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येनथाई में वरिष्ठ लोगों का घर
2010-10-21 10:59:12

दोस्तो, आधुनिक समाज में अधिक उम्र के लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है। युवाओं का बोझ कम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा वृद्ध लोग अपने बेटे-बेटी पर निर्भर रहने के अलावा, वृद्ध-सम्मानगृह में जीवन बिताने का चुनाव कर रहे हैं। आज के इस कार्यक्रम में हम आप के साथ पूर्वी चीन के शानतोंग प्रांत के येनथाई शहर के वृद्ध-सम्मानगृह चलेंगे, जिसे वृद्ध कल्याण सेवा केन्द्र भी कहा जाता है।

"मैं अपने इस केन्द्र में आयोजित सभी गतिविधियों में भाग लेती हूं, जैसे सामूहिक नृत्य, गीत, छाया मुक्केबाजी और परिधान प्रदर्शन के लिए कैटवॉक आदि।"

हमें बताने वाली वरिष्ठ दादी येनथाई वृद्ध कल्याण सेवा केन्द्र में रह रही 80 वर्षीय चांग यूह्वा हैं। वे अपने वरिष्ठ जीवन की चर्चा करते हुए बहुत खुश हैं।

येनथाई वृद्ध कल्याण सेवा केन्द्र येनथाई शहर के लाईशान क्षेत्र में स्थित है, जिसके तीनों ओर पहाड़ हैं और एक तरफ़ नदी है। चीनी लोगों के मन में इस तरह की जगह धन्य मानी जाती है। यहां न सिर्फ़ वृद्ध-सम्मानगृह है, बल्कि वरिष्ठ लोगों के विश्राम व स्वास्थ्य-लाभ के लिए येनथाई शहर के सामाजिक कल्याण संगठनों के कर्मचारियों द्वारा वृद्धों को दिया जाने वाला प्रशिक्षण केन्द्र भी है।

येनथाई वृद्ध कल्याण सेवा केन्द्र के प्रधान यू योंगच्वून ने कहा कि वरिष्ठ लोगों के जीवन, स्वास्थ्य-लाभ, मनोरंजन और विश्राम के लिए नए आधुनिक सामाजिक कल्याण केन्द्र के रूप में येनथाई वृद्ध-सम्मानगृह का अपना ठोस प्रबंधन और नियम है। यू योंगच्वून ने कहाः

"वर्ष 2000 में हमें आई.एस.ओ. 9001 का प्रमाण पत्र भी मिला है। हमारे केन्द्र में सुव्यवस्थित नियम कायदे हैं। हम वरिष्ठ लोगों के लिए चिकित्सा, स्वास्थ्य-लाभ, नर्सिंग, मनोवैज्ञानिक सेवा, खाद्य और मनोरंजन आदि सेवा प्रदान करते हैं। हम उन्हें अपने माता-पिता और दादा-दादी की ही तरह मानते हैं और ईमानदारी से अपना कर्तव्य पूरा करते हैं।"

यू योंगच्वून ने कहा कि वर्ष 2007 में येनथाई वृद्ध कल्याण सेवा केन्द्र का काम शुरू हुआ। अब तक 440 से ज्यादा वरिष्ठ लोग जीवन बिताने के लिए यहां आए हैं। 3 वर्षों की कोशिशों से इस वृद्ध-सम्मानगृह को चीनी राजकीय वरिष्ठ मामला कार्यालय द्वारा दिया गया 10 श्रेष्ठ वृद्ध-सम्मानगृह का प्रमाण पत्र मिला है।

येनथाई वृद्ध कल्याण सेवा केन्द्र में स्थानीय वृद्धों के अलावा, देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए वृद्ध भी यहां रहते हैं। येनथाई का सुहावना मौसम, सुन्दर वातावरण और जीवन की बेहतर स्थिति उन्हें यहां आकर्षित करती है। वे प्रवासी पक्षी की तरह गर्मियों में येनथाई में गर्मी से बचने के लिए आते हैं, जबकि सर्दियों में पारिवारिक मिलन का आनन्द उठाने के लिए अपने घर वापस चले जाते हैं।

