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    संडे की मस्ती 2015-01-04
    2015-01-14 09:17:55 cri

    दोस्तों, आपको कैसी लगी यह हास्य कविता। M Sure आपको जरूर पसंद आयी होगी। चलिए.. मैं आपको एक किस्सा बताता हूं। दो भाई साथ-साथ खेती किया करते थे। मशीनों की भागीदारी और चीजों का व्यवसाय किया करते थे। कुछ समय के बाद एक छोटी सी ग़लतफहमी की वजह से उनमें पहली बार झगडा हो गया। झगडा दुश्मनी में बदल गयी। एक सुबह एक बढई बड़े भाई से काम मांगने आया। बड़े भाई ने कहा, "हाँ, मेरे पास तुम्हारे लिए काम हैं। उस तरफ देखो, वो मेरा पडोसी है, यूँ तो वो मेरा भाई है, पिछले हफ्ते तक हमारे खेतों के बीच घास का मैदान हुआ करता था, पर मेरा भाई बुलडोजर ले आया और अब हमारे खेतों के बीच ये खाई खोद दी, जरुर उसने मुझे परेशान करने के लिए ये सब किया है। अब मुझे उसे मजा चखाना है, तुम खेत के चारों तरफ बाड़ बना दो ताकि मुझे उसकी शक्ल भी ना देखनी पड़े."

    बढई ने सिर हिलाते हुए "ठीक हैं" कह दिया। बड़े भाई ने बढई को सारा सामान लाकर दे दिया और खुद शहर चला गया, शाम को लौटा तो बढई का काम देखकर भौंचक्का रह गया, बाड़ की जगह वहा एक पुल था जो खाई को एक तरफ से दूसरी तरफ जोड़ता था। इससे पहले की बढई कुछ कहता, उसका छोटा भाई आ गया। छोटा भाई बोला "भाई, तुम कितने दरियादिल हो, मेरे इतने भला बुरा कहने के बाद भी तुमने हमारे बीच ये पुल बनाया"। कहते-कहते उसकी आँखे भर आईं और दोनों एक दूसरे के गले लग कर रोने लगे। जब दोनों भाई सम्भले तो देखा कि बढई जा रहा था। बड़ा भाई ने कहा, "रुको! मेरे पास तुम्हारे लिए और भी कई काम हैं।" बढई मुस्कुराकर बोला, "साहब, मुझे रुकना अच्छा लगता, पर मुझे ऐसे कई पुल और भी बनाने हैं" और अपनी राह को चल दिया।

    दोस्तों, दिल से मुस्कुराने के लिए जीवन में पुल की जरुरत होती हैं, खाई की नहीं। छोटी छोटी बातों पर अपनों से न रूठें। नया साल आ चुका है। इस नए साल में अपने घरेलू रिश्तों के साथ-साथ सभी दोस्ती के रिश्तों को भी एक नया आयाम दें, इससे ना सिर्फ आपकी खुशियां बढ़ेंगी बल्कि चार गुनी हो जाएंगी। हम कामना करते हैं कि नया साल आप सभी के लिए ढेर सारी खुशियाँ ले कर आए।

    लिली- चलिए दोस्तों... अब हम बढ़ते हमारे हंसगुल्लों की तरफ यानि मजेदार और चटपटे चुटकुले, जहां मिलेंगी हंसी की डबल डोज।

    अखिल- दोस्तों, हम आपको एक ऐसे टीचर से मिलवाने जा रहे है जो बिना सिर-पैर के बच्चों को पढ़ाता है। आइए.. सुनिए यह ख़ास ओडियो...

    दोस्तों, आजकल भारत में ठंड इतने कड़ाके की पड़ रही है कि हर कोई नहाने से बचना चाहता है। पर आज हम संडे की मस्ती कार्यक्रम में आपको बताएंगे स्नान करने के अनेक तरीके....।

    दोस्तों, चोंच डुबा कर दो-चार बूँदें हाथ में लेकर अपने ऊपर छिड़कने को "चोंचु" स्नान कहते हैं।

    इससे भी श्रेष्ठ स्नान होता है "नल नमस्कार स्नान" जो शीतॠतु में नल को "नमस्कार" करके किया जाता है।

    कई वीर साहसी लोग हिम्मत दिखाकर "नल" को "स्पर्श" कर लेते हैं। परंतु ज्ञानी जन दुस्साहस की वर्जना करते हैं।

    इन सबमें सर्वश्रेष्ठ स्नान होता है "जल स्मरण स्नान"। इस "जल स्मरण स्नान" में परम ज्ञानी अपने बिस्तर में बैठे-बैठे "जल देवता" का स्मरण करके करते है।

    अभी बताए गये स्नानों से निम्न लाभ होते हैं।

    (1) इन सभी स्नानों से जल बर्बाद नहीं होता है।

    (2) हम इन सभी स्नानों के माध्यम से बहुत बड़ी मात्रा में "अमूल्य जल" की बचत कर मानव मात्र की सेवा कर सकते हैं।

    दोस्तों, शीतॠतु में इस "चमत्कारी जल स्मरण स्नान" का यथा-संभव पुण्य-लाभ आप सब भी लें... आप भी करके देखिए बहुत पुण्य का काम है। इस शीतॠतु में आप भी हमारे संदेश को आगे किसी को बताकर "जल संरक्षण" के पुण्य कार्य में अपना अतुलनीय योगदान देकर पुण्य-लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

    चलिए.. आपको एक मजेदार ओडियो जोक सुनवाते हैं

    दोस्तों, एक बार एक आदमी मछर से पूछता है :- "अरे, तुम दिन में क्यों काट रहे हो..."

    मच्चर बोलता है :- "ओवरटाइम कर रहा हूं...साहब। मेरे माँ–बाप बीमार है... घर में जवान बहन है और लड़केवालों ने दहेज़ में 1 लीटर खून माँगा है।"

    Ishq Me Daulat Saari Na Luta Dena,

    Mummy Papa K Arman Khak Me Mat Mila Dena,

    Ghr Se Mile H Paise Sabzi K Liye Beta,

    Bazar Jakar apni girl friend Ka Recharge Na Kra Dena….!!!

    अखिल- तो दोस्तों, अब हमारा जाने का वक्त हो चला है... अगले हफ्ते हम फिर लौटेंगे, इसी समय, इसी दिन अपनी मस्ती की पाठशाला लेकर। हम हमेशा यही कामना करते हैं कि आप सभी हर दिन हंसते रहें, मुस्कराते रहें, और ढेर सारी खुशियां बांटते रहें। क्योंकि आप तो जानते ही हैं कि Laughing and Happiness are the best medicine यानि हंसना और खुशिया सबसे बढ़िया दवा है। तो आप Always be happy.... हमेशा खुश रहो.....और सुनते रहो हर रविवार, सण्डे की मस्ती। आप हमें लेटर लिखकर या ई-मेल के जरिए अपनी प्रतिक्रिया, चुटकुले, हंसी-मजाक, मजेदार शायरी, अजीबोगरीब किस्से या बातें भेज सकते हैं। हमारा पता है hindi@cri.com.cn। हम अपने कार्यक्रम में आपके लैटर्स और ईमेल्स को जरूर शामिल करेंगे। अभी के लिए मुझे और लिली जी को दीजिए इजाजत। गुड बॉय, नमस्ते।


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