चीनी राष्ट्राध्यक्ष हू चिंगथाओ ने रविवार 6 मार्च को पेइचिंग में जारी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा के वार्षिक सम्मेलन के दौरान तिब्बती प्रतिनिधि मंडल की बैठक में हिस्सा लिया,जिसमें उन्होंने बल देकर कहा कि तिब्बत को केंद्रीय सरकार की तिब्बत-कार्य के बारे में मार्गनिर्देशक अवधारणा पर डटा रहते हुए चीनी और तिब्बती दोनों विशेषताओं वाले विकास के रास्ते पर चलता रहना चाहिए।
तिब्बती जन प्रतिनिधियों की रायें सुनने के बाद हू चिंग-थाओ ने बयान दिया।5 मार्च को तिब्बती नववर्ष की शुरूआत थी।हू चिंगथाओ ने सर्वप्रथम सभी तिब्बती जन प्रतिनिधियों और तमाम तिब्बती बंधुओं को नववर्ष की शुभकामना दी।
उन्होंने रेखांकित करते हुए कहा कि तिब्बत को सुधार व विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों को ठोस रूप से बखूबी अंजाम देना चाहिए,जिससे कि तिब्बत में छलांग लगाने वाले विकास व स्थाई स्थायित्व के सुदृढीकरण और खुशहाल समान के निर्माण को बढावा मिल सके।
हू चिंगथाओ का कहना है कि तिब्बत में ऐसा किया जाना चाहिए कि तिब्बती विशेषता वाले व्यवसायों,कृषि व पशुपालन उद्योगों के विकास पर जोर दिया जाए,आधारभूत सरंजामों के निर्माण व पारिस्थितिक पर्यावरण के संरक्षण को मजबूत किया जाए,जमीनी तौर पर जनजीवन को सुधारा किया जाए व सुनिश्चित किया जाए,सार्वजनिक सेवा-क्षेत्र एवं सार्वजनिक परियोजनाओं में अधिक पूंजी-निवेश किया जाए,व्यापक गांवों,चरागाहों व दूर-दराज के इलाकों में अधिक उदार वित्तीय नीति अपनाई जाए,ताकि विभिन्न जातियों के लोग सुधार व विकास से लाभांवित हो सके।















