बोआओ शहर चीन के हाईनान द्धीप के पूर्वी तट पर स्थित है। यह प्रांतीय राजधानी हाईकोउ से करीब एक घण्टे और मशहूर सानया शहर से दो घण्टे की दूरी पर है। बोआओ शहर बोआओ फोरम फारॅ एशिया जोकि एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है, के लिए प्रसिद्ध है। वहाँ सैकड़ों बड़े-बड़े होटल और पर्यटन स्थल हैं। पर्यटन-सुविधाएं भी अच्छी तरह से विकसित हुई हैं। सभी प्रकृति प्रेमियों के लिए यहां के पवित्र, अछूते तट अत्यंत सुंदर और आकर्षण का केन्द्र हैं।
बोआओ की दन्तकथा
चीनी दन्कतथा में बोआओ का उल्लेख है। काफी समय पहले, दक्षिण चीनी सागर के ड्रैगन राजा आओ छीन की छोटी पुत्री ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम आओ रखा गया। हालांकि उसका जन्म समृद्धि का एक शानदार अवसर के साथ हुआ। आओ दिखने में काफी असाधारण था। उसका ड्रैगन का सिर, कछुऐ की कमर और शेर की पूंछ होने से एक अजीब जन्तु सा लगता था।
अजीब जन्तु सा दिखने की वज़ह से ड्रैगन राजा को बड़ा गुस्सा आया और आओ को और उसकी मां को द्वीप से चले जाने को कहा। राजा ने प्रवेश द्वार के सामने अपना हरिताश्म पट्टा यानि जेड़ बेल्ट बिछा दिया ताकि वे दक्षिण चीनी सागर दोबारा न लौट पायें। यह पट्टा जेड़ बेल्ट समुद्र तट में बदल गया जो आज सोफितल बोआओ के सामने पड़ा नज़र आता है।
अपने पिता ड्रैगन राजा को आओ को स्वीकार कराने में असफल होने के बाद अत्यन्त दु:खी ड्रैगन राजा की बेटी ने खुद को पर्वत में बदल लिया, जिसे आज लोंगथान पर्वत कहा जाता है। अपनी माँ के चले जाने से आओ को सदमा लगा, और वह इतना क्रोधित हो गया कि उसने खुद बोआओ में रहने वाले लोगों के लिए कड़ी मेहनत की।
यह ख़बर सुनकर, कृपा करने वाली देवी, कुआन-यीन द्वीप पर प्रकट हुई, और आओ को शांत किया और उसे ड्रैगन में बदल दिया। आओ को मौलिक शरीर, ड्रैगन के सिर के साथ कछुआ, तोंगयु द्वीप बन गया, जो आज सोफितल बोआओ का स्थल है। द्वीप का आकाशीय चित्र से कछुआ का आकार नज़र आता है। ऐसा लगता है मानो कि मध्य पृथ्वी से पूंछ हो, हालांकि सच है या नहीं पर बोआओ अभी तक अनुठा है जैसे हाईनान के कोने में सो रहा हो।