अखिल- दोस्तों, हमें बहुत खुशी हैं कि आप हमारा प्रोग्राम सुनते हैं और अपनी प्रतिक्रिया हम तक पहुंचाते हैं। हमारा धन्यवाद स्वीकार कीजिए। हम आशा करते हैं कि आप आगे भी हमारे कार्यक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया और कमेंट भेजते रहेंगे।
लिली- चलिए दोस्तों... अभी हम आपको सुनवाते हैं एक चाइनिज सोंग...। इस गीत के बोल हैं ai wo haishi ta। इस गाने में एक लड़के ने एक लड़की से पूछा कि क्या तुम मुझसे प्यार करती हो या दूसरे लड़के से प्यार करती हो। प्यार में मौन होने की बजाय इनकार का जवाब लेना ज़्यादा अच्छा लगता है।
अखिल- वैल्कम बैक दोस्तों, आप सुन रहे हैं संडे के दिन, मस्ती भरा कार्यक्रम संडे की मस्ती Only on China Radio International
अखिल- दोस्तों, दुनियाभर में मूनवॉकर के नाम से जाने जाने वाले माइकल जैक्सन के करोड़ो फैन हैं। उनके डांस स्टाइल का हर कोई मुरीद है। लेकिन भारत में उनका एक जबरदस्त फैन है जो उनके डांस स्टाइल की मदद से लोगों को ट्रैफिक रूल का पालन करने की अपील करता है। यह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर है। इनके डांस से सैकड़ो गाड़ियां रूक जाती हैं।
इंदौर के की सड़को पर ट्रेफिक इंस्पेक्टर रंजीत सिंह जब अपनी सीटी की धुन पर थिरकते हुए लोगों को आने जाने का संकेत देते हैं तो हर कोई उनके संकेतों का पालन करता है। यही नहीं कुछ लोग सड़क के किनारे खड़े होकर उनके डांस मूव का लुत्फ भी उठाते हैं।
लिली- हा हा हा.. बहुत ही जबरदस्त फैन है यह ट्रेफिक इंस्पेक्टर। बढिया बात है।
अखिल- दोस्तों, सचिन तेंदुलकर ने अपने 200वें और अंतिम टेस्ट में जो जर्सी पहनी थी, वह नीलामी में छह लाख रुपये में बिक गई. जोधुपर के उमेद भवन पैलेस में आयोजित नीलामी में जोधपुर के पूर्व शासक गज सिंह द्वितीय के बेटे शिव राज सिंह ने शनिवार रात इस जर्सी के लिए बोली लगाई.
तेंदुलकर ने नवंबर 2013 में मुंबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना 200वां टेस्ट खेलने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. इस नीलामी में तेंदुलकर की जर्सी के साथ परेश मैटी की पेंटिंग साढ़े सात लाख रुपये में बिकी. इस नीलामी में कई दूसरी चीजों की भी बोली लगी. इससे लगभग 80 लाख रुपये जुटाए गए.
नीलामी से होने वाली कमाई इंडियन हेडन इंजरी फाउंडेशन को दी जाएगी, जो सिर और दिमाग की चोट से पीडि़त लोगों के प्रति जागरूकता फैलाने के अलावा उनके लिए संसाधन भी जुटाती है.
लिली- यह तो बहुत ही अच्छी बात बतायी आपने है अखिल जी। चलिए मैं बताती हूं कि कुत्तों से तेज होती है हाथियों की याद्दाश्त।
दोस्तों, दुनिया भर की जांच एजेंसियां अपराधियों, आतंकवादियों और विस्फोटकों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों की मदद लेती हैं, लेकिन एक नई स्टडी में रोचक खुलासा हुआ है. स्टडी से पता चला कि इस काम में हाथी कुत्तों से कहीं बेहतर साबित हो सकते हैं. कुत्तों के मुकाबले हाथी विस्फोटकों का सटीक पता लगा सकते हैं और ट्रेनिंग में बताईं बातें याद रखने में वे कुत्तों से बेहतर साबित हो सकते हैं.
हाथियों का इस्तेमाल संकटग्रस्त इलाकों में बारूदी सुरंगों का पता लगाने में किया जा सकता है और वे ड्रोन के जरिए काफी दूर से ही इस काम को अंजाम देने की क्षमता भी रखते हैं. यह स्टडी दक्षिण अफ्रीका में की गई, जिसमें अमेरिकी सेना भी शामिल थी. स्टडी के दौरान हाथी जब अपना अगला पैर उठाकर टीएनटी विस्फोटक का पता लगाने का संकेत देते थे तो उन्हें पुरस्कार के तौर पर उनका पसंदीदा स्वादिष्ट फल खिलाया जाता था.
इस रिसर्च को आर्थिक मदद देने वाली अमेरिकी सेना के रिसर्च ऑफिस के मुख्य वैज्ञानिक स्टीफेन ली के मुताबिक, ' हाथी इस काम में काफी तेज हैं.' उन्होंने बताया कि हाथी ट्रेनिंग में सिखाईं बातें कुत्तों के मुकाबले ज्यादा वक्त तक याद रखते हैं. पिछले साल हुई एक रिसर्च में इस बात की पुष्टि हुई थी कि सभी जानवरों में हाथियों में सूंघने की क्षमता सर्वाधिक होती है. हाथियों में सूंघने के लिए ही लगभग दो हजार क्रोमोजोम होते हैं, जो कुत्तों की अपेक्षा दोगुने और मनुष्यों की तुलना में पांच गुना ज्यादा हैं.









