पाकिस्तानी संसद ने 14 मई को अमेरिकी सेना के अल-कायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन की मौत को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें अमेरिका के पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करके इस एकतरफा कार्रवाई की निंदा की गई और सरकार से अमेरिका के साथ समझौतों की शर्तों का मूल्यांकन एक बार फिर से करने की अपील की गई। ताकि इन समझौतों को पाकिस्तान के हितों से मेल खाने को निश्चित किया जाए।
पाकिस्तानी संसद ने उसी दिन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की रिपोर्ट सुनकर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की निंदा की। संसद ने कहा कि एकतरफा कार्रवाई से दुनिया भर में आतंकवाद का खात्मा नहीं हो जाएगा और सरकार से स्वतंत्र आयोग को जांच करने का आदेश देने की अपील की, ताकि भविष्य में इस तरह घटना न हो सके।
संसद ने साथ ही में अमेरिका से चालक रहित विमानों के जरिए पाकिस्तान में हमला न करने का आग्रह किया। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि अमेरिका के विशेष बलों के अचानक एबटाबाद में हमला करने यानी चालक रहित विमानों के जरिए हवाई हमला करने की इस तरह की एकतरफा कार्रवाई अस्वीकार्य है। अगर अमेरिका इस तरह के कार्यों को नहीं रोकेगा, तो पाकिस्तान सरकार जवाबी कदम उठाने को तैयार है, जिसमें पाकिस्तान के माध्यम से नाटो के अफगानिस्तान में माल भेजने की मदद को रोकना शामिल है।
(नीलम)















