Web  hindi.cri.cn
छिंगदाओ मेरी नज़र से....डे थ्री
2012-09-03 09:41:05

दोस्तों, आपको याद होगा कल मैं बात कर रही थी कि हम कहीं भी जाएँ वो वहाँ के लोग ही होते हैं जो हमें अपने देश, शहर, गाँव या कस्बे की मीठी यादें दे विदा करते हैं। छिंगदाओ में हमारे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। आपको याद होगा मैंने अपने पहले दिन की यात्रा में आपसे एक ऐतिहासिक गली का जिक्र किया था। उस रात उस गली के बाहर हमारी मुलाकात एक आदमी से हुई जो आज हमारा सबसे अच्छा और पक्का मित्र बन गया है। हुआ यूँ कि वे उस गली के बाहर खड़े फोटो खींच रहे थे और हमें उनके फोटो बहुत अच्छे लग रहे थे। कुछ देर संकोच के बाद हम उनसे बातें करने लगे और बातों-बातों में हमने उनसे अगले दिन मिलने के लिए पूछा तो पहले वे भी संकोच कर रहे थे लेकिन हमें उन्होंने 'हाँ' कहा और हम उनसे विदा लेकर होटल चल दिए। अगले दिन और आज का दिन उन्होंने हमारे साथ बिताया हमारी कुछ द बेस्ट फोटो खींची और छिंगदाओ की कुछ ऐसी खूबसूरत स्थलों की सैर करवाई जिसे हम खुद न कभी ढूँढ़ पाते और न देख। बिना किसी स्वार्थ के उन्होंने हमें अपने दो दिन दिए और इस अजनबी शहर में हमारे इस अजनबी दोस्त ने छिंगदाओ की सैर में चार चांद लगा दिए और एक बार फिर एहसास दिलवाया कि इंसानीयत इन नेक दिल लोगों के कारण आज भी कायम है और इस मतलबी दुनिया में राह चलते आपको कोई ऐसा मिल जाता है जो अपनों से लाख गुना ज़्यादा अपना बन जाता है। हमारी मुलाकात कब, किससे और कहाँ हो जाए इसे मुकद्दर का खेल नहीं कहेंगे तो और क्या। एक बात और कबूल करना चाहूँगी कि जब हमने उनसे दुबारा मिलने के लिए कहा तो पहले हमें विश्वास नहीं हो रहा था कि वे आएँगे या नहीं, फिर उसके अगले दिन जब वे हमारी फोटो खींचने लगे तो दिल के एक कोने में शक जागने लगा कि क्या ये सही इंसान हैं? लेकिन आज मुझे ये सोचकर बुरा लग रहा है कि मैं ऐसा सोच भी कैसे सकती हूँ। हम हमेशा कहते हैं कि फोटो में या वीडियो में किसी जगह की खूबसूरती इतनी नहीं पता चलती जितना कि आप उसे खुद प्रत्यक्ष अपनी आँखों से न देख लें लेकिन आज अपने इस अजनबी दोस्त के फोटो देख मैं यकीनन कह सकती हूँ कि हम जो दृश्य अपनी आंखों से देख रहे थे वो उतने सुंदर नहीं दिख रहे थे जितने की वे हमारे इस अजनबी दोस्त के कैमरा में सुंदर दिख रहे थे। पहली बार प्रत्यक्ष को कैमरा के लैंस ने हरा दिया। दोस्तों, यही है चीन, चीन के लोग, चीन का प्यार-सत्कार-दुलार जिसे अनुभव कर मैं गदगद हो गई और सलाम करती हूँ यहाँ के लोगों को जो अपने देश से करते हैं बेइंतहा प्यार और खुली बाँहों से करते हैं हमें स्वीकार। वे कभी भी आपको निराश नहीं करेंगे और आप अपने साथ लेकर जाएँगे सुनहरी-मीठी यादें। मैं अपने इस लेख के साथ उनकी तस्वीर भी भेज रही हूँ। आप ज़रूर देखिएगा। आज बहुत देर हो गई है इसलिए आज हमने कहाँ की सैर की इसे जानने के लिए आपको आना पड़ेगा दुबारा यहाँ। तो प्लीज आएगा, मैं आपका इंतज़ार करूँगी।

हेमा कृपलानी

आप की राय लिखें
Radio
Play
सूचनापट्ट
मत सर्वेक्षण
© China Radio International.CRI. All Rights Reserved.
16A Shijingshan Road, Beijing, China. 100040