पेइचिंग से आई दादी ल्यू चिन और उनके पति दादा ह्वा च्वुन दोनों येनथाई वृद्ध कल्याण सेवा केन्द्र में रह रहे हैं। यहां आने का अपना विचार बताते हुए दादी ल्यू ने कहाः

"हमारे दोस्तों ने हमें इस वृद्ध-सम्मानगृह के बारे में बताया। वे पिछले साल यहां रहे थे। उन्होंने हमें बताया कि यहां का वातावरण और सेवा बहुत अच्छी है, यहां के कर्मचारी मैत्रीपूर्ण हैं और यहां का खाना भी वरिष्ठ लोगों के अनुरूप है। हम वरिष्ठ हैं, मेरी और अपने पति की उम्र करीब 80 वर्ष की है। हम एक सुहावनी जगह में बाकी का बचा जीवन बिताना चाहते हैं। हमारे दोस्तों ने इस वृद्ध-सम्मानगृह की इतनी प्रशंसा की, तो हम भी यहां आए हैं।"

दादी ल्यू ने बताया कि यहां आने के बाद वे महसूस कर रहे हैं कि यह सचमुच एक सुन्दर जगह है, न सिर्फ़ यहां के दृश्य, बल्कि कर्मचारी भी बहुत मिलनसार और खुशमिज़ाज़ हैं। हम दोनों को सचमुच येनथाई पसंद है। दादी ल्यू ने कहाः

"यहां का पर्यावरण बहुत अच्छा है, तीनों ओर पहाड़ हैं, हम पहाड़ों के आलिंगन में रहते हैं। यहां के कर्मचारी ईमानदार हैं और हमारी खूब मदद करते हैं। वे हमें दादा-दादी कह कर बुलाते हैं, इस से हमें बहुत खुशी होती हैं। यहां का मैत्रीपूर्ण व सामंजस्यपूर्ण वातावरण सच में बहुत अच्छा है।"

दादी ल्यू चिन के पति दादा ह्वा च्वू ने कहा कि येनथाई वृद्ध कल्याण सेवा केन्द्र में उन्हें श्रेष्ठ सेवा मिल रही है। कपड़ें धोने, खाना बनाने और पानी, बिजली, गैस का बिल जमा करने की चिन्ता करने की कोई ज़रूरत नहीं है। रोज़ाना हमारा काम सिर्फ़ प्रसन्न मनःस्थिति और स्वास्थ्य बनाए रखना है। यह वरिष्ठ लोगों के लिए पार्क ही है। दादा ह्वा ने कहाः

"वरिष्ठ लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या अकेलेपन की होती है। हम युवा पीढ़ी से बात करना चाहते हैं। लेकिन वे काम में व्यस्त रहते हैं। यहां वृद्ध-सम्मानगृह में इस समस्या का उचित समाधान किया गया है। इस तरह हमारे सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और भौतिक जीवन का यहां अच्छा प्रबंध किया गया है। कुल मिला कर कह सकते हैं कि यहां वरिष्ठ लोगों का एक छोटा सा समाज ही बन गया है। शाम को हम एक साथ बातचीत करते हैं या इधर-उधर घूमते हैं, अकेलेपन कभी महसूस नहीं होता।"

दादी ल्यू और दादा ह्वा ने निर्णय लिया है कि हर साल वे यहां येनथाई वृद्ध कल्याण सेवा केन्द्र में आएंगे और कुछ समय यहां रहेंगे। जब और बूढ़े हो जाएंगे और आने-जाने में कठिनाई होगी, तो वे यहां पर स्थाई निवास करेंगे और अपना अंतिम जीवन यहीं बिताएंगे।

दादी ल्यू ने अपनी खुशी की मनःस्थिति दिखाने के लिए एक कविता भी सुनाई।

"तीनों ओर पहाड़ हैं और बीच में मैं रहती हूं। मकान साफ़ हैं और मन मोहनी सुगंध चारों ओर फैली है। लाल-लाल फूल और हरे-हरे पेड़ नज़र आते हैं। पहाड़ों के बीच पक्षी गा रहे हैं। तालाब में मछलियां नाच रही हैं। हम सभी वरिष्ठ हैं। हमारा वरिष्ठ जीवन सुहावना है।"

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