

सर्दियों में चिकित्सकों के मोथो कांऊटी में इलाज के लिये रहने के अलावा बर्फ पिघलकर रास्ता खुलने के बाद नम्बर 115 अस्पताल का चलता फिरता चिकित्सा दल सब से पहले यहां आता है। इस चिकित्सा दल को अकसर ऊबड़ खाबड़ पहाड़ी रोड तय करने, तंबूओं में रहने, जगली सब्जियों से पेट भरने और गंदा पानी पीने जैसी विविधतापूर्ण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
अक्तूबर 2009 में नम्बर 115 अस्पताल के राजनीतिक कमीसर छू छ्येन पहली बार विशेषज्ञ दल को लेकर मोथो कांऊटी गये। यह उन का इस अस्पताल के राजनीतिक कमीसर का पद संभालने वाला पहला साल है, वे इसी कठिन रोड पारकर पूर्व चिकित्सकों की निडर भावना को महसूस करना और कठोरता सहने की शक्ति और अपने आप को नम्बर 115 अस्पताल के एक सचे चिकित्सक की परख करना चाहते हैं। उनका कहना है:"इस बार हम चिकित्सा, सर्जरी और मुंह विभागों के तीन डांक्टरों व दसेक विशेषज्ञों को संगठित कर इलाज के लिये मोथो कांऊटी गये, हालांकि उपचार के दौरान हमें बड़ी दिक्कतें हुई हैं, पर हमारा दिल फिर भी बहुत आनन्द और सुखद है।"















