19 और 20 तारीख को फिर कुछ विदेशों के नेताओं और अन्तरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय संगठनों के अधिकारियों ने चीनी नेता हु चिनथाओ, वु पांग क्वो और वन चापाओ आदि के नाम पत्र या तार भेज कर चीन के छिंगहाई प्रांत के युशू तिब्बती स्वायत्त प्रिफेक्चर में आए भारी भूकंप से पैदा जानी माली नुकसान पर संवेदनाएं व्यक्त की।
श्रीलंका के राष्ट्रपति राजपक्षे ने चीन सरकार व चीनी जनता के प्रति श्रीलंकाई जनता का दृढ़ समर्थन बताया और विश्वास प्रकट किया कि चीनी जनता साहस और संकल्प के साथ भूकंप से आयी चुनौतियों से निपटने में विजयी होगी।
इराकी राष्ट्रपति तालाबानी ने चीनी जनता को हार्दिक संवेदना देते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि महान चीनी जनता अवश्य विपत्ति पर विजय पाएगी ।
इटाली के राष्ट्रपति नापोलितानो ने युशू भूकंप से उत्पन्न हुई भारी जानी क्षति पर गहरा शोक प्रकट किया और चीनी जनता को संवेदना जतायी।
इन के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, लेबनान, बहरान, कुवैत, स्वीडन, यूनान, माल्टा, बाईरूस, अर्मेनिया, सेल्वेया, क्रोशिया, स्लोवंनिया, मोल्डोवा, मोर्सेडोनिया, अल्जीरिया, सेनेगर, क्यूबा और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त, संयुक्त राष्ट्र खाद्य व अनाज संगठन के महा निर्देशक और दक्षिण केन्द्र के कार्यकारी अध्यक्ष आदि नेताओं और अधिकारियों ने भी युशू भूकंप को लेकर चीनी जनता को संवेदनाएं भेजीं।















