईश के साथ आप की पसंद कार्यक्रम में शामिल करें तो इनायत ही इनायत होगी आप जो भी नए पुराने गीत बजाते हैं, वे हमारे दिल की गहराइयों को छू जाते हैं। आपकी पसंद कार्यक्रम हमें सबसे प्यारा लगता है और हम इस कार्यक्रम को हर सप्ताह ध्यान से सुनते हैं।
राकेश:कार्यक्रम पसंद करने और हमें पत्र लिखने के लिए सुनील केशरी जी आप का बहुत धन्यवाद। आशा है कि आप लोग आगे हमारे कार्यक्रम को इसी तरह पसंद करते रहेंगे और अपनी राय से भी हमें अवगत कराते रहेंगे समर्थन करेंगे। आएं, एक और गीत सुनें,यह गीत है फिल्म कश्मीर की कली से और इसे गाया है आशा ने ।
वनिता चाइना रेडियो इंटरनेशनल से आप सुन रहे हैं हिन्दी फिल्मी गीतों पर आधारित कार्यक्रम आप की पसंद। यदि आप भी कोई गीत सुनना चाहते हैं, तो हमें पत्र लिखकर या ई-मेल से अपनी फरमाइश भेज सकते हैं।
राकेश पत्र लिखने और ई-मेल के हमारे पते इस प्रकार हैं, पी. ओ. बॉक्स न 4216, सी. आर. आई.-7, पेइचिंग, चीन, 100040। आप हमें नई दिल्ली के पते पर भी पत्र लिख सकते हैं, नोट कीजिए, नई दिल्ली में हमारे दो पते हैं।
पहला पता हैः हिन्दी विभाग, चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पहली मंजिल, ए ब्लॉक छ बटा चार, वसंत विहार, नई दिल्ली, पोस्ट-110057।
वनिताः और दूसरा पता है चीनी दूतावास, हिन्दी विभाग, चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पचास डी, शांति पथ, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, पोस्ट-110021।
राकेशः यदि आप के पास इंटरनेट की सुविधा है तो आप हमारी वेबसाईट अवश्य देखें hindi.cri.cn। हमारा ई-मेल का पता हैः hindi@cri.com.cn । हमें आप के पत्रों का इंतजार रहेगा।
वनिताः कार्यक्रम का अगला गीत है फिल्म तुम सा नहीं देखा से, रफी और आशा की आवाज़ में इस गीत को लिखा है मजरुह सुलतानपुरी ने और संगीत दिया है ओ पी नैय्यर ने।
राकेशः इस गीत को सुनना चाहा था हमारे इन श्रोताओं ने अंसार रेडियो श्रोता संघ,मऊनाथ भंजन यू पी से मुहम्मद इरशाद,आफरीन बानो,शमशाद अहमद अंसारी,निजामुद्दीन,शादाब अनवर और रशीदा बेगम।
वनिताः दोस्तो, कार्यक्रम के अंत में सुनें, तलत की आवाज़ में सोने की चिड़िया फिल्म का यह गीत।
राकेशः अच्छा, दोस्तो, इस गीत के साथ ही हमारा आज का यह कार्यक्रम समाप्त होता है। आशा है आप को यह क्रार्यक्रम पसंद आएगा। अगली बार फिर मिलेंगे। तब तक के लिए आज्ञा दीजिए। नमस्कार।
वनिताः नमस्कार।