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स्वयंसेवकों की मुस्कराहट में क्वांगचो एशियाड का स्वागत है
2010-11-18 15:57:05
दोस्तो, 16वां एशियन खेल दक्षिण चीन के क्वांगचो शहर में आयोजित होने वाला है। क्वांगचो में सुन्दर दृश्य और सुहावना मौसम है। इससे और आकर्षक दृश्य लोगों की मुस्कराहट है। एशियन खेल के दौरान लाखों स्वयंसेवक अपनी मुस्कराहट से दुनिया को बताएंगे क्वांगचो कितना सुन्दर शहर है।

"एक साथ करो, और सुन्दर बनो" के नारे के साथ साथ क्वांगचो एशियाड और क्वांगचो पैरा एशियाड के लिए स्वयंसेवकों का आवेदन पहली अक्तूबर को समाप्त हुआ। एशियाड आयोजन कमेटी के स्वयंसेवक विभाग के आंकड़ों के अनुसार कोई 15 लाख से ज्यादा लोगों ने स्वयंसेवक बनने के लिए आवेदन किया है। योजनानुसार करीब 5 लाख 90 हजार स्वयंसेवकों की भरती की गई है, जिनमें क्वांगचो एशियाड के 60 हजार, पैरा एशियाड के 25 हजार और शहर में 5 लाख स्वयंसेवक हैं।

स्वयंसेवक शब्द क्वांगचोवासियों के लिए अनजान नहीं है। वर्ष 1992 में क्वांगचो में तीसरे राष्ट्रीय विशेष रूप से योग्य खिलाड़ियों के खेल का आयोजन हुआ था, जिसमें स्वयंसेवकों ने काम किया था। उस समय की तुलना में अब क्वांगचो में स्वयंसेवकों के काम की श्रेणी और विस्तृत हो गई है। स्टेडियम के अलावा, क्वांगचो एशियाड के न्यूज़ केन्द्र और खेल-गांव आदि स्थलों में भी विभिन्न जिम्मा उठाने वाले स्वयंसेवक काम कर रहे हैं।

क्वांगचो चोंगशान विश्वविद्यालय में पढ़ रहे मा लान ची एशियाड के दौरान विदेशी मेहमानों के लिए अनुवाद का काम करेंगी।

"मैं अपनी अंग्रेजी लगातार उन्नत करने का प्रयास करती रहूंगी, ताकि मेरी मौखिक अंग्रेजी और अच्छी हो। इस के अलावा, मैं शिष्टाचार से भी परिचय हासिल कर रही हूं, ताकि मेरी सेवा और उचित व कारगर हो।"

अपना सेवा स्तर उन्नत करना न सिर्फ़ मा लान ची की, बल्कि सभी स्वयंसेवकों की कोशिश है। स्वयंसेवकों को अपनी सेवा का विषय स्पष्ट रूप से बताने और विभिन्न देशों व क्षेत्रों की संस्कृतियों से परिचित कराने के लिए क्वांगचो एशियाड आयोजन कमेटी ने एशियाड व पैरा एशियाड के स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया है।

स्वयंसेवकों में न सिर्फ़ क्वांगचोवासी हैं, एशियाई देशों व क्षेत्रों के दोस्त भी शामिल हैं। यी सार उन में से एक है। वह कई महीने पहले चीनी भाषा सीखने के लिए कोरिया गणराज्य से क्वांगचो आई। अब वह क्वांगचो एशियाड की एक स्वयंसेवक बन गई है। उसने कहा कि 2002 एशियन खेल कोरिया गणराज्य के बुसान में हुआ था। लेकिन उस समय वह छोटी थी, इसलिए स्वयंसेवक नहीं बन पाई। इस बार उसे स्वयंसेवक के रूप में क्वांगचो एशियाड में भाग लेने का मौका मिला है, वह बहुत खुश है।

"मैं कोरिया गणराज्य से आई हूं और मेरा नाम यी सार है। हमारे परिवार के सभी लोग मेरी तरह क्वांगचो एशियाड देखने और इस में योगदान देने के लिए बहुत उत्साही हैं। एक एशियावासी होने के नाते मैं भी एशिया में अपना योगदान देना चाहती हूं। क्वांगचो एशियाड के आयोजन के समय मैं यहीं पर हूं, इसलिए मैं स्वयंसेवक बनना चाहती हूं।"

हालांकि विदेशी स्वयंसेवकों का चीनी भाषा का उच्चारण मानक नहीं है और उन्हें क्वांगचो की स्थिति की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन उन की हिस्सेदारी से एशियाड में अंतरराष्ट्रीय भावना का संचार हो गया है। क्वांगचोवासी सुश्री छन ने कहाः

"मुझे लगता है कि क्वांगचो एशियाड में विदेशी स्वयंसेवकों की हिस्सेदारी से क्वांगचो के वातावरण में नई स्फूर्ति और ताज़गी आई है। विदेशी स्वयंसेवक क्वांगचो एशियाड के प्रति बहुत उत्साही हैं, जो बहुत प्रशंसनीय बात है।"

लोगों के दिमाग में स्वयंसेवक युवाओं का काम है। लेकिन 81 वर्षीय बुज़ुर्ग श्यांग य्वुन ह्वा और उन के पति भी क्वांगचो एशियाड के स्वयंसेवक हैं। वे अपनी गतिविधियों के ज़रिए हमें बताते हैं कि मन की इच्छा पूरी करना सबसे महत्वपूर्ण है, उम्र की कोई समस्या नहीं।

"स्वयंसेवक बनने के लिए कोई भी आवेदन कर सकता है। मेरे से जो भी बन पड़ेगा स्वंयसेवक के रूप में मैं करूंगी।"

अब क्वांगचो में हर बस स्टेशन पर स्वयंसेवा का अंगूठे की आकृति का निशान नज़र आता है और व्यस्त सड़कों पर स्वयंसेवा केन्द्र बने हुए हैं। स्वयंसेवा केन्द्र एक 6 वर्ग मीटर बड़ा कमरा है, जहां से स्वयंसेवक लोगों का मार्गदर्शन करने का और अनुवाद आदि का काम करेंगे। सभी स्वयंसेवक अपनी-अपनी विशेष जिम्मेदारी का काम करेंगे। कुछ विदेशी मेहमानों के लिए अनुवाद करना होगा, तो कुछ शहर की शांति बनाए रखने में सहयोग करेंगे और कुछ अपने शौक को स्वयंसेवा का मुद्दा बना रहे हैं। रोलर स्केटिंग के मास्टर ली सोंग ह्वी ने कहा कि रोलर स्केटिंग का प्रचार करना उन की स्वयंसेवा का मुद्दा है।

"मेरी आशा है कि लोग एक साथ व्यायाम करें। व्यायाम करो और स्वस्थ बनो, यह मेरा विचार है। मेरी आशा है कि लोग मेरे साथ रोलर स्केटिंग करेंगे।"

क्वांगचो नगरपालिका के अधिकारी चांग क्वांग निंग ने कहा कि अब क्वांगचो में स्वयंसेवा का वातावरण बहुत उत्साहपूर्ण है। उन्होंने कहाः

"अब क्वांगचो में स्वयंसेवा का सभ्याचार और उत्साहपूर्ण वातावरण बन गया है। एक साथ करो, और सुन्दर बनो, क्वांगचो में स्वयंसेवा का ज़ोरदार नारा बन गया है।"

2010 क्वांगचो एशियाड में स्वयंसेवक अपनी आकर्षक मुस्कराहट से आप का स्वागत कर रहे हैं।

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